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मुख्य
सचिव श्री
राकेश
साहनी ने
सभी संभाग
आयुक्त और
जिला
कलेक्टरों
को
निर्देश
दिये हैं
कि वे
बिजली
चोरी की
रोकथाम को
प्राथमिकता
दें साथ ही
बकाया
बिजली
बिलों की
वसूली के
प्रति भी
सजगता से
कार्रवाई
की जाये।
मुख्य
सचिव ने
सार्वजनिक
वितरण
प्रणाली
के तहत आम
लोगों को
केरोसीन
तथा अनाज
का वितरण
सुनिश्चित
करने के
निर्देश
भी दिये।
श्री
साहनी 16
सितंबर को
मंत्रालय
में 'परख
कार्यक्रम'
के
अंतर्गत
वीडियो
कांफ्रेंसिंग
के जरिए
प्रदेश के
सभी संभाग
आयुक्त,
जिला
कलेक्टर
तथा
वरिष्ठ
पुलिस
अधिकारियों
से संवाद
कर रहे थे।
परख
कार्यक्रम
के दौरान
मुख्य
सचिव ने
प्रदेश
में बिजली
चोरी की
घटनाओं
में
अपेक्षित
कमी नहीं
आने पर
नाराज़गी
जाहिर की।
उन्होंने
कहा कि
जिला
प्रशासन
बिजली
चोरी की
रोकथाम के
अभियान
में
विद्युत
विभाग के
अमले की
पूरी मदद
करे और
विद्युत
चोरी करने
वालों के
खिलाफ
त्वरित
कार्रवाई
की जावे।
उन्होंने
कहा कि
आगामी रबी
फसलों की
सिंचाई के
लिये
प्रदेश
में करीब
सात-आठ
हजार
मेगावॉट
बिजली की
जरूरत
होगी। ऐसी
स्थिति
में बिजली
चोरी की
घटनाओं पर
लगाम
लगाया
जाना
आवश्यक
है। मुख्य
सचिव ने
सार्वजनिक
वितरण
प्रणाली
की
निगरानी
तथा
व्यवस्थाओं
के सुधार
पर विशेष
ध्यान
देने की
जरूरत भी
बताई ताकि
आम लोगों
को अनाज और
केरोसीन
सुगमता से
मिल सके
तथा इनकी
काला
बाजारी को
रोका जा
सके।
उन्होंने
इस
उद्देश्य
से
सार्वजनिक
वितरण
प्रणाली
की सतत
मॉनीटरिंग
करने और
उचित
मूल्य की
दुकानों
का नियमित
रूप से
निरीक्षण
करने के
निर्देश
दिये।
इस
दौरान
मुख्य
सचिव ने
मौजूदा
खरीफ
फसलों की
स्थिति
आगामी रबी
फसलों के
लिये खाद-बीज
और सिंचाई
के इंतजाम
तथा भूजल
स्तर और
पेयजल की
उपलब्धता
की
संभागवार
समीक्षा
की। मुख्य
सचिव ने
प्रदेश
में देरी
से हुई
वर्षा के
कारण खरीफ
फसलों के
उत्पादन
में आई कमी
के बारे
में भी
जिला
कलेक्टरों
से चर्चा
की और
निर्देश
दिये कि
जिन
इलाकों की
फसलें
खराब हुई
हैं वहां
फसलों की
गिरदावरी
का कार्य
शीघ्र
पूर्ण कर
स्थिति से
अवगत
कराया
जावे।
उन्होंने
आगामी रबी
फसलों के
लिये खाद-बीज
का
पर्याप्त
इंतजाम
सुनिश्चित
करने के
लिये भी
निर्देशित
किया।
मुख्य
सचिव ने
कहा कि
प्रदेश के
कुछ
हिस्सों
में जहां
पेयजल
समस्या की
आंशका है
तथा जहां
पिछले
दिनों हुई
वर्षा से
कोई लाभ
