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अनुसूचित
जाति
और
अनुसूचित
जनजाति
के
विद्यार्थियों
को नि:शुल्क
पाठ्यपुस्तकें
और
स्टेशनरी
का
प्रदाय
उद्देश्य-
अनुसूचित
जाति
और
अनुसूचित
जनजाति
के
विद्यार्थियों
को
उच्च
शिक्षा
के
लिए
आर्थिक
सहायता
देना।
योजना
का
स्वरूप
कार्यक्षेत्र-
अनुसूचित
जाति
और
अनुसूचित
जनजाति
के
विद्यार्थियों
को इस
योजना
में
स्नातक
स्तर
पर
रुपये
600/-
प्रति
दो
विद्यार्थी
तथा
स्नातकोत्तर
स्तर
पर
रुपये
800/-
प्रति
दो
विद्यार्थी
के
हिसाब
से
पाठ्यपुस्तकें
तथा
स्नातक
एवं
स्नातकोत्तर
दोनों
स्तर
पर
रुपये
50/-
प्रति
विद्यार्थी
के
हिसाब
से
स्टेशनरी
प्रदाय
की
जाती
है।
यह
सुविधा
प्रदेश
के
समस्त
शासकीय
महाविद्यालयों
में
उपलब्ध
है।
पात्र
हितग्राही-
शासकीय
महाविद्यालयों
में
नियमित
रूप
से
अध्ययनरत
अनुसूचित
जाति
एवं
अनुसूचित
जनजाति
के
विद्यार्थी।
सम्पर्क-
शासकीय
महाविद्यालयों
के
प्राचार्य।
एकीकृत
छात्रवृत्ति
उद्देश्य-
उच्च
शिक्षा
विभाग
द्वारा,
विभिन्न
नियमित
विद्यार्थियों
को
पात्रता
के
आधार
पर
छात्रवृत्ति
प्रदान
कर
आर्थिक
सहयोग
पहुंचाना।
योजना
का
स्वरूप
और
कार्यक्षेत्र-
वर्तमान
में
संचालित
विभिन्न
प्रकार
की
छात्रवृत्तियाँ
और
उनका
कोटा
निर्धारित
है।
शोध,
एम.फिल,
स्नातकोत्तर
योग्यता,
स्नातकोत्तर
योग्यता
सह-साधन,
खेलकूद,
स्नातक
योग्यता,
स्नातक
योग्यता
सह-साधन,
संस्कृत
छात्रवृत्तियाँ,
फिल्म
एवं
दूरदर्शन
संस्थान
पुणे,
राष्ट्रीय
अनुसंधान
कला,
नई
दिल्ली,
राष्ट्रीय
नाट्य
विद्यालय,
नई
दिल्ली,
मध्यप्रदेश
के
सैन्य
महाविद्यालयों
में
अध्ययनरत
छात्रों
को
छात्रवृत्ति।
पात्र
हितग्राही-
माध्यमिक
शिक्षा
मण्डल
म.प्र.
तथा
मध्यप्रदेश
के
विश्वविद्यालयों
में
अर्हकारी
परीक्षा
उत्तीर्ण
करने
वाले
विद्यार्थियों
को ही
आवेदन
प्रस्तुत
करने
की
पात्रता
होगी।
एकीकृत
छात्रवृत्ति
हेतु
अभिभावकों
की
वार्षिक
आय
रुपये
25,000/- से
अधिक
न हो।
वेतन
भोगी
अधिकारी/कर्मचारी/अभिभावकों
को
आहरण
संवितरण
अधिकारी
का आय
प्रमाण
पत्र
संलग्न
करना
होगा।
अन्य
आय
वर्गीय
व्यक्तियों
को
प्रथम
श्रेणी
मजिस्ट्रेट/नोटरी
द्वारा
सत्यापित
आय
घोषणा
पत्र
प्रस्तुत
करना
आवश्यक
होगा।
योजना
क्रियान्वयन
प्रक्रिया-
इच्छुक
विद्यार्थी
अपने
शैक्षणिक
संस्थाओं
से
आवेदन
पत्र
प्राप्त
कर,
संस्था
प्रमुख
के
माध्यम
से
कार्यालय
आयुक्त,
उच्च
शिक्षा
सतपुड़ा
भवन,
भोपाल
को
भेज
सकते
हैं।
भूमिहीन
कृषि
श्रमिकों
के
बच्चों
को
"व्यावसायिक
शिक्षा"
के
लिए
छात्रवृत्ति
प्रदान
किये
जाने
की
योजना
उद्देश्य-
प्रदेश
के
भूमिहीन
कृषि
श्रमिकों
के
बच्चों
को
व्यावसायिक
शिक्षा
के
अध्ययन
के
लिये
छात्रवृत्तियाँ
प्रदान
की
जाना।
योजना
का
स्वरूप
और
कार्यक्षेत्र
एवं
अर्हता-
व्यावसायिक
पाठ्यक्रम
में
नियमित
छात्र
के
रूप
में
प्रवेश
लिया
हो।
व्यावसायिक
शिक्षा
के
अंतर्गत
तकनीकी/चिकित्सा
शिक्षा
एवं
सामान्य
शिक्षा
से
संबंधित
पाठ्यक्रम/संकाय
सम्मिलित
हैं :-
1.
