|
नि:शुल्क
पाठ्य
पुस्तक
वितरण
योजना
का
स्वरूप
एवं
कार्यक्षेत्र-
प्रदेश
के
शासकीय
प्राथमिक
और
माध्यमिक
शालाओं
में
अध्ययनरत
बालक-बालिकाओं
को नि:शुल्क
पाठ्य
पुस्तकें
उपलब्ध
कराई
जाती
हैं।
पात्र
हितग्राही-
शासकीय
प्राथमिक
शालाओं
में
नामांकित
सभी
बालक-बालिकाएँ
तथा
शासकीय
माध्यमिक
शालाओं
में
नामांकित
सभी
बालिकायें
व
अनुसूचित
जाति,
अनुसूचित
जनजाति
वर्ग
के
बालक,
गरीबी
रेखा
के
नीचे
जीवन
यापन
कर
रहे
अन्य
पिछड़ा
वर्ग
के
परिवारों
के
बालक।
सम्पर्क-
शासकीय
प्राथमिक
एवं
माध्यमिक
शालाओं
के
पालक
शिक्षक
संघ
के
अध्यक्ष
या इन
शालाओं
के
प्रधान
अध्यापक।
नि:शुल्क
गणवेश
वितरण
योजना
का
स्वरूप
एवं
कार्यक्षेत्र-
प्रदेश
के
समस्त
विकासखंडों
में
कक्षा
8 तक
अध्ययनरत
सभी
बालिकाओं
को नि:शुल्क
गणवेश
उपलब्ध
कराया
जाता
है।
योजना
के
अंतर्गत
प्रति
बालिका
रु. 90/-
के
मान
से
राशि
शालाओं
के
पालक
शिक्षक
संघों
को
उपलब्ध
कराई
जाती
है।
पालक
शिक्षक
संघ
शाला
में
अध्ययनरत
छात्राओं
को
गणवेश
उपलब्ध
कराता
है।
पात्र
हितग्राही-
शासकीय
शालाओं
में
कक्षा
8 तक
अध्ययनरत
तथा
ब्रिज
कोर्स
में
नामांकित
समस्त
छात्राएँ।
सम्पर्क-
संबंधित
शासकीय
प्राथमिक
एवं
माध्यमिक
शाला
के
पालक
शिक्षक
संघ
के
अध्यक्ष
या इन
शालाओं
के
प्रधान
अध्यापक।
राष्ट्रीय
प्रतिभा
खोज
राज्य
स्तरीय
चयन
परीक्षा
उद्देश्य-
1.
प्रतिभाशाली
विद्यार्थियों
की
खोज
करना।
2.
उचित
शैक्षिक
मार्गदर्शन
देना।
3.
उत्तम
शिक्षा
के
लिये
वित्तीय
सहायता
प्रदान
करना।
योजना
का
स्वरूप
एवं
कार्यक्षेत्र-
मध्यप्रदेश
के
लिये
निर्धारित
कोटा
235
छात्रों
का
है।
इस
परीक्षा
के
लिये
राज्य
स्तर
पर
चयन
के
लिये
प्रथम
चरण
की
लिखित
परीक्षा
राज्य
शिक्षा
केन्द्र
द्वारा
नवम्बर
माह
के
द्वितीय
सप्ताह
में
द्वितीय
चरण
की
परीक्षा
जिला
स्तर
पर
आयोजित
की
जाती
है।
राष्ट्रीय
शैक्षिक
अनुसंधान
एवं
प्रशिक्षण
परिषद
द्वारा
मई के
द्वितीय
सप्ताह
में
आयोजित
की
जाती
है।
पात्र
हितग्राही-
कक्षा
8वीं व
10वीं
में
अध्ययनरत
छात्र
ही इस
परीक्षा
में
सम्मिलित
हो
सकते
हैं।
सम्पर्क-
संबंधित
शाला
के
प्रधान
अध्यापन
से इस
परीक्षा
हेतु
सम्पर्क
किया
जा
सकता
है।
भारतीय
सैन्य
महाविद्यालय
देहरादून
में
प्रवेश
हेतु
परीक्षा
(यह
योजना
भारतीय
सैन्य
महाविद्यालय
देहरादून
की है,
इसका
संचालन
राज्य
से
होता
है)
उद्देश्य-
सैन्य
महाविद्यालय
में
प्रवेश
की
तैयारी,
रक्षा
सेवाओं
के
प्रति
आकर्षण
उत्पन्न
