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राज्य
शासन
द्वारा 5
सितम्बर 'शिक्षक
दिवस' के
अवसर पर
जिला स्तर
पर
शिक्षकों
को
सम्मानित
करने का
निर्णय
लिया गया
है। इसके
विस्तृत
निर्देश www.educationportal.mp.gov.in
पर दिये
गये हैं।
इसके
अंतर्गत
प्राथमिक
शाला से 2,
मिडिल
स्कूल से 2,
हाईस्कूल
से एक,
हायर
सेकेण्डरी
से एक,
परम्परागत
संस्कृत
पाठशाला
से एक,
परम्परागत
मदरसा से
एक तथा इन
संस्थाओं
में नि:शक्त
बच्चों के
अध्यापन
में
संलग्न
विशिष्ट
प्रशिक्षित
अथवा नि:शक्त
शिक्षक दो,
इस प्रकार
कुल 10
शिक्षकों
को
सम्मानित
किया
जायेगा।
जिला
स्तर पर
सम्मान के
लिये 10
वर्ष की
सतत सेवा
वाले
शिक्षक
तथा 15 वर्ष
की सतत
सेवा वाले
संस्था
प्रधान
एवं राज्य/राष्ट्रीय
स्तर पर
सम्मान के
लिये 15
वर्ष की
सतत सेवा
वाले
शिक्षक
तथा 20 वर्ष
की सतत
सेवा वाले
संस्था
प्रधान
पात्र
होंगे।
आवेदन
की
सम्पूर्ण
प्रक्रिया
ऑनलाइन
रहेगी।
इसके लिये
एजुकेशन
पोर्टल www.educationportal.mp.gov.in
पर शिक्षक
पोर्टल के
नाम से एक
मॉड्यूल
बनाया गया
है। इस पर
क्लिक
करने से
खुलने
वाले पेज
पर शिक्षक
द्वारा
स्वयं ही
प्रविष्टि
की जाना
है।
पोर्टल पर
विवरण
दर्ज करने
के लिये
किसी भी
शासकीय
विद्यालय
का शिक्षक
अपना
यूनिक
आईडी तथा
सविर्स
बुक
रजिस्ट्रेशन
के समय
जारी
पासवर्ड
के साथ
पोर्टल पर
लॉग इन कर
सकेगा।
अगर किसी
शिक्षक के
पास अपना
पासवर्ड
नहीं है तो
संबंधित
आहरण
वितरण
अधिकारी (डीडीओ)/जिला
प्रोग्रामर
से
पासवर्ड
प्राप्त
कर सकेगा।
प्राईवेट
विद्यालयों
के शिक्षक/संस्था
प्रधान
अपने
संकुल के
डीडीओ के
लॉग इन
पासवर्ड
द्वारा
डीडीओ की
सहायता से
पोर्टल पर
पंजीयन
करवाकर
अपनी
जानकारी
प्रविष्ट
करा
सकेंगे।
शासकीय
तथा
अशासकीय
शिक्षक/संस्था
प्रधान से
संबंधित
ऑॅनलाइन
प्रविष्टियां
तथा
प्रविष्टियों
का
सत्यापन
संबंधित
डीडीओ
द्वारा
किया
जायेगा।
डीडीओ
द्वारा
सत्यापित
विवरण को
जिला
स्तरीय
शिक्षक
सम्मान के
लिये
प्रस्ताव
के रूप में
मान्य
किया
जायेगा।
ऑॅनलाइन
प्रविष्ट
किये गये
सभी
प्रस्तावों
पर जिला
कलेक्टर
की
अध्यक्षता
में गठित
चयन समिति
द्वारा
गुण-दोष के
आधार पर
विचार कर
निर्धारित
संख्या
में जिला
स्तर पर
सम्मान के
लिये
शिक्षकों
का चयन
किया
जायेगा।
जिला
स्तरीय
गुणानुक्रम
की सूची के
आधार पर
राज्य
स्तर पर
सम्मान के
लिये
शिक्षकों
का चयन
राज्यस्तरीय
समिति
द्वारा
किया
जायेगा।
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