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शासकीय
सेवा
में
आए
अधिकारियों
की
महत्वपूर्ण
जिम्मेदारी
समाज
के
कमजोर
वर्ग
के
कल्याण
के
लिए
संचालित
योजनाओं
का
लाभ
उन्हें
प्रदान
करवाने
तथा
देश
एवं
राज्य
के
विकास
की
होती
है।
गरीबी
के
उन्मूलन
एवं
विकास
की
गतिविधियों
को
आगे
बढ़ाने
में
सुशासन
की
महत्वपूर्ण
भूमिका
है।
यह
बात
भोपाल
में
चार
सितंबर
को
उत्तरप्रदेश
के
राज्यपाल
श्री
बनवारी
लाल
जोशी
ने
अखिल
भारतीय
एवं
केन्द्रीय
सेवाओं
के
87वें
आधारभूत
प्रशिक्षण
का
शुभारंभ
करते
हुए
कही।
आर.सी.व्ही.पी.
नरोन्हा
प्रशासन
अकादमी
में
प्रशिक्षण
के
उद्घाटन
में
सामान्य
प्रशासन
राज्यमंत्री
श्री
कन्हैयालाल
अग्रवाल
विशिष्ट
अतिथि
थे।
राज्यपाल
श्री
जोशी
ने
कहा
कि
प्रशासनिक
अधिकारियों
की
जिम्मेदारी
अल्पसंख्यक,
महिलाओं,
अनुसूचित
जाति
एवं
जनजाति,
समाज
के
अन्य
कमजोर
वर्ग
के
हित
का
संरक्षण
भी
है।
इसके
लिए
उन्हें
ग्लोबलाईजेशन
के
इस
युग
में
इन
लोगों
के
हित
संरक्षण
के
लिए
उन्हें
प्रशिक्षित
एवं
दक्ष
बनाना
चाहिए।
विभिन्न
विकास
योजनाओं
को
गति
देने
के
लिए
उन्हें
पूरी
ईमानदारी
से
प्रयास
करने
के
साथ
ही
आम
जनता
को
भी
इसमें
भागीदार
बनाना
चाहिए।
उन्होंने
अपेक्षा
की
कि
अधिकारियों
को
प्रशिक्षण
में
इन
सब
बातों
को
समझने
का
अवसर
मिलेगा।
राज्यमंत्री
श्री
अग्रवाल
ने
कहा
कि
प्रशासन
अकादमी
भोपाल
में
अखिल
भारतीय
एवं
केन्द्रीय
सेवाओं
के
अधिकारियों
को
प्रशिक्षण
प्रदान
करने
आवश्यक
सुविधाएँ
उपलब्ध
करवायी
गयी
हैं।
उन्होंने
मध्यप्रदेश
सरकार
द्वारा
प्रदेश
के
विकास
एवं
लोगों
के
कल्याण
के
लिए
संचालित
योजनाओं
एवं
कार्यक्रमों
की
विस्तार
से
जानकारी
दी।
श्री
अग्रवाल
ने
बताया
कि
सरकार
के
प्रयास
से
प्रदेश
की
वार्षिक
विकास
दर
12
प्रतिशत
एवं
कृषि
विकास
दर
18
प्रतिशत
बढ़ी
है।
राज्य
की
लाड़ली
लक्ष्मी
योजना,
मुख्यमंत्री
कन्यादान
तथा
तीर्थ
दर्शन
योजना
की
सराहना
अन्य
राज्यों
ने
भी
की
है।
महानिदेशक
प्रशासन
अकादमी
श्रीमती
आभा
अस्थाना
ने
उपस्थित
अतिथियों
एवं
प्रशिक्षु
अधिकारियों
का
स्वागत
किया।
अकादमी
संचालक
श्री
राकेश
अग्रवाल
ने
बताया
कि
15
सप्ताह
तक
चलने
वाले
इस
प्रशिक्षण
में
भारतीय
वन
सेवा
सहित
ग्यारह
अन्य
केन्द्रीय
सेवा
के
61
अधिकारी
भाग
ले
रहे
हैं।
विशेषज्ञ
फेकल्टी
के
माध्यम
से
विभिन्न
विषयों
के
बारे
में
जानकारी
देने
के
साथ
ही
ग्रामीण
क्षेत्र
में
फील्ड
प्रशिक्षण
भी
दिया
जाएगा।
राज्यपाल
श्री
जोशी
ने
प्रशिक्षु
अधिकारियों
को
देश
के
संविधान
के
प्रति
वफादार
एवं
सत्यनिष्ठ
रहने
की
शपथ
दिलवायी।
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