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मुख्यमंत्री
श्री
शिवराज
सिंह
चौहान ने
संभागायुक्तों
को
पारदशिर्ता,
तत्परता
और
संवेदनशीलता
के साथ
हितग्राहियों
को राज्य
शासन की
विकास
योजनाओं
का लाभ
पहुंचाने
के
निर्देश
दिये हैं।
उन्होंने
कहा कि
गरीब
समुदाय के
हित में
सुशासन और
सुराज की
स्थापना
सरकार की
सर्वोच्च
प्राथमिकता
है।
मुख्यमंत्री
श्री
चौहान 20
अगस्त को
मंत्रालय
में
संभागायुक्तों
एवं पुलिस
महानिरीक्षकों
की बैठक
में
संभागायुक्तों
से चर्चा
कर रहे थे।
बैठक में
सामान्य
प्रशासन
राज्यमंत्री
श्री के.एल.
अग्रवाल,
मुख्य
सचिव श्री
अवनि
वैश्य,
पुलिस
महानिदेशक
श्री एस.के.
राउत,
प्रमुख
सचिव,
संभागायुक्त
और पुलिस
महानिरीक्षक
उपस्थित
थे।
श्री
चौहान ने
संभागायुक्तों
से विकास
योजनाओं
एवं विकास
से जुड़े
मुद्दों
एवं निचले
स्तर पर
जनसेवाओं
के
प्रभावी
प्रदाय के
संबंध में
विस्तार
से चर्चा
की।
उन्होंने
योजनाओं
के
प्रभावी
क्रियान्वयन
एवं नई
व्यवस्थाएं
लागू करने
के संबंध
में
निर्देश
दिये।
मुख्यमंत्री
ने
संभागायुक्तों
से
मंत्रीगण,
जनप्रतिनिधियों,
अधिकारियों
सहित समाज
के सभी
वर्गों और
सम्प्रदायों
से परस्पर
संवाद एवं
सौहार्द्रपूर्ण
संबंध
बनाये
रखने के
निर्देश
दिये।
उन्होंने
कहा कि
अधिकारियों
एवं
कर्मचारियों
के प्रति
संवेदनशील
रहें और
उत्कृष्ट
कार्य
करने वाले
अधिकारियों-कर्मचारियों
को
प्रोत्साहित
करें।
उन्होंने
पारदशिर्ता
लाने के
लिये
सूचना
प्रौद्योगिकी
के
अधिकाधिक
उपयोग,
सूचना
प्रौद्योगिकी
आधारित
कार्य
संस्कृति
के लिये
वीडियो
कांफ्रेंसिंग
का उपयोग
करने के
निर्देश
दिये।
अंतर-विभागीय
संबंध के
अभाव में
महत्वपूर्ण
एवं
नीतिगत
विषयों पर
निर्णय
में हुई
देरी के
संबंध में
उन्होंने
कहा कि इस
स्थिति को
दूर करने
के लिये
समन्वय
बैठकों के
आयोजन को
निरंतरता
दी जाये।
साथ ही
उन्होंने
योजनाओं
के
प्रभावी
मूल्यांकन
एवं
विभागवार
मासिक
लक्ष्य
निर्धारित
करने की
रणनीति
बनाने की
बात कही।
मुख्यमंत्री
ने बताया
कि
मध्यप्रदेश
के प्रति
गौरव का
भाव जागृत
करने के
लिये
मध्यप्रदेश
दिवस एक
नवम्बर पर
व्यापक
जनभागीदारी
के साथ
भव्य
आयोजनों
की
श्रृंखला
शुरू की
जायेगी।
उन्होंने
वनवासी
सम्मान
यात्रा,
राजा भोज
सहस्त्राब्दी
महोत्सव
एवं
सिंहस्थ 2016
के आयोजन
की
तैयारियों
के संबंध
में
जानकारी
दी।
आओ
बनायें
अपना
मध्यप्रदेश