पॉलिटेक्निक,
2.
इंजीनियरिंग
- बी.ई., 3.
चिकित्सा
शिक्षा
(एम.बी.बी.एस./बी.ए.एम.एस./बी.यू.एम.एस./बी.डी.एस.),
4.
पैरामेडिकल
कोर्स
(चिकित्सा
महाविद्यालय
के
अंतर्गत),
5.
कृषि
इंजीनियरिंग
(बी.ई.ए.जी.,
डी.ई.ए.जी.),
6. बी.एससी.
(नर्सिंग)
7.
सामान्य
शिक्षा
के
अंतर्गत
आने
वाले
समस्त
व्यावसायिक
पाठ्यक्रम
जो
विश्वविद्यालय
द्वारा
संचालित
किये
जा
रहे
हों,
जैसे
:- बी.लिब.,
बी.एड,
बी.पी.एड.,
बी.ए.एलएल.बी.
आदि।
पात्र
हितग्राही-
ऐसा
उम्मीदवार
जो
मध्यप्रदेश
का
मूल
निवासी
हो
तथा
भूमिहीन
कृषक
मजदूर
के
पुत्र/पुत्री
हों।
छात्र/छात्राओं
के
पालकों
की आय
सीमा
25,000
रुपये
(रुपये
पच्चीस
हजार
मात्र)
वार्षिक
से
अधिक
न हो।
भूमिहीन
कृषक
मजदूर
के
पुत्र/पुत्री
का
प्रमाण
पत्र
तहसीलदार
का
मान्य
किया
जाएगा।
योजना
क्रियान्वयन
प्रकिया-
इस
छात्रवृत्ति
हेतु
पात्र
छात्र/छात्राओं
का
चयन
एक
समिति
द्वारा
समय-सीमा
में
योग्यता
के
आधार
पर
अर्थात्
मैरिट
के
आधार
पर उस
वर्ष
की
अर्हकारी
परीक्षा
उत्तीर्ण
करने
वाले
छात्रों
में
से
किया
जायेगा।
छात्रवृत्ति
की
राशि-
चयनित
छात्रों
को 2500
रुपये
वार्षिक
पाठ्यक्रम
समाप्ति
तक
अर्थात्
स्नातक
अंतिम
वर्ष
तक
देय
होगी।
संपर्क-
आयुक्त
उच्च
शिक्षा
कार्यालय
मध्यप्रदेश
अनुसूचित
जाति/अनुसूचित
जनजाति
के
विद्यार्थियों
को पी-एच.डी.