करना।
योजना
का
स्वरूप
एवं
कार्यक्षेत्र-
परीक्षा
वर्ष
में
दो
बार
आयोजित
की
जाती
है
प्रथम
परीक्षा
का
आयोजन
माह
जून
में
तथा
द्वितीय
परीक्षा
का
आयोजन
दिसम्बर
माह
में
किया
जाता
है।
परीक्षा
में
सफल
छात्रों
का
साक्षात्कार
लिया
जाता
है
जिसके
आधार
पर
चयनित
छात्रों
को
राष्ट्रीय
सैन्य
महाविद्यालय
में
प्रवेश
दिया
जाता
है।
परीक्षा
का
आयोजन
राज्य
शिक्षा
केन्द्र
द्वारा
किया
जाता
है।
पात्र
हितग्राही-
परीक्षा
में
केवल
वे ही
छात्र
सम्मिलित
हो
सकते
हैं
जिन्होंने
1
जुलाई
अथवा 1
जनवरी
को
प्रवेश
सत्र
के
अनुसार
11
वर्ष
पूर्ण
कर
लिये
हों
तथा 13
वर्ष
पूर्ण
न
किये
हों।
प्रवेश
के
समय
छात्र
को 7वीं
कक्षा
उत्ीर्ण
होना
आवश्यक
है।
सम्पर्क-
राज्य
शिक्षा
केन्द्र,
पुस्तक
भवन,
बी
विंग,
अरेरा
हिल्स,
भोपाल।
राष्ट्रीय
प्रतिभा
प्रोत्साहन
परीक्षा
उद्देश्य-
पत्राचार
पाठ्यक्रम
से 10
वीं
की
परीक्षा
में
सम्मिलित
होने
वाले
विद्यार्थियों
को
उच्च
शिक्षा
प्राप्त
करने
के
लिये
प्रोत्साहित
करना
और
उन्हें
सहयोग
के
रूप
में
छात्रवृत्ति
प्रदान
करना।
योजना
का
स्वरूप
एवं
कार्यक्षेत्र-
यह
छात्रवृत्ति
राष्ट्रीय
शैक्षिक
अनुसंधान
एवं
प्रशिक्षण
परिषद
द्वारा
प्रदान
की
जाती
है।
इसके
लिये
तीन
स्तरीय
परीक्षा
आयोजित
की
जाती
है।
मध्यप्रदेश
राज्य
के
लिये
प्रथम
स्तर
पर
आयोजित
परीक्षा
में 30
सीट्स
निर्धारित
की गई
हैं।
परीक्षा
प्रतिवर्ष
नवम्बर
माह
के
चतुर्थ
रविवार
को
आयोजित
की
जाती
है।
प्रथम
स्तर
की
परीक्षा
के
लिये
जिला
स्तर
पर
परीक्षा
केन्द्र
स्थापित
किये
जाते
हैं।
इस
परीक्षा
में
चयनित
होने
पर
विद्यार्थियों
को
राष्ट्रीय
शैक्षिक
अनुसंधान
एवं
प्रशिक्षण
परिषद
द्वारा
आयोजित
द्वितीय
स्तर
की
परीक्षा
में
सम्मिलित
होना
होता
है।
यह
परीक्षा
उत्तीर्ण
होने
पर
विद्यार्थियों
का
साक्षात्कार
लिया
जाता
है।
साक्षात्कार
में
सफल
विद्यार्थियों
को
छात्रवृत्ति
प्रदान
की
जाती
है।
यह
छात्रवृत्ति
विद्यार्थी
के
लगातार
उत्तीर्ण
होने
की
स्थिति
में
स्नातकोत्तर
डिग्री
प्राप्त
करने
तक
जारी
रहती
है।
पात्र
हितग्राही-
यह
परीक्षा
उन
विद्यार्थियों
के
लिये
आयोजित
की
जाती
है जो
किसी
कारणवश
कक्षा
7वीं 8वीं
की
पढ़ाई
बीच
में
छोड्
देते
हैं
और
पत्राचार
पाठ्यक्रम
द्वारा
10वीं
की
परीक्षा
में
सम्मिलित
होते
हैं।
सम्पर्क-
जिला
शिक्षा
एवं
प्रशिक्षण
संस्थान
अथवा
राज्य
शिक्षा
केन्द्र,
पुस्तक
भवन
बी
विंग
अरेरा
हिल्स,
भोपाल।
2.
