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लाभान्वित
हितग्राही |
|
वर्ष
2007-08
वर्ष
2008-09
वर्ष
2009-10
वर्ष
2010-11
वर्ष
2011-12
वर्ष
2012-13 |
40,854
1,86,803
2,13,874
3,05,228
3,80,260
15,333 |
| (अब
तक) |
11,42,352 |
|
बजट
राशि(करोड़
में) |
|
वर्ष
2007-08
वर्ष
2008-09
वर्ष
2009-10
वर्ष
2010-11
वर्ष
2011-12 |
26.00
134.99
250.36
323.46
575.12 |
वर्ष
2012-13
में |
1309.93
650.00 |
| व्यय
होने
वाली
कुल
राशि
-
959.93 |
मध्यप्रदेश
में
वर्ष
2007
से
संचालित
की
जा
रही
लाड़ली
लक्ष्मी
योजना
के
लिए
चालू
साल
के
बजट
में
सबसे
अधिक
650
करोड़
रुपये
का
प्रावधान
रखा
गया
है।
योजना
के
शुरुआती
वर्ष
2007-08
में
मात्र
26
करोड़
रुपये
का
बजट
प्रावधान
था।
बाद
के
वर्षों
में
बजट
राशि
में
क्रमशः
बढ़ोत्तरी
होती
रही,
जिससे
योजना
को
निरंतर
सफलता
और
लोकप्रियता
मिली।
वर्ष
2008-09
में
लाड़ली
लक्ष्मी
योजना
के
लिए
राज्य
सरकार
ने
बजट
में
108
करोड़
99
लाख
रुपये
की
वृद्धि
कर
उसे
134
करोड़
99
लाख
रुपये
किया।
वर्ष
2009-10
में
बजट
राशि
में
पुनः
115
करोड़
37
लाख
रुपये
की
वृद्धि
कर
उसे
250
करोड़
36
लाख
रुपये
किया
गया।
जन-समुदाय
से
लगातार
मिल
रही
सराहना
को
देखते
हुए
वर्ष
2010-11
के
बजट
में
323
करोड़
46
लाख
रुपये
की
राशि
रखी
गई।
पिछले
वर्ष
2011-12
में
योजना
पर
575
करोड़
12
लाख
रुपये
व्यय
किया
गया
था।
लाड़ली
लक्ष्मी
योजना
की
ग्राम-स्तर
तक
बढ़ती
लोकप्रियता
को
देखते
हुए
राज्य
सरकार
ने
चालू
वित्तीय
वर्ष
के
बजट
में
650
करोड़
रुपये
की
राशि
का
प्रावधान
किया
है।
योजना
के
प्रारंभ
होने
से
अब
तक
11
लाख
42
हजार
352
बालिकाओं
को
इसका
लाभ
मिला
है।
छोटे-छोटे
ग्रामों
तक
अधिकाधिक
बालिकाओं
को
इसका
लाभ
दिलाये
जाने
के
प्रयास
निरंतर
जारी
हैं।
प्रदेश
सरकार
ने
लाड़ली
लक्ष्मी
योजना
के
सफल
क्रियान्वयन
के
लिए
559
पदों
का
नियमित
वेतनमान
में
सृजन
भी
किया
है।
राज्य
शासन
ने
इस
योजना
को
लोक
सेवा
गारंटी
अधिनियम
2010
के
अंतर्गत
शामिल
किया
हुआ
है।
इसके
तहत
पात्र
हितग्राही
को
30
दिन
में
प्रकरण
की
स्वीकृति
प्रदान
की
जाती
है।
योजना
के
प्रारंभिक
वर्ष
से
वर्ष
2011-12
तक
इसके
क्रियान्वयन
पर
13
अरब
9
करोड़
93
लाख
रुपये
खर्च
किये
जा
चुके
हैं।
चालू
वित्तीय
वर्ष
में
व्यय
होने
वाली
650
करोड़
रुपये
की
राशि
को
मिलाकर
अगले
मार्च,
2013
तक
इस
पर
19
अरब
59
करोड़
93
लाख
रुपये
खर्च
होंगे,
जो
बालिकाओं
के
हित
में
अपने
आप
में
एक
नया
रिकार्ड
होगा।
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