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रूस
के सबसे
लोकप्रिय
नेता व
प्रधानमंत्री
व्लादिमीर
पुतिन ने
स्पष्ट
संकेत दिए
हैं कि वह
दोबारा
राष्ट्रपति
बन सकते
हैं।
पुतिन ने 13
सितम्बर
को यास्को
में कहा कि
जिस तरह
आपसी समझ
के साथ
उन्होंने
2008 के
चुनावों
में सत्ता
की बागडोर
मेदवेदेव
को सौंप दी
थी, उसी
तरह आगे भी
समायोजन
हो जाएगा।
पुतिन
लगातार दो
बार रूस के
राष्ट्रपति
रह चुके
हैं। देश
के
संविधान
के
मुताबिक
एक
राष्ट्रपति
लगातार दो
बार से
ज्यादा इस
पद पर नहीं
रह सकता।
इस कारण
पिछले साल
के
चुनावों
में वह
दमित्री
मेदवेदेव
के समर्थन
में चुनाव
मैदान से
हट गए।
राष्ट्रपति
की कुर्सी
पर नजर
-
31
दिसम्बर
को बोरिस
येल्तसिन
ने
इस्तीफा
दिया।
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व्लादिमीर
पुतिन
कार्यकारी
राष्ट्रपति
बने।
-
2000
में
राष्ट्रपति
चुनाव
में
विजय।
-
2004
में फिर
राष्ट्रपति
चुनाव
में जीत।
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7
मई, 08 को
दूसरा
कार्यकाल
समाप्त।
-
संविधान
के
अनुसार
लगातार
दो बार ही
कोई
व्यक्ति
राष्ट्रपति
रह सकता।
-
8
मई, 2008 को
रूस के
प्रधानमंत्री
बने।
दो
कार्यकाल
के लिए
चुनाव
रूस
के नए
संवैधानिक
प्रावधानों
के अनुसार
2012 के बाद
नया
राष्ट्रपति
छह वर्षों
के दो
कार्यकाल
तक सत्ता
में रह
सकता है।
अभी तक रूस
में
राष्ट्रपति
का
कार्यकाल
चार वर्ष
का होता था,
लेकिन नए
नियमों के
तहत पुतिन
2012 में
क्रेमलिन
की गद्दी
संभालते
हैं, तो 2024 तक
राष्ट्रपति
बने रह
सकते हैं।
शक्तियां
पुतिन के
पास!
जानकारों
की माने,
तो रूस में
वास्तविक
शक्तियां
पुतिन के
नियंत्रण
में ही
हैं।
हालांकि
इसका खंडन
करते हुए
पुतिन ने
कहा कि देश
की
वास्तविक
बागडोर
मेदवेदेव
के हाथ में
ही है। शीत
युद्ध की
समाप्ति
के बाद
अंतरराष्ट्रीय
स्तर पर
पुतिन ने
रूस के
नेता के
रूप में
सर्वाधिक
ख्याति
पाई है।
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