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|
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पाठकों
के लिए
तम्भ का
प्रकाशन
महीने
में दो
बार
किया जा
रहा है।
इस
स्तम्भ
के लिये
रोजगार
और
निर्माण
के
पाठकों
से
कॅरियर
संबंधी
सवाल
आमंत्रित
किये
जाते
हैं। इन
सवालों
के जवाब
महीने
में दो
बार
प्रोफेसर
जयंतीलाल
भंडारी
देते
हैं।
पाठक
अपने
सवाल
नीचे
दिये
पते पर
भेजकर
कॅरियर
संबंधी
जानकारी
प्राप्त
कर सकते
हैं।
पाठक
पत्र
लिखते
समय
पोस्टकार्ड
या
लिफाफे
के ऊपर 'हमसे
पूछिये'
कॉलम
जरूर
लिखें।
|
रोजगार
और
निर्माण
(हमसे
पूछिये)
40
प्रशासनिक
क्षेत्र,
अरेरा
हिल्स
भोपाल,
मध्यप्रदेश,
पिनकोड-462011
|
|
|
|
|
|
दसवीं
कक्षा
उत्तीर्ण
छात्रों
के लिए
निर्माण
उद्योग
विकास
परिषद,
नई
दिल्ली
द्वारा
विदिशा
में
चलाए जा
रहे
व्यावसायिक
एवं
रोजगारोन्मुखी
प्रशिक्षण
कार्यक्रमों
की
जानकारी
दें?
-
दक्ष
प्रजापति,
इंदौर,
संदीप
नीखरा,
भोपाल,
गणेश
शिंदे,
रायसेन,
अनवर
खान,
बुरहानपुर
|
|
|
निर्माण
उद्योग
विकास
परिषद,
नई
दिल्ली
छात्रों
के लिए
विशेष
कौशलपूर्ण
एवं
नवीनीकरण
के लिए
विशेष
व्यावसायिक
प्रशिक्षण
कार्यक्रम
चला
रही
है।
इसके
द्वारा
छह
प्रकार
के
पाठ्यक्रम
चलाए
जा रहे
हैं।
जो हैं-
निर्माण
कार्यक्षेत्र
भंडार
पालक,
निर्माण
कार्यक्षेत्र
भूमि
सर्वेक्षक,
निर्माण
कार्यक्षेत्र
सामान्य
कार्य
निरीक्षक,
निर्माण
कार्यक्षेत्र
परिमापक,
निर्माण
कार्यक्षेत्र
प्रयोगशाला
तकनीशियन
तथा
निर्माण
कार्यक्षेत्र
लेखा
अधिकारी।
सिविल
इंजीनियरिंग
प्रौद्योगिकी
विकास
केंद्र,
एसएटीआई,
विदिशा
में इस
हेतु
प्रशिक्षण
दिया
जा रहा
है।
प्रत्येक
पाठ्यक्रम
के लिए
इस समय
निर्धारित
सीटों
की
संख्या
30-30 है।
प्रशिक्षणाथिर्यों
को देश
में चल
रही
बड़ी-बड़ी
निर्माण
परियोजनाओं
में
नौकरी
की
पात्रता
है। ये
सभी
कोर्स 6-6
माह की
अवधि
के
हैं।
इनमें
से चार
महीने
कक्षा
के
पाठ्यक्रम
के लिए
तथा दो
महीने
उद्योग
विशेष
में
प्रशिक्षण
के लिए
हैं।
इन
पाठ्यक्रमों
में
प्रवेश
के
लिये
न्यूनतम
शैक्षणिक
योग्यता
10वीं
उत्तीर्ण
है।
आयु
सीमा 18
वर्ष
से
अधिक
होनी
चाहिए।
पाठ्यक्रम