नहीं हुआ
है। ऐसे
जिलों में
समय रहते
पेयजल
स्त्रोतों
को
सुरक्षित
करने की
कार्रवाई
की जाना
कारगर
सिद्ध
होगा।
मुख्य
सचिव ने
आवश्यकतानुसार
पेयजल
समस्याग्रस्त
अंचलों
में पेयजल
परिरक्षण
के
प्रावधान
लागू करने
की जरूरत
भी बताई।
उन्होंने
कहा कि
पेयजल
स्त्रोतों
की
निगरानी
और जल
संरक्षण
पर ध्यान
देने से
पेयजल
परिवहन की
समस्या से
निपटने
में मदद
मिलेगी।
मुख्य
सचिव ने इस
अवसर पर
प्रदेश के
स्कूलों
में
संविदा
शिक्षकों
की भर्ती
तथा गणवेश
वितरण और
छात्राओं
को नि:शुल्क
सायकिल
प्रदान
करने की
योजनाओं
की भी
समीक्षा
की। इसके
साथ ही
राष्ट्रीय
माध्यमिक
शिक्षा
योजना के
अंतर्गत
राज्य के 200
विकासखंडों
में
स्थापित
होने वाले
मॉडल
स्कूलों
के लिये
प्राथमिकतापूर्वक
शासकीय
भूमि
उपलब्ध
कराने के
निर्देश
भी
उन्होंने
दिये। अभी
तक राज्य
के 33
विकासखंडों
में भूमि
उपलब्ध
कराने का
कार्य
पूर्ण हो
चुका है।
उन्होंने
आगामी एक
नवंबर से
शुरू होने
वाले
सांझा
चूल्हा
कार्यक्रम
की
तैयारियों
के लिये भी
जरूरी
हिदायतें
दीं।
मुख्य
सचिव ने वन
अधिकार
मान्यता
अधिनियम
के तहत
पट्टा
वितरण के
लक्ष्य
समयावधि
में पूर्ण
करने के
निर्देश
दिये।
इस
अवसर पर
प्रमुख
सचिव
पंचायत
एवं
ग्रामीण
विकास
श्री आर.
परशुराम
ने
राष्ट्रीय
रोजगार
गारंटी
योजना के
तहत
ग्रामीण
अंचलों
में जारी
कार्यक्रमों
की नियमित
समीक्षा
और
विश्लेषण
की जरूरत
बताई।
उन्होंने
सभी
संभागायुक्त
और जिला
कलेक्टरों
से कहा कि
वे अपने-अपने
क्षेत्रों
में
रोजगार
सृजन के
लक्ष्यों
को सजगता
से पूरा
करायें
तथा
स्थानीय
दिक्कतों
का समय पर
निराकरण
करें।
आपने कहा
कि आगामी
रबी सीजन
के बाद
जहां
ग्रामीण
श्रमिकों
को रोजगार
की जरूरत
हो वहां
रोजगारमूलक
कार्य
आरंभ किये
जायें।
परख
कार्यक्रम
के दौरान
मुख्य
सचिव ने
जिला
कलेक्टरों
से कहा कि
वे आने
वाले
सर्दी के
मौसम में
स्वाइन
फ्लू के
पुन:
प्रभावी
होने के
खतरों के
प्रति सजग
रहे और
अस्पतालों
में उपचार
के आवश्यक
इंतजाम
सुनिश्चित
किये
जाये।
सचिव लोक
स्वास्थ्य
एवं
परिवार
कल्याण
श्री एस.आर.
मोहंती ने
बताया कि
स्वाइन
फ्लू से
बचाव के
लिये
राज्य को
पांच लाख
टेमी फ्लू
टेबलेट्स
का आवंटन
प्राप्त
हुआ है
जिसमें से
दो लाख
टेबलेट्स
जिलों में
भेजी गयी
हैं और
राज्य
स्तर पर
तीन लाख
टेबलेट्स
का स्टाक
उपलब्ध
है।
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