लोक
शिक्षण
संचालनालय
नि:शुल्क
साईकिल
वितरण
योजना
(कक्षा
नौवीं
में
जाने
वाली
छात्राएँ)
उद्देश्य-
प्रारंभिक
शिक्षा
पूर्ण
कर
चुकी
छात्राओं
को
आगे
की
शिक्षा
जारी
रखने
के
लिये
प्रोत्साहित
करना।
योजना
का
स्वरूप
एवं
कार्यक्षेत्र-
बालिकाओं
को
अपने
ग्राम
से
बाहर
के
शासकीय
हाई
स्कूल
में
नियमित
अध्ययन
के
लिये
जाने
हेतु
अर्थात
कक्षा
नवीं
में
दर्ज
होने
पर
सायकिल
प्रदाय
की
जायेगी।
सम्पर्क-
संबंधित
शासकीय
हाई
स्कूल
के
प्रधान
अध्यापक।
नि:शुल्क
साईकिल
वितरण
योजना
(कक्षा
छठवीं
में
जाने
वाली
छात्राएँ)
उद्देश्य-
प्राथमिक
शिक्षा
पूर्ण
कर
चुकी
छात्राओं
को
आगे
की
शिक्षा
जारी
रखने
के
लिये
प्रोत्साहित
करना।
योजना
का
स्वरूप
एवं
कार्यक्षेत्र-
प्रदेश
में
पहली
बार
वर्ष
2007-08 में
ऐसी
अनुसूचित
जाति,
अनुसूचित
जनजाति
की
बालिकायें
जिनके
ग्राम
में
माध्यमिक
शाला
सुविधा
नहीं
है उन
बालिकाओं
को
अपने
ग्राम
से
बाहर
की
शासकीय
माध्यमिक
शाला
में
नियमित
अध्ययन
के
लिये
जाने
हेतु
अर्थात्
कक्षा
छठवीं
में
दर्ज
होने
पर
साईकिल
प्रदाय
की
जायेगी।
पात्र
हितग्राही-
अपने
ग्राम
से
बाहर
की
शासकीय
माध्यमिक
शाला
की
कक्षा
6वीं
में
प्रवेश
लेने
वाली
अनुसूचित
जाति,
अनुसूचित
जनजाति
वर्ग
की
छात्राएँ।
सम्पर्क-
संबंधित
शासकीय
माध्यमिक
शालाओं
के
पालक
शिक्षक
संघ
के
अध्यक्ष
या इन
शालाओं
के
प्रधान
अध्यापक।
विकलांग
बच्चों
की
समावेशित
शिक्षा
सर्वशिक्षा
अभियान
एवं
केन्द्र
प्रवर्तित
आई.ई.डी.सी.
योजना
द्वारा
उद्देश्य-
विशेष
आवश्यकता
वाले
बच्चों
को
उपकरण
आदि
प्रदाय
कर
शाला
में
प्रवेश
कराना।
योजना
का
स्वरूप
एवं
कार्यक्षेत्र-
कक्षा
1 से 12
तक के
विशेष
आवश्यकता
वाले
बच्चों
के
हित
के
लिये
है।
बच्चों
के
मूल्यांकन
एवं
उपकरण
वितरण
शिविर
लगवाये
जाते
हैं,
शिक्षकों
को
विशेष
प्रशिक्षण
दिया
जाता
है,
विशेष
शिक्षक
उपलब्ध
कराये
जाते
हैं,
बच्चों
को
विशेष
टी.एल.एम.,
पुस्तकें,
संसाधन
कक्ष
आदि
प्रदान
किया
जाता
है,
जिला
स्तर
पर
विशेष
आवश्यकता
वाले
बच्चों
को
छात्रावास
की
सुविधा
भी दी
जाती
है।
आई.ई.डी.सी.
