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राज्य
योजना
मंडल की
बैठक में 4
मार्च को
राज्य की
वर्ष 2010-11 के
लिए
प्रस्तावित
18014 करोड़
रुपये की
वार्षिक योजना को
मंजूरी दी
गयी।
इसमें
बुन्देलखंड
क्षेत्र
के लिए तथा
13वें
वित्त
आयोग की
अनुशंसा
के तहत
प्राप्त
होने वाली
अतिरिक्त
राशि
शामिल है।
राज्य
योजना
मण्डल की
मंत्रालय
में हुई
बैठक की
अध्यक्षता
मुख्यमंत्री
श्री
शिवराज
सिंह
चौहान ने
की। बैठक
में वित्त
मंत्री
श्री
राघवजी,
आयोग के
सदस्यगण
सर्वश्री-रामहित
गुप्ता,
सावित्री
सिंह,
प्रीतमलाल
दुआ और
सुधीर
गुप्ता,
मुख्य
सचिव श्री
अवनि
वैश्य तथा
विभिन्न
विभागों
के प्रमुख
सचिव एवं
अधिकारी
उपस्थित
थे।
मुख्यमंत्री
श्री
शिवराज
सिंह
चौहान ने
कहा कि स्वर्णिम
मध्यप्रदेश
के लिए
निर्धारित
सात
प्राथमिकताओं
तथा मंथन
की
सिफारिशों
के अनुरूप
योजनाओं
के लिए
निर्धारित
राशि का
पूरा-पूरा
उपयोग
सुनिश्चित
किया
जाये।
बैठक
में राज्य
योजना
मंडल के
सचिव श्री
देवेन्द्र
सिंघई ने
बताया कि
वार्षिक योजना 2010-11
में राज्य
का अंश 74
प्रतिशत
तथा
केन्द्र
का अंश
लगभग 26
प्रतिशत
होगा।
इसमें
ऊर्जा,
अधोसंरचना
विकास,
केन्द्र प्रवर्तित
योजनाओं,
जिला
योजनाओं,
मंथन की
सिफारिशों
तथा अन्य
महत्वपूर्ण
योजनाओं
के लिए
प्रावधान
सुनिश्चित
किए गए
हैं। जिला
सेक्टर की
योजनाओं
के लिए 40
प्रतिशत
राशि का
प्रावधान
किया गया
है। योजना
में
अनुसूचित
जनजाति
उपयोजना
के लिए 22.60
प्रतिशत
तथा
अनुसूचित
जाति
उपयोजना
के लिए 15.50
प्रतिशत
राशि का
प्रावधान
है।
राज्य
की वर्ष 2007-08
की योजना 12011
करोड़
रुपये, 2008-09
की
वार्षिक योजना 14061
करोड़
रुपये तथा
2009-10 की
वार्षिक योजना 16174
करोड़
रुपये की
थी। वर्ष 2010-11
की
प्रस्तावित
वार्षिक योजना 18014
करोड़
रुपये
पिछले
वर्ष के
मुकाबले 1840
करोड़
रुपये
अधिक है।
राज्य की
वर्ष 2010-11 की
प्रस्तावित
वार्षिक योजना
केन्द्रीय
योजना
आयोग की
स्वीकृति
के लिए
भेजी
जाएगी।
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