जमाने
से बंजर
पड़ी
पहाड़ियाँ
अब
ग्रामीणों
को
हरियाली
के संदेश
के साथ
भीषण
गर्मी में
सुकून भी
देती हैं।
खंडवा के
पुनासा
ब्लाक की
ग्राम
पंचायत
मोरटक्का
में वहाँं
के
ग्रामीणों
ने यह
कारनामा
किया है।
मोरटक्का
पहाड़ियों
पर फैली
हरियाली
किसी को भी
मंत्रमुग्ध
कर देती
है।
नर्मदा
तट पर बसी
ग्राम
पंचायत
मोरटक्का
में
महात्मा
गाँधी
नरेगा
योजना के
जरिये
बड़े
पैमाने पर
वृक्षारोपण
किया गया
है। कभी
सूखी
वीरान
होने का
दंश झेलने
वाली यह
जमीन अब
हरियाली
से
आच्छादित
है। यह
पहाड़ी
शासकीय है,
इस पर पहले
ग्रामीणों
ने ही
अतिक्रमण
कर लिया
था। लगभग 6
एकड़ जमीन
को जिला
प्रशासन
और ग्राम
पंचायत की
पहल पर
अतिक्रमण
मुक्त
करवाया
गया।
मनरेगा के
तहत
कार्ययोजना
बनाकर इस
बंजर भूमि
पर
वृक्षारोपण
करवाया
गया।
लहलहाते
पौधे सफल
वृक्षारोपण
की गवाही
देते हैं।
इन
पहाड़ियों
पर अब पहले
जैसा सूखा
नहीं
बल्कि
जीवन हरित
हो गया है।
सरपंच
बताते हैं
कि पौधों
की सिंचाई
के लिये एक
तरकीब
अपनाई गई।
किसानों
द्वारा
पानी के
लिये
खेतों में
डाली गई
पाइप
लाइनों से
रिसने
वाले पानी
को गड्डा
बनाकर
एकत्रित
कर सिंचाई
का इंतजाम
किया गया।
वर्तमान
में
पहाड़ियों
की
हरियाली
से
प्रसन्न
किसानों
ने सहयोग
किया और अब
एक टंकी का
निर्माण
किया गया
है। अब
सिंचाई का
स्थाई
इंतजाम
है। पिछले
साल पौधों
की संख्या
तीन हजार
थी। अब आठ
हजार पौधे
यहाँ
लगाये गये
हैं। लगभग
5500 मानव
दिवस का
मजदूरों
को रोजगार
मिला और
उन्हें 6
लाख रुपये
मजदूरी का
भुगतान भी
किया गया
है।
स्थानीय
ग्रामीण
अपनी इस
उपलब्धि
को आने
वाली
पीढ़ियों
के लिये
सहेजकर
रखना
चाहते
हैं।