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सफलता
की कहानी
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कपिलधारा
कूप से
आमदनी में
हुआ इजाफा
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बीस
हजार से
बढ़कर दो
लाख की
हुई कमाई
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भोपाल
: 23 अप्रैल, 2011
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नीमच
जिले की
ग्राम
बोरदियाकलां
की
वज्जाबाई
पति श्री
नन्दलाल
के चेहरे
पर आज खुशी
देखते ही
बनती है,
उसे यह
खुशी मिली
है,कपिलधारा
योजना के
तहत अपने
खेत में
कूप
निर्माण
से ! अपने
परिवार के
सदस्यों
के साथ
मजदूरी कर
गुजर-बसर
करने वाली
अनुसूचित
जाति की
महिला
वज्जाबाई
के पास
सम्पत्ति
के नाम पर
मात्र पॉच
बीघा जमीन
है वह भी
असिंचित
है।
पूर्णतः
वर्षा पर
आधारित
होने के
कारण वह
सोयाबीन
की एक ही
फसल ले
पाती थी,
जिससे उसे
बमुश्किल
बीस से
पच्चीस
हजार
रूपये की
वार्षिक
आमदनी हो
पाती थी।
एक
दिन
वज्जाबाई
गॉव में
आयोजित
ग्रामसभा
में सचिव
से
महात्मागांधी
राष्ट्रीय
ग्रामीण
रोजगार
गारंटी
योजना तहत
कपिलधारा
कूप
निर्माण
की
जानकारी
मिली। उसे
पता चला की
अनुसूचित
जाति वर्ग
के लोगों
की जमीन पर
शासन
रोजगार
उपलब्ध
करवाने के
साथ ही
मुफ्त में
कुयें
खुदवा रहा
है। योजना
की
जानकारी
पाते ही
वज्जाबाई
ने तत्काल
सचिव से
सम्पर्क
किया और
उसके
सहयोग से
ग्रामसभा
में ही
प्रस्ताव
कर
सर्वसम्मति
सेल्फ आफ
प्रोजेक्ट
में अपना
नाम
जुडवाया।
ग्राम
पंचायत
द्वारा
कूप
निर्माण
के लिए 1.87
लाख रूपये
की
प्रशासकीय
स्वीकृति
जारी कर
वज्जाबाई
के खेत में
कूप
निर्माण
कार्य
प्रारम्भ
कर दिया
गया। इस
कार्य पर 1.52
लाख रूपये
राशि व्यय
की जाकर
कार्य
पूर्ण
करवाया
गया। कुआ
निर्माण
के कार्य
में
वज्जाबाई
एवं उसके
परिवार
तथा गॉव के
12 परिवारों
को 880 मानव
दिवस
रोजगार भी
मिला। आज
वज्जाबाई
अपने खेत
में
सोयाबीन
की फसल के
अलावा
लहसुन, मटर,
मेथी,
धनिया एवं
अफीम की
फसल ले रही
है।
कपिलधारा
कूप की
बदौलत
उनका
परिवार आज
बीस हजार
रूपये से
बढ़कर डेढ
से दो लाख
रूपये तक
की
वार्षिक
आमदनी
प्राप्त
कर रहा है।
अनुसूचित
जाति के इस
परिवार के
लिए अपने खेत
पर कुंआ
खुदवाना
किसी सपने
से कम नही
था, किन्तु
शासन की
कपिलधारा
योजना ने
उनके सपने
को साकार
कर दिया
है।
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