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मुख्यमंत्री
श्री
शिवराज
सिंह
चौहान
ने
कहा
है
कि
मध्यप्रदेश
सरकार
ने
प्रदेश
में
नवकरणीय
ऊर्जा
उत्पादन
के
लिए
विभिन्न
रियायतों
सहित
इस
क्षेत्र
में
उद्योग
लगाने
के
लिए
स्थान
चिन्हित
करने
के
साथ
ही
अन्य
सुविधाएँ
तय
की
हैं।
उन्होंने
कहा
कि
मध्यप्रदेश
में
नवकरणीय
ऊर्जा-
सोलर,
वायु,
बायोमास
और
छोटी
पनबिजली
योजनाओं
को
बढ़ावा
देने
के
लिए
भी
एक
नई
योजना
बनायी
गयी
है।
श्री
चौहान
नई
दिल्ली
में
6
सितंबर
को
नवीन
एवं
नवकरणीय
ऊर्जा
के
क्षेत्र
में
प्रदेश
में
निवेशकों
को
आमंत्रित
करने
के
लिए
एक
कार्यक्रम
में
बोल
रहे
थे।
उन्होंने
कहा
कि
प्रदेश
में
इस
क्षेत्र
में
निवेश
के
अच्छे
अवसर
उपलब्ध
हैं।
कार्यक्रम
में
मध्यप्रदेश
के
नवीन
एवं
नवकरणीय
ऊर्जा
मंत्री
श्री
अजय
विश्नोई
भी
शामिल
थे।
इस
अवसर
पर
श्री
चौहान
ने
ध्र्ध्र्ध्र्.थ्र्द्रदद्धड्ढड्ड.ड़दृथ्र्
वेबसाइट
भी
लांच
की।
श्री
चौहान
ने
निवेशकों
को
नवीन
एवं
नवकरणीय
ऊर्जा
के
क्षेत्र
में
निवेश
करने
के
लिए
आमंत्रित
करते
हुए
कहा
कि
प्रदेश
में
इस
क्षेत्र
में
अपार
संभावनाएँ
हैं।
श्री
चौहान
ने
बताया
कि
गुजरात
और
राजस्थान
के
बाद
मध्यप्रदेश
में
सूर्य
का
प्रकाश
काफी
लम्बे
समय
तक
आता
है
जिसका
दोहन
किया
जाना
चाहिये।
श्री
चौहान
ने
बताया
कि
पहले
मध्यप्रदेश
पिछड़े
राज्यों
की
श्रेणी
में
आता
था
लेकिन
अब
आठ
साल
में
हुए
विकास
कार्यों
से
विकसित
राज्यों
की
श्रेणी
में
आ
गया
है।
प्रदेश
की
विकास
दर
पिछले
साल
11.89
प्रतिशत
थी
और
कृषि
में
विकास
दर
18
प्रतिशत
हो
गयी
है।
मुख्यमंत्री
ने
कहा
कि
कृषि
को
लाभ
का
धंधा
बनाया
गया
है।
ऊर्जा
के
क्षेत्र
में
भी
काफी
तरक्की
हुई
है।
आज
मध्यप्रदेश
8
हजार
मेगावॉट
बिजली
का
उत्पादन
कर
रहा
है।
सन्
2013
तक
हर
गाँव
में
24
घंटे
बिजली
आपूर्ति
का
लक्ष्य
तय
कर
काम
शुरू
किये
गये
हैं।
नवीन
एवं
नवकरणीय
ऊर्जा
मंत्री
श्री
अजय
विश्नोई
ने
निवेशकों
को
नई
नीति
के
बारे
में
बताया
और
शासन
द्वारा
इस
क्षेत्र
में
उद्योग
लगाने
के
लिए
हरसंभव
सहायता
का
आश्वासन
दिया।
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