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एक माह चलेगा धान खरीदी पंजीयन

इस साल खरीफ सीजन में धान एवं मोटे अनाज की खरीदी के लिए किसानों का पंजीयन एक माह तक चलेगा। धान उपार्जन की प्रक्रिया भी ई-उपार्जन से होगी। यह जानकारी खाद्य, नागरिक आपूर्ति राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री पारस जैन द्वारा दी गई। उन्होंने भोपाल में 2 अगस्त को बताया कि धान एवं मोटे अनाज के उपार्जन के लिए किसानों का पंजीयन 16 अगस्त से शुरू होगा जो 15 सितंबर तक चलेगा।

शासन ने समस्त जिला कलेक्टर को धान ई-उपार्जन के लिए निर्धारित समय-सीमा में कार्यवाही के निर्देश दिए हैं।

श्री पारस जैन ने बताया कि किसानों का पंजीयन संबंधित समिति द्वारा प्रत्येक निर्धारित खरीदी केन्द्र पर किया जाएगा। कलेक्टर प्रत्येक खरीदी केन्द्र के लिए खरीदी का क्षेत्र (सर्विस एरिया) का निर्धारण करेंगे। किसानों के बीच खरीदी केन्द्र का व्यापक प्रचार-प्रसार मुनादी आदि द्वारा करवाने के निर्देश कलेक्टरों को दिए गए हैं। जन-प्रतिनिधियों को भी इससे अवगत करवाने को कहा गया है। किसानों का पंजीयन खरीदी केन्द्र स्तर पर करने को कहा गया है। यह भी अनिवार्य होगा कि किसान की भूमि जिस सर्विस एरिया में स्थित हो, पंजीयन भी उसी खरीदी केन्द्र में किया जाए, जो किसान अपने खरीदी केन्द्र में परिवर्तन करवाना चाहेंगे, वे एक से दस अक्टूबर के बीच समिति के स्तर पर खरीदी केन्द्र में परिवर्तन करवा सकेंगे। यह परिवर्तन एक ही बार किया जा सकेगा।

श्री जैन के अनुसार पंजीयन के बाद किसान की ऋण पुस्तिका में पंजीयन के बारे में प्रविष्टि करवाई जाएगी। इससे एक किसान का एक बार एक ही खरीदी केन्द्र पर पंजीयन सुनिश्चित हो सकेगा। पटवारी से समस्त पंजीयनों का, तहसीलदारों द्वारा 10 प्रतिशत एवं एसडीएम से 5 प्रतिशत पंजीयन का फील्ड वेरीफिकेशन विशेष रूप से बोनी क्षेत्रफल का प्रमाणीकरण अनिवार्यतः करवाया जाएगा। बाद में पुनः संशोधित जानकारी की प्रविष्टि ऋण पुस्तिका में करवाई जाएगी।

श्री पारस जैन ने बताया कि निर्धारित खरीफ उपार्जन केन्द्रों पर 8 अगस्त तक हार्डवेयर आदि की व्यवस्थाएँ जिला कलेक्टरों द्वारा सुनिश्चित की जाएंगी। खरीफ की खरीदी प्रक्रिया वही होगी जो रबी के लिए निर्धारित थी। यह अनिवार्य नहीं किया गया है कि किसानों द्वारा सहकारी समिति में अपना खाता खुलवाया जाए। कलेक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि किसानों को भुगतान की सुविधा की दृष्टि से वे 15 अगस्त तक उन्हें सहकारी समिति में खाता खुलवाने के लिए प्रोत्साहित करें। उन्होंने बताया कि खरीफ उपार्जन के लिए जिन विभाग/संस्थाओं को कार्यों का दायित्व सौंपा गया है, उनमें एनआईसी, सहकारिता, राज्य नागरिक आपूर्ति निगम, को-ऑॅपरेटिव्ह बैंक आदि शामिल हैं।

 

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