योजना
से
बच्चों
को
परिवहन
भत्ता,
वाचक
भत्ता,
मार्ग
रक्षण
भत्ता
आदि
उपलब्ध
कराया
जाता
है।
पात्र
हितग्राही-
सर्व
शिक्षा
अभियान
से 6
से 14
वर्ष (कक्षा
1 से 8
तक) के
विशेष
आवश्यकता
वाले
बच्चे
एवं
आई.ई.डी.सी.
योजना
से
कक्षा
1 से 12
तक के
बच्चों
को
लाभान्वित
किया
जाता
है।
सम्पर्क-
संबंधित
शासकीय
प्रारंभिक
एवं
माध्यमिक
शाला
के
पालक
शिक्षक
संघ
के
अध्यक्ष
या इन
शालाओं
के
प्रधान
अध्यापक।
नि:शुल्क
पाठ्यपुस्तक
वितरण
योजना
उद्देश्य-
बालिका
शिक्षा
को
प्रोत्साहन
तथा
आर्थिक
दृष्टि
से
कमजोर
बच्चों
को
सहायता
उपलब्ध
कराना।
योजना
क्रियान्वयन
की
प्रक्रिया-
नि:शुल्क
पाठ्यपुस्तक
वितरण
योजना
में
शासकीय
हाईस्कूल
और
उच्चतर
माध्यमिक
विद्यालयों
में
कक्षा
9वीं
से 12वीं
तक
अध्ययनरत
सभी
वर्ग
की
बालिकाओं,
अनुसूचित
जाति,
अनुसूचित
जनजाति,
गरीबी
रेखा
के
नीचे
जीवन
यापन
करने
वाले
परिवार
के
बालकों
को
पाठ्यपुस्तकें
संस्था
प्राचार्य
द्वारा
उपलब्ध
कराई
जाती
है।
सम्पर्क-
संबंधित
शाला
के
प्राचार्य।
माध्यमिक
शिक्षा
मण्डल
3.1
हाई
स्कूल
परीक्षा
में
प्रथम
10
स्थान
प्राप्त
छात्रों
को
छात्रवृत्ति
उद्देश्य-
छात्रों
को
बेहतर
शिक्षा
और
बेहतर
प्रदर्शन
के
लिये
प्रोत्साहित
करना।
आवंटन
प्रक्रिया-
प्रदेश
स्तर
पर
हाई
स्कूल
परीक्षा
में
प्रथम
10
स्थान
प्राप्त
छात्रों
को
छात्रवृत्ति
उपलब्ध
कराई
जाती
है।
प्रथम
स्थान
प्राप्त
छात्र
को रु.
300/-
प्रतिमाह
की दर
से
द्वितीय
एवं
तृतीय
स्थान
प्राप्त
छात्रों
को रु.
250/-
प्रतिमाह
की दर
से
चतुर्थ
से 10
वां
स्थान
प्राप्त
छात्रों
को रु.
200/-
प्रतिमाह
की दर
से 20
माह
के
लिये
छात्रवृत्ति
उपलब्ध
कराई
जाती
है।
सम्पर्क-
मध्यप्रदेश
माध्यमिक
शिक्षा
मण्डल,
भोपाल।
हायर
सेकेण्डरी
परीक्षा
में
संकायवार
छात्रवृत्ति
उद्देश्य-
छात्रों
को
बेहतर
शिक्षा
और
प्रदर्शन
के
लिये
प्रोत्साहित
करना।
आवंटन
प्रक्रिया-
हायर
सेकेण्डरी
परीक्षा
में
प्रदेश
स्तर
पर
छात्रों
को
संकायवार
छात्रवृत्ति
उपलब्ध
कराई
जाती
है।
यह
छात्रवृत्ति
विज्ञान,
वाणिज्य,
कला,
कृषि,
गृह
विज्ञान,
फाइन
आर्ट
आदि
संकायों
में
प्रथम
तीन
स्थान
प्राप्त
करने
वाले
छात्रों
को
उपलब्ध
कराने
की
व्यवस्था
है।
प्रत्येक
संकाय
में
प्रथम
स्थान
प्राप्त
छात्र
को रु.
250/-
प्रतिमाह
तथा
द्वितीय
एवं
तृतीय
स्थान
प्राप्त
छात्रों
को रु.
