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पहले
युवा
ओलिंपिक
खेलों
में
भारत
का
स्वर्ण
पदक
जीतने
का
गतिरोध
टूट
नहीं
पा
रहा
है
और
स्वर्ण
की
उम्मीद
माने
जा
रहे
मुक्केबाज
शिवा
थापा
को
बेंटम
वेट
वर्ग
(54
किग्रा)
के
खिताबी
मुकाबले
में
25
अगस्त
को
हारकर
रजत
से
संतोष
करना
पड़ा।
भारत
का
इन
खेलों
में
यह
आठवां
पदक
है
जिनमें
छह
रजत
और
दो
कांस्य
पदक
शामिल
हैं।
कई
भारतीय
खिलाड़ियों
के
स्वर्ण
पदक
से
चूकने
के
बाद
थापा
से
उम्मीद
की
जा
रही
थी
कि
वह
भारत
को
इन
खेलों
में
पहला
स्वर्ण
दिलाने
में
कामयाब
होंगे
लेकिन
वह
क्यूबा
के
रेमीरेज
रोबेसी
एलाय
से
2-5
से
हार
गए।
विश्व
के
नंबर
एक
मुक्केबाज
एलाय
ने
पहले
राउंड
में
बराबरी
की
टक्कर
रहने
के
बाद
अगले
दो
राउंड
में
भारतीय
मुक्केबाज
को
कोई
मौका
नहीं
दिया।
विश्व
युवा
चैंपियनशिप
के
रजत
विजेता
थापा
पहले
राउंड
की
समाप्ति
के
बाद
अपने
प्रतिद्वंद्वी
से
मात्र
एक
अंक
से
पीछे
थे
लेकिन
दूसरे
राउंड
के
बाद
स्कोर
क्यूबाई
मुक्केबाज
के
पक्ष
में
2-4
से
जा
चुका
था।
तीसरे
और
आखिरी
राउंड
में
क्यूबाई
मुक्केबाज
ने
अपनी
बढ़त
को
मजबूत
करते
हुए
5-2
पहुंचा
दिया
और
स्वर्ण
पदक
जीत
लिया।
भारत
की
इन
खेलों
में
अब
पदक
संख्या
आठ
पहंुच
चुकी
है।
महिला
पहलवान
पूजा
ढांढा
(60
किग्रा),
दुर्गेश
कुमार
पाल
(400
मी.
बाधा
दौड़),
एचएस
प्रणय
(बैडमिंटन),
अर्जुन
(डिस्कस
थ्रो),
यूकी
भांबरी
(टेनिस)
और
मुक्केबाज
शिवा
थापा
ने
रजत
पदक
जीते
हैं
जबकि
पहलवान
कादियान
सत्यव्रत
(100
किग्रा)
तथा
मुक्केबाज
विकास
(60
किग्रा)
ने
कांस्य
जीता
है।
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