अभियान की
चर्चा
करते हुए
श्री
चौहान ने
कहा कि आओ
बनायें
अपना
मध्यप्रदेश
समितियों
के गठन के
साथ उनके
जिला और
संभाग
स्तरीय
सम्मेलन
आयोजित
करने की
तैयारियां
की जायें।
इन
समितियों
को
जनभागीदारी
से होने
वाले
कार्यों
की
जिम्मेदारी
दी जाये।
उन्होंने
कहा कि यह
अभियान
मध्यप्रदेश
के प्रति
भावनात्मक
लगाव
जागृत
करने का
अभियान
है।
मध्यप्रदेश
के
निर्माण
के लिये
प्रत्येक
गांव का
निर्माण
आवश्यक
है। इस
कार्य में
उन सभी
व्यक्तियों
को जोड़ने
के लिये
प्रोत्साहित
करें
जिनमें
अपने गांव
का विकास
करने की
दृढ़
इच्छा है।
उन्होंने
लोगों को
राहत देने
के लिये
जनसुनवाई
व्यवस्था
की
मॉनीटरिंग
करने और
लोगों की
समस्याओं
का
सकारात्मक
समाधान
करने के
निर्देश
दिये।
मुख्यमंत्री
ने कहा कि
मध्यप्रदेश
लोक
सेवाओं के
प्रदान की
गारंटी
अधिनियम-2010
के
क्रियान्वयन
की शुरुआत
25 सितम्बर
से की
जायेगी।
उन्होंने
कहा कि
मध्यप्रदेश
ऐसा लोक
हितैषी
कानून
बनाने
वाला देश
का पहला
राज्य है।
उन्होंने
संभागायुक्तों
से जमीनी
स्तर पर
अधिनियम
के
प्रभावी
क्रियान्वयन
के लिये
आवश्यक
तैयारियां
करने के
निर्देश
दिये।
उन्होंने
कहा कि लोक
सेवाओं को
अधिसूचित
करने की
प्रक्रिया
पूरी कर ली
गई है।
सेवाओं के
प्रदान की
समय-सीमा
निर्धारित
की जा रही
है। श्री
चौहान ने
इस कानून
की
जानकारी
का प्रसार
निचले
स्तर तक
करने के
निर्देश
देते हुए
कहा कि 25
सितम्बर
से 2
अक्टूबर
तक
अधिनियम
की
जानकारी
और समय-सीमा
में लोगों
को लोक
सेवाओं का
लाभ देने
के लिये
वृहद स्तर
पर
कार्यक्रम
आयोजित
किये
जायेंगे।
यह सुशासन
की दिशा
में
मध्यप्रदेश
का अनूठा
कदम होगा।
उन्होंने
संभागायुक्तों
को
कार्यक्रमों
की
तैयारियां
करने के
निर्देश
दिये।
मुख्यमंत्री
ने
संभागायुक्तों
को बताया
कि वे 25
सितम्बर
से वनवासी
सम्मान
यात्रा
आरंभ
करेंगे।
यह यात्रा
सभी
आदिवासी
विकासखंडों
में होगी।
उन्होंने
यात्रा की
आवश्यक
तैयारियां
करने के
निर्देश
देते हुए
कहा कि
प्रत्येक
आदिवासी
विकासखंड
में विशेष
दल गठित
किये
जायें जो
आवेदन
एकत्र
करेंगे।
यात्रा के
दौरान इन
आवेदनों
का
निराकरण
किया
जायेगा।
उन्होंने
कहा कि
वनवासी
परिवार के
लिये भूमि
एकमात्र
साधन है।
वन भूमि
अधिकार
अधिनियम
के
अंतर्गत
निरस्त
किये गये
दावों की
समय सीमा
में पुन:
जांच की
जायेगी
ताकि कोई
भी पात्र
व्यक्ति
अपने
अधिकार से
वंचित न
रहे।
मुख्यमंत्री
