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सफलता
की कहानी
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सूखी
पहाड़ी ने
भरे
हरियाली
के रंग
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भोपाल
: 21 जनवरी, 2012
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सूखी
पहाड़ी
लोगों के
जीवन में
खुशियाँ
ला सकती है,
सुनने में
लगता तो
अजीब है, पर
ऐसा कर
दिखाया है
झाबुआ के
जुलानिया
बड़ा ग्राम
के लोगों
ने। सदा से
बंजर दस
हेक्टेयर
की यह
पहाड़ी अब
हरी-भरी
है। यहाँ
तैयार हो
रहे
हजारों
पेड़ कई
सूखी
पहाड़ियों
को भी हरा-भरा
करेंगे।
यही नहीं
गाँववालों
की माली
हालत में
भी सुधार
हुआ है।
पहले ही
साल
चारागाह
से दो लाख
रुपये की
आमदनी हुई
है।
झाबुआ
जिले का
थांदला
ब्लॉक और
वहाँ का
जुलानिया
बड़ा ग्राम
सही
मायनों
में अच्छी
खबर लेकर
आया है।
मध्यप्रदेश
ग्रामीण
आजीविका
परियोजना
के सहयोग
से ग्राम-पंचायत
और दूसरे
सरकारी
विभागों
के साथ
मिलकर यह
कारनामा
किया है
महज दस
गाँववालों
ने। यह
सूखी
पहाड़ी
हमेशा से
बेकार पड़ी
थी। मिल-बैठकर
पहाड़ी को
उपयोगी
बनाने का
फैसला
लिया गया
और सिंहल
ईंधन एवं
चारागाह
सुरक्षा
समिति ने
एक ही साल
में उसे
हरा-भरा
करने का
कारनामा
कर
दिखाया।
पहाड़ी
के पास
ग्राम-पंचायत
द्वारा
बनाये दो
तालाब
मददगार
हुए हैं।
सद्गुरु
फाण्डेशन
ने भी गाँव
वालों की
मेहनत को
देखते हुए
साधनों की
कमी नहीं
होने दी।
गड्ढे
तैयार
करने और
फील्ड
बंडिंग
में सहयोग
मिला तो
गाँव
वालों ने
साढ़े पाँच
हजार
पौधों को
लगाने के
अलावा
देखते ही
देखते
पहाड़ी को
हरे-भरे
चारागाह
में बदल
दिया।
गाँव
वालों ने
चारागाह
से दो लाख
की आमदनी
भी
प्राप्त
कर ली है।
उन्होंने
छोटे-छोटे
हिस्से कर
पाँच सौ
रुपये में
चारागाह
भी देना
शुरू कर
दिए हैं।
बाँस के
हजारों
पेड़ दो साल
में 7-7 फीट
के हो गए
हैं और
आँवला,
सीताफल,
नीम तथा
करंज के
पेड़ भी बढ़
रहे हैं।
जल-ग्रहण
मिशन ने भी
अब पहाड़ी
पर मिट्टी
बंड एवं
फील्ड
बंडिंग का
कार्य
शुरू किया
है। समिति
के
अध्यक्ष
श्री
पारसिंह
बेलजी
कहते हैं
कि पौधों
के बड़ा
होने पर
समिति को
लाभ होगा
और उनकी आय
से
क्षेत्र
के विकास
की दूसरी
गतिविधियाँ
भी होने
लगेंगी।
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