छिन्दवाड़ा
जिले के
पांढुर्ना
के ग्राम
सिवनी के
श्री
सुनील
चौरे मछली
पालन से
जुड़कर
बहुत खुश
है। नये
व्यवयाय
ने उनके
जीवन की
दिशा ही
बदल दी है।
उनकी और
उनके
परिवार की
माली हालत
सुधरी है
तथा सभी
लोग काफी
खुश है।
सुनील ने
अब एक नई
मोटर
साईकिल
खरीद ली
है। वे
अपनी बहन
की शादी का
सपना भी
संजो रहे
हैं।
सुनील
अपने पिता
बलवंत
चौरे से
प्रेरित
होकर मछली
पालन से
जुड़े
हैं। उनके
पिता
आदर्श
मत्स्योद्योग
सहकारी
समिति,
पांढुर्ना
के सदस्य
है। सुनील
ने स्व-सहायता
समूह
बनाकर गत
वर्ष
ग्राम
पंचायत से
8.661
हेक्टेयर
जल
क्षेत्र
का जलाशय
पट्टे पर
लिया और 5
हजार किलो
मछली पैदा
की।
उन्होंने
एकता
मत्स्योद्योग
सहकारी
समिति का
पंजीयन
कराया।
समिति
अध्यक्ष
के रूप में
23 सदस्यों
के साथ
कार्य
शुरू
किया।
समिति ने 35
हेक्टेयर
जलक्षेत्र
का
खैरीपैका
जलाशय
पट्टे पर
प्राप्त
कर उससे 80
हजार
मत्स्य-बीज
फिंगरलिंग
क्रय कर
संचयन
करा। इससे
पाँच हजार
किलोग्राम
हुआ जिससे 3
लाख रुपये
की आय हुई।
इसी जलाशय
में समिति
अध्यक्ष
सुनील
चौरे ने भी
मत्स्याखेट
कर 2 हजार
किलो मछली
पकड़ी,
जिससे
उन्हें
करीब सवा
लाख की आय
प्राप्त
हुई।