के
लिए
शोध
छात्रवृत्ति
उद्देश्य-
अनुसूचित
जाति
एवं
अनुसूचित
जनजाति
के
विद्यार्थियों
को
शोध
हेतु
आर्थिक
सहायता
देना।
योजना
का
स्वरूप
और
कार्यक्षेत्र-
यह
छात्रवृत्ति
प्रतिवर्ष
100
विद्यार्थियों
की
अधिकतम
सीमा
के
अधीन
रहते
हुए
अनुसूचित
जाति
के 40
एवं
अनुसूचित
जनजाति
के 60
विद्यार्थियों
को
प्रतिमाह
5000
रुपये
या
समय-समय
पर
शासन
द्वारा
निर्धारित
दर से
देय
है,
जिसका
नियमानुसार
संकायवार
कोटा
निर्धारित
किया
गया
है।
पात्र
हितग्राही-
ऐसा
उम्मीदवार
जो
मध्यप्रदेश
का
मूल
निवासी
हो
तथा
विश्वविद्यालय
में
शोध
छात्र
के
रूप
में
पंजीकृत
हो।
योजना
क्रियान्वयन
प्रकिया-
विश्वविद्यालय
में
पंजीकृत
शोधार्थियों
को
उपरोक्तानुसार
उपस्थिति,
शोध
कार्य
का
संतोषजनक
प्रगति
प्रतिवेदन
अपने
निदेशक/गाईड
से
प्रमाणित
कराकर
विश्वविद्यालय
के
माध्यम
से
आयुक्त
उच्च
शिक्षा
मध्यप्रदेश
भोपाल
को
विश्वविद्यालय
के
विनियम/अध्यादेश
में
उल्लेखित
निर्धारित
तिथि/अवधि
के
भीतर
भेजना
होगा।
गाँव
की
बेटी
योजना
उद्देश्य-
ग्रामीण
क्षेत्रों
की
प्रतिभावान
बालिकाओं
की
शिक्षा
का स्तर
बढ़ाने
एवं
उच्च
शिक्षा
की ओर
प्रोत्साहित
करने के
लिए
आर्थिक
सहायता
प्रदान
करना।
योजना
का
स्वरूप
और
कार्यक्षेत्र-
इस
योजना
में
गाँव के
साथ-साथ
नगर
पंचायत
को भी
शामिल
किया
गया है।
पात्र
हितग्राही-
छात्रा
गांव की
पाठशाला
से
प्रथम
श्रेणी
में
उत्तीर्ण
हो, गांव
की
निवासी
हो (सरपंच
के
प्रमाण
पत्र के
आधार पर)
छात्रा
ने
महाविद्यालय
में
नियमित
प्रवेश
लिया हो
एवं
अध्ययनरत
हो।
योजना
क्रियान्वयन
प्रक्रिया-
छात्रा
को
प्रतिमाह
500 रुपये
की दर से
शैक्षणिक
सत्र के
लिए 5000
रुपये (पाँच
हजार)
सालाना
की
आर्थिक
सहायता
उपलब्ध
करायी
जायेगी।
संपर्क-
संबंधित
महाविद्यालय
के
प्राचार्य
राष्ट्रीय
योग्यता
छात्रवृत्ति
योजना
उद्देश्य-
मेधावी
विद्यार्थियों
को उच्च
शिक्षा
के लिए
आर्थिक
सहायता
देना।
योजना
का
स्वरूप
एवं
कार्यक्षेत्र-
राष्ट्रीय
योग्यता
(मैरिट)
छात्रवृत्ति
योजना
भारत
सरकार
मानव
संसाधन
विकास
मंत्रालय
द्वारा
संचालित
है।
योजना
के
अंतर्गत
हायर
सेकण्डरी
(10+2)
प्रावीण्य
सूची के
आधार पर
स्नातक
तथा
व्यावसायिक
एवं
यांत्रिकीय
पाठ्यक्रम
के लिए
प्रति
छात्र 500
रुपये
प्रतिमाह
की दर से
10 माह के
लिए
छात्रवृत्ति
देय
होगी।
स्नातकोत्तर
स्तर पर
मध्यप्रदेश
स्थित
समस्त
विश्वविद्यालय
के
स्नातक
स्तर के
प्रावीण्य
सूची से
मैरिट
के आधार
विद्यार्थियों
को 750
रुपये
प्रतिमाह
की दर से
अकादमिक
वर्ष 10
माह के
लिए
छात्रवृत्ति
देय
होगी।
पात्र
हितग्राही-
छात्र
का नाम
प्रावीण्य
सूची
में
अंकित
हो,
छात्र
के माता-पिता
की
वार्षिक
आय
रुपये 1.00
लाख से
अधिक न
हो। यदि
माता-पिता
वेतनभोगी
हों तो
आहरण
अधिकारी
अथवा
नियोक्ता
द्वारा
वेतन
प्रमाण
पत्र
संलग्न
किया
जाए। आय
घोषणा
पत्र
निर्धारित
फार्म
में
आवेदन
पत्र के
साथ
संलग्न
किया
जाए।
अन्य
वर्गीय
व्यक्तियों
को
प्रथम
श्रेणी
मजिस्ट्रेट/नोटरी
द्वारा
सत्यापित
आय
घोषणा
पत्र
प्रस्तुत
करना
होगा।
यदि
विद्यार्थी
को अन्य
छात्रवृत्ति
प्राप्त
हो रही
हो तो वह
लिखित
में
सहमति
दे कि वह
कौन सी
छात्रवृत्ति
लेना
चाहता
है।
योजना
क्रियान्वयन
प्रक्रिया-
संस्था
प्रमुख
के
माध्यम
से
आवेदन
कार्यालय
आयुक्त
उच्च
शिक्षा,
सतपुड़ा
भवन को
प्रेषित
किये
जाएंगे।
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