ने बताया
कि राज्य
शासन की
सामाजिक
सुरक्षा
योजनाओं
का लाभ
वंचित
वर्गों तक
पहुंचाने
के लिये
अक्टूबर
माह से
मार्च तक
गरीब
मेलों का
आयोजन
किया
जायेगा।
इन मेलों
में एक
स्थान पर
गरीबों और
वंचित से
संबंधित
योजनाओं
के हितलाभ-पत्र
एवं
सहायता
राशि
हितग्राहियों
को उपलब्ध
कराई
जायेगी।
उन्होंने
कहा कि
सुशासन का
पूरा लाभ
गरीबों को
मिलना
चाहिये।
मुख्यमंत्री
ने यह भी
दिये
निर्देश
-
मुख्यमंत्री
सड़क
योजना पर
समयबद्ध
अमल
सुनिश्चित
करने के
साथ ही
सड़कों
के
निर्माण
कार्य की
गुणवत्ता
का अपने
भ्रमण के
दौरान
निरीक्षण
करें।
-
मध्याह्न
भोजन
कार्यक्रम
के भोजन
की
गुणवत्ता
की अपने
निरीक्षण
के दौरान
स्वयं
जांच
करें।
कार्यक्रम
से
संलग्न
स्व-सहायता
समूहों
को समय पर
खाद्यान्न
की
उपलब्धता
और
पारिश्रमिक
के
भुगतान
का
निरंतर
पर्यवेक्षण
करें।
-
जलाभिषेक
अभियान
के
अंतर्गत
निमिर्त
जल-संरचनाओं
का भौतिक
सत्यापन
करवायें।
जल-संरचनाओं
में
पर्याप्त
पानी
रुकने के
बंदोबस्त
करें।
जहां
जरूरी हो
वहां
स्टापडेम
के कड़ी
शटर्स
लगवायें।
-
मनरेगा
की
मजदूरी
के समय पर
भुगतान
की
निगरानी
करें।
नागरिक
सुविधा
केन्द्रों
में
उपलब्ध
बैंकिंग
सुविधा
का भी इस
कार्य
में
उपयोग
सुनिश्चित
करें।
मनरेगा
के
कार्यों
का अपने
भ्रमण के
दौरान
अनिवार्यत:
निरीक्षण
करें।
-
अटल
बाल
आरोग्य
मिशन के
क्रियान्वयन
की
तैयारियों
को
प्राथमिकता
दें।
-
समाजसेवियों,
सामाजिक
संस्थाओं
और
गणमान्य
नागरिकों
को
आगनवाड़ियों
और
कुपोषित
बच्चों
को गोद
लेने के
लिये
प्रेरित
किया
जाये।
-
विद्युत
वितरण
कंपनियों
को चोरी
की
रोकथाम
और वसूली
में
सहयोग
करें।
-
जननी
सुरक्षा
योजना के
अंतर्गत
संस्थागत
प्रसव के
प्रेरकों
को पूरी
प्रोत्साहन
राशि का
प्रदाय
सुनिश्चित
करें।
-
स्वाईन
फ्लू की
रोकथाम
और उपचार
की
प्रभावी
व्यवस्थाएं
सुनिश्चित
करने के
साथ ही
जनता को
भी
जानकारी
दी जाये।
-
नवजात
शिशु गहन
चिकित्सा
इकाई की
स्थापना
को
प्राथमिकता
दें।
-
विकासखंडों
में पोषण
पुनर्वास
केन्द्र
प्रारंभ
करने को
प्राथमिकता
दें।
-
संस्थागत
प्रसव और
टीकाकरण
पर विशेष
ध्यान
दें।
-
जन
जागरूकता
के
माध्यम
से
परिवार
नियोजन
वर्ष की
सफलता
सुनिश्चित
की जाये।
-
प्रदेश
के सभी छह
मेडिकल
कॉलेजों
से
संबंधित
चिकित्सालयों
को आदर्श
चिकित्सालय
बनाने की
कार्ययोजना
बनाये।
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