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मास्टर
ब्लास्टर
सचिन
तेंदुलकर
के बेजोड़
शतक 138 और
टर्बनेटर
हरभजन
सिंह की
धारदार
गेंदबाजी
53 रन पर
पांच
विकेट, की
बदौलत टीम
इंडिया ने
14 सितम्बर
को कोलंबो
में
मेजबान
श्रीलंका
को 46 रनों
से मात
देकर
त्रिकोणीय
वनडे
टूर्नामेंट
का खिताब
अपने नाम
कर लिया।
सचिन के
शतक और
युवराज
सिंह
नाबाद 56
तथा
कप्तान
महेंद्र
सिंह धोनी
56 की मदद से
भारत ने
श्रीलंका
के समक्ष
जीत के लिए
320 रनों का
मुश्किल
लक्ष्य
रखा था और
खिताबी
मुकाबले
के इस दबाव
भरे पल में
मेजबान
टीम अपनी
तमाम
कोशिशों
के बावजूद
46.4 ओवर में 273
रन पर सिमट
गयी।
श्रीलंकाई
पारी को
समेटने
में ऑफ
स्पिनर
हरभजन की
सबसे बड़ी
भूमिका
रही
जिन्होंने
तेज
गेंदबाजों
के लचर
प्रदर्शन
के बीच
भारत को
खिताबी
मंजिल तक
पहुंचाया।
उन्होंने
नाजुक
मौकों पर
टीम को
कामयाबियां
दिलायीं
और 9.4 ओवर
में 56 रन
देकर
सर्वाधिक
पांच
विकेट
झटके।
अपने
बल्लेबाजों
के शानदार
प्रदर्शन
और भज्जी
की फिरकी
के जादू ने
भारत को
श्रीलंकाई
धरती पर
वर्ष 1998 के
बाद पहली
बार किसी
टूर्नामेंट
में
खिताबी
जीत
दिलायी।
अपने वनडे
कैरियर का
44वां शतक
जमाने
वाले सचिन
ने भारतीय
जीत की
जमीन
तैयार की।
उन्होंने
इस मैच में
10 चौकों और
एक छक्के
की मदद से 138
रनों की
बेदाग
पारी
खेलकर
भारत को
बड़े
स्कोर की
ओर अग्रसर
किया।
इसके लिए
उन्हें
मैन ऑफ द
मैच और
टूर्नामेंट
में
लगातार
अच्छे
प्रदर्शन
के लिए मैन
ऑफ द सीरीज
के
पुरस्कार
से नवाजा
गया।
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