200/-
प्रतिमाह
की दर
से 10
माह
के
लिये
छात्रवृत्ति
उपलब्ध
कराने
की
व्यवस्था
है।
सम्पर्क-
मध्यप्रदेश
माध्यमिक
शिक्षा
मण्डल,
भोपाल।
हाई
स्कूल
एवं
हायर
सेकेण्डरी
परीक्षा
के
दृष्टिहीन
परीक्षार्थियों,
मूकबधिर
परीक्षार्थियों
के
लिये
छात्रवृत्तियां
उद्देश्य-
परीक्षा
में
प्रवीण्यता
प्रदर्शन
के
लिये
प्रोत्साहन
और
आगामी
शिक्षा
के
लिये
सहायता।
आवंटन
प्रक्रिया
हाई
स्कूल
परीक्षा
-
§
दृष्टिहीन
परीक्षार्थियों
में
प्रथम
तीन
स्थान
पाने
वाले
परीक्षार्थियों
को
छात्रवृत्ति
उपलब्ध
कराने
का
प्रावधान
है।
प्रथम
स्थान
प्राप्त
परीक्षार्थी
को
रु. 300/-
प्रतिमाह,
द्वितीय
स्थान
प्राप्त
परीक्षार्थी
को
रु. 200/-
तथा
तृतीय
स्थान
प्राप्त
परीक्षार्थी
को 150/-
प्रतिमाह
की
दर
से 20
माह
के
लिये
छात्रवृत्ति
उपलब्ध
कराई
जाती
है।
§
मूक
बधिर
परीक्षार्थियों
में
प्रथम
तीन
स्थान
प्राप्त
परीक्षार्थियों
को
भी
उपरोक्तानुसार
छात्रवृत्ति
उपलब्ध
कराई
जाती
हैं।
हायर
सेकेण्डरी
परीक्षा
§
दृष्टिहीन
परीक्षार्थियों
में
से
प्रदेश
में
प्रथम
3
स्थान
प्राप्त
करने
वाले
परीक्षार्थियों
में
से
प्रथम
स्थान
प्राप्त
परीक्षार्थी
को
रु. 300/-,
द्वितीय
स्थान
प्राप्त
परीक्षार्थी
को
रु. 200/-
तथा
तृतीय
स्थान
प्राप्त
परीक्षार्थी
को
रु. 150/-
प्रतिमाह
की
दर
से
छात्रवृत्ति
10 माह
के
लिये
उपलब्ध
कराई
जाती
है।
§
मूक
बधिर
परीक्षार्थियों
में
से
प्रदेश
में
प्रथम
3
स्थान
प्राप्त
करने
वाले
परीक्षार्थियों
को
भी
उपरोक्तानुसार
छात्रवृत्तियां
उपलब्ध
कराने
का
प्रावधान
है।
सम्पर्क-
मध्यप्रदेश
माध्यमिक
शिक्षा
मण्डल,
भोपाल।
माध्यमिक
शिक्षा
मण्डल
द्वारा
प्रदाय
जिला
स्तरीय
छात्रवृत्तियाँ
उद्देश्य-
परीक्षा
में
प्रवीण्यता
प्रदर्शन
के
लिए
प्रोत्साहन
और
आगामी
शिक्षा
के
लिऐ
सहायता।
आवंटन
प्रक्रिया
- हाई
स्कूल-
प्रत्येक
जिले
की
संयुक्त
प्रवीण्य
सूची
में
प्रथम
10
स्थान
प्राप्त
करने
वाले
परीक्षार्थियों
को 175/-
रु.
प्रतिमाह
की दर
से 20
माह
के
लिये
छात्रवृत्ति
उपलब्ध
कराई
जाती
है।
हायर
सेकेण्डरी
परीक्षा-
विज्ञान,
वाणिज्य,
कला,
कृषि,
गृह
विज्ञान,
फाइन
आर्ट
आदि
प्रत्येक
संकाय
में
जिला
स्तर
पर
प्रथम
तीन
स्थान
प्राप्त
करने
वाले
छात्रों
को 175/-
रु.
प्रतिमाह
की दर
से 10
माह
के
लिये
छात्रवृत्ति
उपलब्ध
कराई
जाती
है।
सम्पर्क-
मध्यप्रदेश
माध्यमिक
शिक्षा
मण्डल,
भोपाल।
|