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मुख्यमंत्री
श्री
शिवराज
सिंह
चौहान
ने
30
जुलाई
को
प्रदेश
के
अति
वृष्टि
से
प्रभावित
जिलों
का
हवाई
सर्वे
किया।
मुख्यमंत्री
श्री
चौहान
ने
अति
वृष्टि
से
हुए
नुकसान
का
जायजा
लिया।
उनके
साथ
मुख्य
सचिव
श्री
आर.
परशुराम
और
पुलिस
महानिदेशक
श्री
नंदन
दुबे
भी
थे।
मुख्यमंत्री
श्री
चौहान
ने
निर्देश
दिये
हैं
कि
प्रभावित
क्षेत्रों
में
राहत
कार्य
जारी
रखे
जायें।
क्षति
का
आकलन
प्रारंभ
किया
जाये।
उन्होंने
बाढ़
के
दौरान
लोगों
की
जान
बचाने
वाले
जवानों
और
अधिकारियों
को
बधाई
दी।
सेना
को
भी
सहयोग
के
लिये
धन्यवाद
दिया
है।
उन्होंने
जिला
प्रशासन
को
सतर्क
रहने
और
जनता
की
हर
संभव
मदद
करने
के
लिये
निर्देश
दिये
हैं।
उन्होंने
जन
हानि
के
प्रकरणों
में
मृतकों
के
परिवारों
को
डेढ़-डेढ़
लाख
की
आर्थिक
सहायता
देने
के
निर्देश
दिये।
अति
वृष्टि
से
हुए
नुकसान
की
जानकारी
केन्द्र
शासन
को
भेजी
जायेगी।
प्रदेश
में
पिछले
पाँच
दिनों
से
हो
रही
भारी
वर्षों
से
हरदा,
होशंगाबाद,
सीहोर,
शाजापुर,
देवास,
उज्जैन,
विदिशा,
दमोह
और
रायसेन
जिले
प्रभावित
हुए
हैं।
प्रदेश
में
बाढ़
के
कारण
11
जन
हानि
की
सूचना
है।
कई
स्थानों
पर
खेतों
और
मकानों
में
पानी
भर
गया
है।
मक्सी
और
उज्जैन
के
बीच
ग्राम
डिंगरौदा
में
नदी
और
नाले
के
बीच
फँसी
एक
बस
से
156
लोगों
की
जान
बचाई
गयी।
इसके
अलावा
ग्राम
करारिया
से
290
लोगों
को
शिफ्ट
किया
गया।
प्रदेश
के
प्रत्येक
जिले
में
आपदा
प्रबंधन
के
लिये
दल
बनाये
गये
हैं।
हरदा
और
उज्जैन
जिले
में
करीब
साढ़े
तीन
हजार
लोगों
को
राहत
शिविरों
में
रखा
गया
है।
राहत
कार्यों
के
लिये
पाँच
करोड़
से
अधिक
की
राशि
अग्रिम
रूप
से
उपलब्ध
करवा
दी
गयी
है।
मक्सी,
शाजापुर
में
भोपाल
से
आर्मी
यूनिट
भेजी
गयी।
प्रभावित
जिले
में
राहत
कैंप
चल
रहे
हैं।
राहत
शिविरों
में
करीब
तीन
हजार
लोग
हैं।
पशु
और
फसल
हानि
में
राहत
राशि
निर्धारित
की
जा
रही
है।
शाजापुर
में
भोपाल
संभाग
आयुक्त
द्वारा
तीन
मोटर
बोट
उपलब्ध
करवाईं।
हरदा
में
पानी
उतर
रहा
है
लेकिन
अभी
भी
पाँच-सात
फीट
पानी
घरों
में
है।
अब
तक
हरदा
में
7.5
इंच,
होशंगाबाद
में
6
इंच,
उज्जैन
में
5.5
इंच,
रतलाम
में
3
इंच
और
शाजापुर
में
4
इंच
वर्षा
हो
चुकी
है।
उज्जैन
जिले
में
तीन
जन
हानि
दीवार
गिरने
से
हुई
है।
सीहोर
तथा
देवास
जिलों
में
पानी
में
बह
जाने
से
एक-एक,
होशंगाबाद
में
चार
और
दमोह
में
दो
जन
हानि
हुई
है।
शाजापुर
जिले
के
करारिया
ग्राम
के
290
लोगों
को
सेना
की
मदद
से
निकाला
गया।
कमर्धिपुर
ग्राम
में
600
लोग
घिरे
थे।
डिंगरौदा
ग्राम
(मक्सी
के
पास)
जिला
देवास
में
दो
बस
में
कुल
164
व्यक्ति
फँसे
थे
व
2
ट्रक,
2
टाटा
मैजिक
चीलर
नदी
की
बाढ़
में
फँसे
थे।
इन
सभी
को
सुरक्षित
निकाला
गया।
ग्राम
सनकोटा
में
2
व्यक्तियों
को
मंदिर
की
छत
से
सुबह
सुरक्षित
निकाला
गया।
मुख्यमंत्री
ने
राहत
और
बचाव
के
राज्य
स्तर
पर
समन्वय
की
जिम्मेदारी
अपर
मुख्य
सचिव
गृह
श्री
इन्द्रनील
शंकर
दाणी
को
सौंपी
है।
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