शुल्क 3500
रुपए
है।
|
|
ऑनलाइन
प्रोड्यूसर
बनना
चाहता
हूँ।
कृपया
मार्गदर्शन
प्रदान
करें।
-
घनश्याम
शाह,
देवास
|
|
|
इलेक्ट्रॉनिक
मीडिया
में
परदे
पर कम
अपितु
परदे
के
पीछे
रोजगार
के
ज्यादा
अवसर
मौजूद
हैं और
इनमें
ऑनलाइन
प्रोड्यूसर
का काम
सबसे
ज्यादा
महत्वपूर्ण
होता
है।
कैमरामैन,
साउंड
रिकॉर्डर,
असिस्टेंट
प्रोड्यूसर,
ग्राफिक्स
आटिर्स्ट
आदि के
कायोर्ं
का
समन्वय
करने
वाले
को
ऑनलाइन
प्रोड्यूसर
कहा
जाता
है।
ऑनलाइन
प्रोड्यूसर
का
कोर्स
करने
के लिए
स्नातक
होना
जरूरी
है।
ऑनलाइन
प्रोडक्शन
का
कोर्स
करने
के बाद
कई
प्रायवेट
टीवी
चैनलों
में
प्रोडक्शन
असिस्टेंट
के रूप
में
इंटर्नशिप
भी
कराई
जाती
है,
जहाँ
आप
प्रोडक्शन
की
बारीकियाँ
सीख
सकते
हैं।
कोर्स
पूर्ण
करने
के बाद
सरकारी
एवं
प्रायवेट
चैनलों
में
रोजगार
की
उजली
संभावनाएँ
हैं।
यह
कोर्स
इन
संस्थानों
में
उपलब्ध
है-
-
फिल्म
एंड
टेलीविजन
इंस्टीट्यूट
ऑफ
इंडिया,
पुणे।
-
जेवियर
इंस्टीट्यूट
ऑफ
कम्युनिकेशन,
सेंट
जेवियर
कॉलेज,
मंुबई।
-
श्री
अरबिंदो
इंस्टीट्यूट
ऑफ मास
कम्युनिकेशन,
नई
दिल्ली।
|
|
बायोफिजिक्स
में
कॅरियर
के क्या
अवसर
हैं? यह
कोर्स
कहाँ
उपलब्ध
है?
-
तन्मय
राय,
विदिशा
|
|
|
बायोफिजिक्स
मूल रूप
से
चिकित्सा
विज्ञान
से
संबंधित
क्षेत्र
है
जिसमें
आनुवांशिकी,
सिस्टेमेटिक्स
इकोलॉजी
इफेक्ट्स,
बायोकेमेस्ट्री,
फिजियोलॉजी,
न्यूरोलॉजी,
फार्मास्युटिकल्स,
कृषि
आदि में
रोजगार
के
चमकीले
अवसर
हैं। इस
क्षेत्र
में
उच्च
अध्ययन
के
उपरांत
अध्यापन
में भी
कॅरियर
बनाया
जा सकता
है।
अनेक
शिक्षण
संस्थान
स्नातक
व
स्नातकोत्तर
स्तर पर
बायोफिजिक्स
से
जुड़े
पाठ्यक्रम
संचालित
कर रहे
हैं।
स्नातक
स्तर पर
प्रवेश
हेतु 12वीं
कक्षा
भौतिकी,
रसायन
तथा जीव
विज्ञान
विषयों
से
उत्तीर्ण
होना
चाहिए।
बायोफिजिक्स
के
कोर्स
संचालित
करने
वाले
प्रमुख
संस्थान
इस
प्रकार
हैं-
अखिल
भारतीय
आयुविर्ज्ञान
संस्थान,
नई
दिल्ली,
दिल्ली
विश्वविद्यालय,
दिल्ली
मद्रास
विश्वविद्यालय,
चेन्नई,
बाबा
साहेब
आम्बेडकर
मराठवाड़ा
विश्वविद्यालय,
औरंगाबाद।
|
|
मैं
अगरबत्ती
उद्योग
लगाना
चाहता
हूँ।
कृपया
जानकारी
प्रदान
करें?
