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प्रदेश
में
तीन
साल
के
भीतर
घरेलू
उपभोक्ता
और
किसान
के
लिए
अलग-अलग
फीडर
स्थापित
संबंधी
कार्यवाही
पूर्ण
कर
ली
जायेगी।
इस
कार्य
पर
दस
हजार
करोड़
रुपये
खर्च
किए
जायेंगे।
यह
बात
वित्त
मंत्री
श्री
राघवजी
ने
ग्राम
हांसुआ
में
21
अगस्त
को
विद्युत
उप
केन्द्र
के
लोकार्पण
कार्यक्रम
को
सम्बोधित
करते
हुए
कही।
उन्होंने
बताया
कि
गांव
में
अलग-अलग
फीडर
स्थापित
किए
जायेंगे
जिसमें
से
3
फेस
फीडर
से
किसानों
को
सिंचाई
हेतु
कम
से
कम
आठ
घंटे
बिजली
प्रदाय
की
जायेगी।
इसके
अलावा
सिंगल
फेस
फीडर
से
घरों
के
लिए
24
घंटे
बिजली
उपलब्धता
को
सुनिश्चित
किया
जायेगा।
वित्त
मंत्री
ने
ग्रामीणों
से
आव्हान
किया
कि
वे
बिजली
का
सदुपयोग
करे
और
समय
पर
बिजली
बिलों
की
राशि
जमा
करें।
क्षेत्र
में
नए
विद्युत
उप
केन्द्र
के
प्रारंभ
हो
जाने
से
निश्चित
ही
वोल्टेज
जैसी
समस्या
से
निदान
मिला
है।
उन्होंने
ऊर्जा
विभाग
के
अधिकारियों
से
कहा
कि
वे
भी
इस
बात
को
सुनिश्चित
करें
कि
उपभोक्ताओं
को
मिलने
वाले
बिल
वाजिब
हों।
कार्यक्रम
में
विदिशा
नगरपालिका
अध्यक्ष
श्रीमती
ज्योतिशाह
ने
ग्रामीणों
से
अधिक
से
अधिक
पौधरोपण
कर
उनकी
रक्षा
के
दायित्व
का
निर्वाहन
करने
की
अपील
की।
जिला
पंचायत
सदस्य
श्री
सोहन
पाठक
ने
कहा
कि
बिजली
आज
की
सबसे
बड़ी
आवश्यकता
बन
गई
है
अत:
इसका
सदुपयोग
कर
समय
पर
बिलों
को
अदा
कर
हम
अपने
नैतिक
कर्तव्य
का
निर्वाहन
करें।
भाजपा
जिलाध्यक्ष
श्री
मुरलीधर
थावरानी
ने
कहा
कि
राज्य
सरकार
ने
अधिक
से
अधिक
बिजली
आपूतिर्
सुनिश्चित
कराने
के
उद्देश्य
से
नए-नए
संयंत्र
स्थापित
कराए
हैं
इसके
अलावा
गरीबों
एवं
किसानों
के
लिए
भी
नई-नई
योजनाओं
का
संचालन
किया
है।
अत:
हम
सबकी
नैतिक
जवाबदेही
है
कि
शासन
द्वारा
मुहैया
कराई
जा
रही
सुविधाओं
का
सदुपयोग
करें।
मध्यप्रदेश
मध्य
क्षेत्र
विद्युत
वितरण
कम्पनी
लिमिटेड
के
अधीक्षण
यंत्री
श्री
बी.के.
कुशवाह
ने
लोकापिर्त
विद्युत
उप
केन्द्र
का
पालन
प्रतिवेदन
प्रस्तुत
करते
हुए
बताया
कि
ग्राम
हांसुआ
में
हुए
लोकापिर्त
33/11
विद्युत
उपकेन्द्र
से
ग्राम
चिडोरिया,
गुरारिया,
भौरियां,
धारूखेड़ी,
मदनखेड़ी,
हांसुआ,
कछवा,
देवराजपुर,
कटसारा,
मुगोंद,
बरखेड़ा,
खाईखेड़ा,
जैतपुरा,
नहरयाई,
गाजीखेड़ी,
गोबरहेला,
खरबई,
परसौरा,
बेरखेड़ी
एवं
आस-पास
के
अन्य
ग्रामों
के
लोगो
को
लौ
वोल्टेज
की
समस्या
से
निजात
मिली
है।
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