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मध्यप्रदेश
की
सांस्कृतिक
नगरी
उज्जैन
में
राष्ट्रीय
संस्कृत
साहित्योत्सव
आयोजित
किया
जायेगा।
इस
संबंध
में
31
जुलाई
को
भोपाल
में
एक
उच्च-स्तरीय
बैठक
हुई।
बैठक
में
उच्च
शिक्षा
एवं
संस्कृति
मंत्री
श्री
लक्ष्मीकांत
शर्मा
एवं
स्कूल
शिक्षा
मंत्री
श्रीमती
अर्चना
चिटनीस
विशेष
रूप
से
उपस्थित
थीं।
संस्कृत
साहित्योत्सव
के
लिए
मुख्यमत्री
श्री
शिवराज
सिंह
चौहान
की
अध्यक्षता
में
एक
केन्द्रीय
आयोजन
समिति
का
गठन
किया
जायेगा।
उत्सव
आगामी
फरवरी
में
होगा।
संस्कृत
साहित्योत्सव
में
पूरे
देश
से
संस्कृत
विद्वान
शामिल
होंगे।
बड़ी
संख्या
में
संस्कृत
पुस्तकों
का
विमोचन
होगा।
संस्कृत
पुस्तकों
की
प्रदर्शनी
के
साथ
ही
सेमीनार,
वर्कशॉप
और
संस्कृत
भाषा
एवं
साहित्य
के
शिक्षण
में
आने
वाली
समस्याओं
के
साथ
ही
संस्कृत
के
विद्वानों,
लेखकों
एवं
प्रकाशकों
के
समक्ष
आने
वाली
चुनौतियों
के
समाधान
पर
भी
विचार
किया
जायेगा।
इस
उत्सव
में
देश
की
अन्य
भाषाओं
के
विद्वानों
से
भी
विचार-विमर्श
होगा।
उत्सव
के
आयोजन
में
संस्कृत
प्रमोशन
फाउंडेशन,
राष्ट्रीय
संस्कृत
संस्थान,
मध्यप्रदेश
शासन,
कालिदास
अकादमी,
महर्षि
पाणिनी
संस्कृत
एवं
वैदिक
विश्वविद्यालय,
पंतजलि
संस्कृत
प्रतिष्ठान,
सभी
संस्कृत
विश्वविद्यालयों
आदि
की
भागीदारी
होगी।
साहित्य
उत्सव
का
उदेश्य
संस्कृत
के
नये
और
युवा
लेखकों
को
सामने
लाना
है।
इसके
साथ
ही
संस्कृत
साहित्य
के
विकास
के
लिए
रीडिंग
और
टीचिंग
मटेरियल
तैयार
करने
की
नई
पहल
इस
उत्सव
की
प्राथमिकता
होगी।
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