-
भारतसिंह
पाटीदार,
पचोर (राजगढ़),
धर्मेन्द्र
यादव,
बड़वानी
|
|
|
अगरबत्ती
उद्योग
घर से ही
शुरू
किया जा
सकता
है। इस
हेतु
बहुत
ज्यादा
पूँजी
की भी
जरूरत
नहीं
होती
है।
अगरबत्ती
हर घर
में
प्रयुक्त
होती है
तथा
इसकी
माँग
सदा बनी
रहने
वाली
है।
अगरबत्ती
को दो
प्रकार
से
तैयार
कर
बाजार
में
बेचा जा
सकता
है। एक
थोक में
सूखी
अगरबत्ती
खरीदकर
उसे
सुगंधित
तेल में
डुबाकर
रीपैकिंग
कर
बाजार
में
बेचना।
सूखी
अगरबत्ती
25 से 40
रुपए
प्रतिकिलो
के
हिसाब
से
बाजार
में
मिलती
है।
दूसरा
बॉँस की
तीलियाँ
खरीदकर
उन पर
निर्धारित
फार्मूले
के
अनुसार
मसाला
लगाकर
अगरबत्ती
तैयार
करना।
अगरबत्ती
निर्माण
के लिए
लकड़ी,
सफेद
चंदन,
मैदा
लकड़ी,
लकड़ी
का
कोयला,
राल तथा
गूगल को
विभिन्न
अनुपात
में
मिलाकर
मसला
तैयार
किया
जाता
है।
बाँस की
तीलियों
पर
मसाला
चढ़ाकर
उसे
सुगंधित
बनाने
के लिए
सुगंधित
मिश्रण
में
डुबोया
जाता
है। सूख
जाने पर
उन्हें
पैक कर
विपणन
हेतु
प्रस्तुत
किया
जाता
है।
अगरबत्ती
निर्माण
से
कच्चा
माल
बाजार
या
इंदौर
से
प्राप्त
किया जा
सकता
है।
संबंधित
अगरबत्ती
उद्योग
की
स्थापना
से
संबंधित
विस्तृत
विवरण
के लिए
अपने
जिले
में
स्थित
जिला
उद्योग
एवं
व्यापार
केंद्र
से
संपर्क
करें।
|
|
चिप
डिजाइनिंग
क्या है?
इस
क्षेत्र
में
कॅरियर
के क्या
अवसर
हैं?
-
अनुपम
शर्मा,
मुरैना
|
|
|
कुछ
समय
पहले तक
मशीनें
जहाँ
बड़ी-बड़ी
प्लेट्स,
सेमी
कंडक्टर
और
ट्यूब
द्वारा
काम
करती
थीं आज
वहीं एक
छोटी
चिप ने
इनका
रूप ले
लिया
है।
सूचना
प्रौद्योगिकी
के
विकास
के चलते
चिप का
अविष्कार
हुआ
जिसका
सबसे
बड़ा
फायदा
यह हुआ
कि
यंत्र
हल्के
हो गए और
उनकी
कार्य
करने की
क्षमता
पहले से
कई गुना
बढ़ गई।
चिप
डिजाइनिंग
का
क्षेत्र
रोजगार
की
दृष्टि
से
व्यापक
हो चुका
है। सभी
कंप्यूटर
हार्डवेयर
कंपनियों
को चिप
डिजायनर
की
जरूरत
होती
है।
बैचलर
ऑफ
इलेक्ट्रॉनिक्स
इंजीनियर
या
फिजिक्स
में
स्नातकोत्तर
डिग्री
करने के
बाद चिप
डिजाइनिंग
कोर्स
में
दाखिला
लिया जा
सकता
है। चिप
लेवल
डिजाइनिंग
के लिए 12वीं
कक्षा
कम्प्यूटर
विषय के
साथ
न्यूनतम
50
प्रतिशत
अंकों
के साथ
उत्तीर्ण
होना
आवश्यक
है। यह
कोर्स 12
से 15
महीने
का होता
है।
आइबीएम,
इन्फोसिस,
सत्यम,
एचसीएल
जैसी
बड़ी
कंपनियों
में चिप
लेवल
इंजीनियरों
की भारी
माँग
है। चिप
डिजाइनिंग
का
पाठ्यक्रम
कराने
वाले
प्रमुख
संस्थान
हैं-
-
सेंटर
फॉर
डेवलपमेंट
ऑफ
एडवांस्ड
कम्प्यूटिंग
(सी-डेक),
नई
दिल्ली/नोएडा/पुणे/बेंगलुरु
हैदराबाद/चेन्नई/तिरुवनंतपुरम
और
कोलकाता।
-
जामिया
मिलिया
इस्लामिया,
नई
दिल्ली।
-
सीएडीटीआई,
निट
कैंपस,
कालीकट,
केरला।
-
बिट-मैपर
इंटीग्रेशन
टेक्नोलॉजी
प्रा.लि.,
पुणे।
|
|
कॅरियर
प्लानिंग
क्या है
तथा यह
कब की
जानी
चाहिए?
