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देश
में
मोबाइल
टेलीविजन
की बढ़ती
लोकप्रियता
को देखते
हुए सरकार
मोबाइल
टीवी के
बारे में
नीति
तैयार कर
रही है।
देश में
खास तौर पर
मोबाइल
टीवी का
शहरों में
तेजी से
विस्तार
हो रहा है।
एक अनुमान
के अनुसार
देश में 23
करोड़
मोबाइल
फोन
कनेक्शन
और करीब 12
करोड़
टेलीविजन
सेट हैं।
भारतीय
दूरसंचार
प्राधिकरण
(ट्राई) ने
टेलीविजन
को मोबाइल
पर देखने
के विचार
को
स्वीकृति
प्रदान की
है।
हथेली
पर होगी
टीवी
मोबाइल
टीवी
उपभोक्ताओं
के लिए
टेलीविजन
कार्यक्रमों
को देखने
का एक और
तरीका पेश
करेगी और
साथ ही साथ
डिजिटलाइजेशन
की चल रही
प्रक्रिया
का पूरक
बनेगी। एक
अनुमान के
अनुसार
देश में 2010
के अंत तक 50
से 80 लाख
मोबाइल
टीवी धारक
होंगे।
सूचना और
प्रसारण
मंत्रालय
के
सूत्रों
ने 2 मार्च
को नई
दिल्ली
में बताया
कि
मंत्रालय
मोबाइल
टीवी के
बारे में
नीति को
अंतिम रूप
दे रहा है।
मंत्रालय
का मानना
है कि
मोबाइल
टीवी
टेलीविजन
प्रसारण
के
डिजिटलाइजेशन
को बढ़ावा
देगा।
ट्राई ने
नए तरह के
मोबाइल
टीवी
ऑपरेटर का
भी सुझाव
दिया है।
मोबाइल
टीवी के
अगली
पीढ़ी के
प्रसारण
की दिशा
में कदम
बढ़ाते
हुए सूचना
प्रसारण
मोबाइल
टीवी की
शुरूआत के
बारे में
एक नीति
बना रहा
है।
ये
है मोबाइल
टीवी
मोबाइल
टीवी का
मतलब
डीवीबीएच,
डिजिटल
वीडियो
ब्रॉडकास्टिंग,
हैंडहेल्ड
और डीएमबी,
डिजिटल
मल्टीमीडिया
ब्रॉडकॉस्टिंग
जैसी
डिजिटल
ब्रॉडकॉस्टिंग
प्रौद्योगिकी
के जरिए
टीवी को
देखना है।
नोकिया ने
ऐसे
मोबाइल
फोन बाजार
में उतार
दिए हैं।
इन पर
दूरदर्शन
के 8
चैनलों को
देखा जा
सकता है।
ट्राई ने
मोबाइल
टीवी
सेवाओं के
लिए
स्पेक्ट्रम
की नीलामी
का
परामर्श
दिया था।
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