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राज्य
सरकार के
एक जनवरी 2006
से 31 अगस्त 2008
तक की अवधि
में
सेवानिवृत्त/दिवंगत
शासकीय
सेवकों के
पेन्शनरी
परिलाभों
का
निर्धारण/पुनरीक्षण
किया
जाएगा।
तद्नुसार,
वित्त
विभाग के 3
अगस्त 2009 को
जारी आदेश
के
प्रावधानों
के तहत
पेन्शन/परिवार
पेन्शन का
निर्धारण/पुनरीक्षण
किया
जाएगा। यह
निर्णय 4
मार्च को
भोपाल में
मुख्यमंत्री
श्री
शिवराज
सिंह
चौहान की
अध्यक्षता
में
सम्पन्न
मंत्रिपरिषद्
की बैठक
में लिया
गया।
मृत्यु सह
सेवानिवृत्ति
उपादान (ग्रेच्युटी)
की राशि का
निर्धारण
करने के
लिए अंतिम
माह का मूल
वेतन (वेतन
बैंड में
वेतन अ
ग्रेड पे)
गणना में
लिया
जाएगा।
तैंतीस
वर्ष की
अर्हकारी
सेवा पर
साढ़े
सोलह माह
की
उपलब्धियां
अथवा 10 लाख
रुपये, जो
भी कम हो,
देय होगा।
उपरोक्तानुसार
निर्धारित/पुनरीक्षित
पेन्शन/परिवार
पेन्शन
तथा
मृत्यु सह
सेवा
निवृत्ति
उपादान का
भुगतान
पेन्शन
भुगतानकर्ता
द्वारा
पूर्व में
किये गये
भुगतान को
समयोजित
करते हुए
किया
जाएगा।
पेन्शन/परिवार
पेन्शन की
देय राशि
की गणना
में एक
जनवरी 2006 से 31
अगस्त 2008 तक
महंगाई
राहत
शून्य
रहेगी।
छठवें
वेतनमान
में
निर्धारित
वेतन के
आधार पर
संबंधित
कार्यालय
द्वारा
सेवानिवृत्त/दिवंगत
शासकीय
सेवक को
अवकाश
नगदीकरण
का भुगतान
किया
जाएगा।
यदि पूर्व
में
भुगतान
किया गया
हो तो उसे
समायोजित
कर यह
भुगतान
होगा।
अजिर्त
अवकाश
नगदीकरण
के लिए मूल
वेतन (वेतन
बैंड में
वेतन-ग्रेड)
मासिक
उपलब्धियां
माना
जाएगा।
पेन्शन
सारांशीकरण
का
पुननिर्धारण
भी छठवें
वेतनमान
में
निर्धारित
वेतन तथा
मध्यप्रदेश
सिविल
सेवा (पेन्शन
का
कम्युटेशन)
नियम 1996 के
नियम आठ के
तहत शासन
की 7 फरवरी 2000
की
अधिसूचना
द्वारा
जारी
संशोधित
सारणी के
अनुसार
किया
जाएगा।
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