-
जयसिंह
ढाक,
रानापुर
(झाबुआ)
|
|
मैं
10वीं/12वीं
कक्षा
के बाद
व्यक्तिगत
कॅरियर
काउंसलिंग
करना
चाहता/चाहती
हूँ।
ऐसी
सुविधा
कहाँ
उपलब्ध
हो सकती
है?
-
अब्दुल
हफीज
अंसारी,
चन्दावरा
(शिवपुरी),
अनुराधा
सांवले,
सनावद (खरगोन)
|
|
|
कॅरियर
प्लानिंग
तथा
कॅरियर
काउंसलिंग
का
अर्थ
है-रुचि,
योग्यता
व
क्षमता
का
आकलन
करके
कॅरियर
के
सबसे
अच्छे
विकल्प
को
चुनना।
कॅरियर
को
ज्योतिष
और
भाग्य
के
भरोसे
नहीं
छोड़ा
जाना
चाहिए।
वास्तव
में
दसवीं
कक्षा
के बाद
ही
कॅरियर
प्लानिंग
की
जानी
चाहिए
ताकि
11वीं और
12वीं के
दो
वषोर्ं
में
निर्धारित
कॅरियर
की
तैयारी
के लिए
पर्याप्त
समय
दिया
जा
सके।
इतना
ही
नहीं
किसी
भी
डिग्री
की
पढ़ाई
करते
हुए या
किसी
भी
उम्र
में
कॅरियर
विकल्प
पर
अंतिम
निर्णय
लेने
में
कॅरियर
काउंसलिंग
उपयोगी
सिद्ध
होगी।
कॅरियर
प्लानिंग
कराने
वाले
देश
में
गिने-चुने
संस्थान
हैं।
स्कूल
एवं
कॉलेजों
के
विद्याथीर्
व्यक्तिगत
कॅरियर
काउंसलिंग
एवं
ग्रुप
कॅरियर
काउंसलिंग
के लिए 111,
गुमास्तानगर,
इंदौर
स्थित
प्रतिष्ठित
'कॅरियर
दिशा
मिशन'
से
संपर्क
कर
सकते
हैं।
|
|
मौसम
विज्ञान
में
पाठ्यक्रम
करना
चाहती
हूँ।
कृपया
जानकारी
प्रदान
करें।
-
शमिर्ला
राठी,
शाजापुर
|
|
|
जो
युवा
मौसम
विज्ञान
में
डिप्लोमा
या
स्नातकोत्तर
पाठ्यक्रम
करना
चाहते
हैं,
उनके
पास
भौतिक
एवं
गणित
विषयों
के साथ
स्नातक
डिग्री
होना
जरूरी
है।
मौसम
विज्ञान
पाठ्यक्रम
में
उम्मीदवारों
का चयन
प्रवेश
परीक्षा
के
द्वारा
होता
है। यह
प्रवेश
परीक्षा
अखिल
भारतीय
स्तर की
होती है,
जिसमें
मेरिट
के आधार
पर
विद्याथिर्यों
को
विभिन्न
राज्यों
के
कॉलेजों-विश्वविद्यालयों
में
प्रवेश
दिया
जाता
है।
भारतीय
मौसम
विज्ञान
में इस
क्षेत्र
के
विशेषज्ञों
को सबसे
ज्यादा
नौकरी
के अवसर
मिलते
हैं।
इसके
अलावा
लोक
निर्माण
विभाग,
विद्युत,
डाकतार
विभाग व
रेलवे
जैसे
कुछ
सार्वजनिक
उपक्रमों
में भी
मौसम
विशेषज्ञों
की
नियुक्ति
की जाती
है । साथ
ही साथ
सशस्त्र
सेना, नौ
सेना व
वायु
सेना
में भी
मौसम
संबंधित
जानकारी
के लिए
मौसम
वैज्ञानिकों
की
जरूरत
