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गरीबों
को
गंभीर
बीमारी
का
नि:शुल्क
उपलब्ध
कराने
की
राज्य
सरकार
की
योजना
के
तहत
इस
वर्ष
साढ़े
सात
सौ
से
अधिक
गरीबों
को
इलाज
के
लिए
आठ
करोड़
छत्तीस
लाख
91
हजार
की
सहायता
उपलब्ध
कराई
गई
है।
यह
जानकारी
लोक
स्वास्थ्य
परिवार
कल्याण
चिकित्सा
शिक्षा,
जैव
विविधता
एवं
प्रौद्योगिकी
तथा
जनशिकायत
निवारण
मंत्री
श्री
अनूप
मिश्रा
ने
दी।
श्री
मिश्रा
ने
21
फरवरी
को
भोपाल
में
बताया
कि
मध्यप्रदेश
राज्य
बीमार
सहायता
निधि
के
तहत
ऐसे
परिवारों
को
जो
मध्यप्रदेश
के
मूल
निवासी
तथा
गरीबी
रेखा
के
नीचे
जीवनयापन
करते
हैं
उन्हें
न्यूनतम
25
हजार
तथा
अधिकतम
डेढ़
लाख
रुपये
की
सहायता
इलाज
के
लिए
उपलब्ध
कराई
जाती
है।
इसके
लिए
चिन्हित
बीमारियां
हैं,
कैंसर
सर्जरी,
रीनल
सर्जरी,
घुटना
बदलना,
प्रसवोत्तर
जटिलता,
रेटिनल
डिटेचमेंट,
ब्रेन
सर्जरी,
एम.डी.आर.
के
प्रकरण,
वक्ष
शल्य
क्रिया,
हिप
रिप्लेशमेंट,
हेडइन्ज्युरी,
स्पाइनल
सर्जरी,
ह्रदय
शल्य
चिकित्सा
एवं
न्यूरो
सर्जरी।
स्वास्थ्य
मंत्री
ने
बताया
कि
बीमार
सहायता
निधि
के
तहत
इस
वर्ष
764
गरीबी
रेखा
से
नीचे
जीवनयापन
करने
वालों
को
सहायता
दी
गई।
इसमें
कैंसर
रोग
से
पीड़ित
121
मरीजों
को
ऑपरेशन
के
लिए
एक
करोड़
51
लाख
चालीस
हजार
रुपये
की
सहायता
दी
गई।
थैरोसिक
सर्जरी
के
लिए
एक
मरीज
को
एक
लाख
25
हजार
रुपये
दिये
गए।
घुटना
प्रत्यारोपण
के
लिए
39
मरीजों
को
एक
करोड़
12
लाख
पांच
हजार
रुपये
उपलब्ध
कराए
गए।
नी
रिप्लेशमेंट
के
चार
मरीजों
को
चार
लाख
इकतालिस
हजार
रुपये
दिए
गए।
स्पाइनल
सर्जरी
के
लिए
पांच
मरीजों
को
पांच
लाख
रुपये
दिए
गए।
ह्रदय
रोग
उपचार
के
लिए
पांच
सौ
तेरानवें
मरीजों
को
पांच
करोड़
इकसठ
लाख
चवालिस
हजार
रुपये
की
सहायता
दी
गई।
एम.डी.आर.
प्रकरण
के
एक
मरीज
को
इक्यानवे
हजार
रुपये
की
सहायता
प्रदान
की
गई।
श्री
मिश्रा
ने
बताया
कि
बीमार
सहायता
निधि
से
सर्वाधिक
सहायता
ह्रदय
रोगियों
को
दी
गई।
जिलेवार
सहायता
सूची
के
अनुसार
मुरैना
में
चार,
श्योपुर
में
दो,
भिंड
में
सात,
ग्वालियर
में
तीन,
दतिया
में
एक,
शिवपुरी
में
सात,
गुना
में
चौदह,
अशोकनगर
में
सात,
टीकमगढ़
में
दस,
छतरपुर
में
पन्द्रह,
पन्ना
में
चार,
सागर
में
पैंतीस,
दमोह
में
बाइस,
सतना
में
बीस,
रीवा
में
सोलह,
शहडोल
में
तीन,
सीधी
में
पांच,
उमरिया
में
पांच,
अनूपपुर
में
दो,
सिंगरौली
में
एक,
मंदसौर
में
छत्तीस,
नीमच
में
बाइस,
रतलाम
में
सोलह,
उज्जैन
में
अड़तीस,
शाजापुर
में
बीस,
देवास
में
पैंतीस,
झाबुआ
में
छ:,
धार
में
तेरह,
इंदौर
में
छियालिस,
खरगौन
में
बारह,
बड़वानी
में
पन्द्रह,
खण्डवा
में
तेरह,
बुरहानपुर
में
पन्द्रह,
अलीराजपुर
में
छ:,
राजगढ़
में
चौंतीस,
विदिशा
में
तैंतीस,
भोपाल
में
पैंतालिस,
सीहोर
में
उन्तीस,
रायसेन
में
सत्रह,
बैतूल
में
तेरह,
होशंगाबाद
में
सत्रह,
हरदा
में
सात,
जबलपुर
में
अठारह,
कटनी
में
दस,
नरसिंहपुर
में
बारह,
मंडला
में
पांच,
छिंदवाड़ा
में
सोलह,
सिवनी
में
चार
तथा
बालाघाट
में
अट्ठाइस
मरीजों
को
सहायता
उपलब्ध
कराई
गई
है।
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