होती
है।
मौसम
विज्ञान
से
संबंधित
पाठ्यक्रम
इन
संस्थानों
में
उपलब्ध
हैं-
-
सेंटर
फॉर
एटमॉस्फेरिक
एंड
ओशोनिक
साइंस,
आईआईएम,
बेंगलुरु।
-
कोचीन
यूनिवसिर्टी
ऑफ
साइंस
एंड
टेक्नोलॉजी,
कोचीन,
केरल।
-
पंजाब
विश्वविद्यालय,
पटियाला,
पंजाब।
-
शिवाजी
विश्वविद्यालय,
विजयनगर,
कोल्हापुर,
महाराष्ट्र।
|
|
मैं
औषधीय
एवं
सुगंधित
पौधों
तथा
जड़ी-बूटियों
की
खेती
करना
चाहता
हूँ।
इस
बारे
में
प्रशिक्षण
एवं
जानकारी
कहाँ
से
प्राप्त
की जा
सकती
है?
-
इन्दरसिंह
जाट,
खुडैल (इंदौर)
|
|
|
उद्यमिता
विकास
केंद्र
द्वारा
समय-समय
पर
मध्यप्रदेश
के
विभिन्न
जिलों
में
औषधीय
एवं
सुगंधित
पौधों
तथा
जड़ी-बूटियों
की
खेती
एवं
व्यवसाय
से
संबंधित
तीन से
पाँच
दिन का
प्रशिक्षण
कार्यक्रम
आयोजित
किया
जाता
है।
केंद्र
के
मुख्यालय
भोपाल
में
प्रतिमाह
लगातार
प्रशिक्षण
कार्यक्रम
आयोजित
किए
जाते
हैं।
जिनकी
सूचना
भी
उद्यमिता
पत्रिका
में
प्रकाशित
की
जाती
है। आप
सुविधानुसार
प्रशिक्षण
प्राप्त
करने
हेतु
उद्यमिता
समाचार
पत्रिका
का
लगातार
अध्ययन
करते
रहें।
प्रशिक्षण
के
दौरान
उत्पादन
एवं
विपणन
से
संबंधित
जानकारी
के साथ-साथ
कहाँ
से
वित्तीय
सहायता
प्राप्त
की जा
सकती
है आदि
से
संबंधित
विस्तृत
जानकारी
भी
आपको
उपलब्ध
कराई
जाती
है।
|
|
मैं
टेलीविजन
एंकरिंग
के
क्षेत्र
में
कॅरियर
बनाना
चाहता/चाहती
हूँ।
कृपया
जानकारी
प्रदान
करें।
-
श्रीकांत
पालीवाल,
बैतूल,
उर्वशी
चौधरी,
नीमच
|
|
|
मनोरंजन
से
भरपूर
वर्तमान
दौर में
टेलीविजन
रोजगार
का
बेहतर
माध्यम
बन गया
है।
टेलीविजन
कार्यक्रम
और
विभिन्न
व्यावसायिक
सांस्कृतिक
कार्यक्रमों
के
प्रस्तुतिकरण
में
टेलीविजन
एंकर की
भूमिका
महत्वपूर्ण
होती
है। इस
क्षेत्र
में
प्रवेश
के लिए
किसी
औपचारिक
डिग्री
की
आवश्यकता
नहीं
होती,
किन्तु
हिन्दी
व
अंग्रेजी
भाषा पर
पूरा
अधिकार
अवश्य
होना
चाहिए।
टेलीविजन
एंकर
बनने से
पूर्व
अपनी
अभिनय
प्रतिभा
एवं
डायलॉग
डिलेवरी
को
निखारने
के लिए
इन
संस्थानों
से
संपर्क
किया जा
सकता है-
नेशनल
स्कूल
ऑफ
ड्रामा,
नई
दिल्ली,
चंद्रा
अकादमी
ऑफ
एक्टिंग,
मंुबई,
फिल्म
एंड
टेलीविजन
इंस्टीट्यूट
ऑफ
इंडिया,
पुणे।
|
|
कृपया
उद्यान
विज्ञान
की
शिक्षा
और
रोजगार
के
अवसरों
के बारे
में
मार्गदर्शन
दें।
-
अजीत
जाट,
पिपरिया
(होशंगाबाद)
|
|
|
देश
के बहुत
सारे
विश्वविद्यालयों
में
बागवानी
और इससे
जुड़े
कई और
पाठ्यक्रम
उपलब्ध
हैं।
एमएससी,
बीएससी
कृषि,
बागवानी
के बाद
सरकारी
विभागों
में
कृषि
वैज्ञानिक
चयन
बोर्ड
के जरिए
ली जाने
वाली
परीक्षा
के बाद
वैज्ञानिक
के पदों
पर
भतीर्
के उजले
अवसर
हैं।
लेक्चरर,
रीडर,
कृषि
केंद्रों
में
ऑर्गेनाइजर
के पद भी
उपलब्ध
हैं।
इसके
अलावा
राज्य
लोक
सेवा
आयोग के
जरिए
उद्यान
अधिकारी,
कृषि
अधिकारी,
तकनीकी
अधिकारी,
फल व
सब्जी
निरीक्षक,
उद्यान
पर्यवेक्षक,
कृषि
विकास
अधिकारी
आदि के
पदों पर
भतीर्
की
संभावनाएँ
भी रहती
हैं।
प्रमुख
विश्वविद्यालय
जहाँ
बागवानी
में
अध्ययन
की
सुविधा
उपलब्ध
है, वे
हैं-
-
मध्यप्रदेश
के
विभिन्न
कृषि
महाविद्यालय।
-
चौधरी
चरणसिंह
विश्वविद्यालय,
मेरठ।
-
बी.आर.
आम्बेडकर
विश्व-विद्यालय,
आगरा।
-
नरेंद्रदेव
कृषि
और
प्रौद्योगिकी
विश्वविद्यालय,
फैजाबाद।
|
|
मध्यप्रदेश
राज्य
सेवा
प्रारंभिक
परीक्षा
के
सामान्य
अध्ययन
प्रश्नपत्र
की
तैयारी
हेतु नए
पैटर्न
के
अनुरूप
मॉडल
प्रश्नपत्र
कहाँ से
प्राप्त
किए जा
सकते
हैं?
-
राजेश
धुर्वे,
धार,
समीर
आजवानी,
बैतूल,
प्रतिभा
महाजन,
सागर,
ललित
जायसवाल,
डबरा (ग्वालियर)
|
|
|
मध्यप्रदेश
राज्य
सेवा
प्रारंभिक
परीक्षा
के
सामान्य
अध्ययन
प्रश्नपत्र
की
तैयारी
हेतु नए
पैटर्न
के
अनुरूप
मॉडल
प्रश्नपत्र
मध्यप्रदेश
सामान्य
ज्ञान
केंद्रित
मासिक
पत्रिका
प्रतियोगिता
निर्देशिका
के
मार्च, 2010
अंक में
देखे जा
सकते
हैं।
|
|
इंदिरा
गाँधी
राष्ट्रीय
मुक्त
विश्व-विद्यालय
द्वारा
संचालित
विभिन्न
पाठ्यक्रम
क्या
यूजीसी
से
मान्यता
प्राप्त
हैं?
-
राधा
शर्मा,
शिवपुरी
|
|
|
पत्राचार
माध्यम
से दी
जाने
वाली
इंदिरा
गाँधी
राष्ट्रीय
मुक्त
विश्व-विद्यालय
की
डिग्रियाँ
डिप्लोमा
व
सटिर्फिकेट
पाठ्यक्रम
यूजीसी
द्वारा
मान्यता
प्राप्त
हैं।
|
|
|
-
डॉ.
जयंतीलाल
भंडारी
|
|
-
|
|