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सफलता की कहानी

मालिक बन गये चालक

भोपाल : 15 मार्च, 2011

अंतिम पक्ति में खड़े गरीब और जरूरतमंद लोगों को लाभ दिलाने, उन्हें समाज की मुख्यधारा में लाने, उनकी खुशहाली, उन्हें आर्थिक सम्बल देने, उनके परिवार की बेहतरी के लिये मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान न केवल चिंतित है बल्कि ऐसी योजनाओं को लागू भी कर रहे जिनसे गरीब वर्ग के लोग सीधे लाभ ले सकें। इन्हीं योजनाओं में शामिल है मुख्यमंत्री साइकिल रिक्शा चालक कल्याण योजना, हाथ ठेला चालक कल्याण योजना और मुख्यमंत्री शहरी घरेलू कामकाजी महिला कल्याण योजना। इन योजनाओं का जिले के सैकड़ों हितग्राही लाभ उठाने लगे हैं।

जिले में साइकिल रिक्शा चालक कल्याण योजना और हाथ ठेला चालक योजना में 164 हितग्राही अब चालक से मालिक बन गये हैं क्योंकि अब इनका स्वयं का रिक्शा और हाथठेला हो गया है। खुद का रिक्शा चलाने से इन हितग्राहियों को काफी सुकून का अनुभव हो रहा है ये हम नहीं बल्कि स्वयं हितग्राही ही कह रहे है।

साइकिल रिक्शा चालक 66 वर्षीय नारायण नामदेव ने 50 बसंत रिक्शा चलाकर ही गुजार दिये है, एक रूपैइया 75 पैसे के किराये से रिक्शा चलाते हुए आज 30-35 रूपये तक एक दिन का किराया अदा करते आ रहे थे, अब ये खुश है कि सरकार ने आखिरकार गरीबों की सोची तो है, सरकार यदि और पहले सोच लेती तो और फायदा होता। वैसे इन्होंने रिक्शे से प्राप्त राशि से अपने बाल बच्चे भी पढ़ाये है। रिक्शा चालक 44 बर्षीय श्री रमेश रैकवार तो स्वयं 11 वीं पास है, इसलिये अपनी बिटिया की पढ़ाई पर विशेष ध्यान दे रहे इनकी बिटिया 10 वीं में पढ़ रही है, ड्रेस, किताबें तो सरकार दे ही रही है।

रिक्शा चालक श्री राजेन्द्र, पवन, रतन, बल्ली, चंदराम, सूरत पटैल हाथ ठेला चालक श्री टेकचंद, धर्मेन्द्र, गोपालदास जैसे सैकड़ों अब चालक से मालिक बन गये हैं। सबको खुशी इस बात की है, इनके खून पसीने की कमाई का पूरा पैसा अपना होगा, किराया नहीं देना पड़ेगा। रिक्शा चालक श्री जीवनलाल पटैल एवं श्री हेमंत चक्रवर्ती का कहना है कि हम गरीबों के लिये ये योजना बहुत फायदेमंद है, अब हर महीने 600 से लेकर 700 रूपये तक के किराये की बचत होने लगी है और उन्हें किश्त के रूप में बैंक में 210-220 रूपये ही महीने के भरने पड़ते हैं। हर महीने 3 हजार से लेकर चार-साढ़े चार हजार की आमदनी से घर परिवार चला रहे है।

गौरतलब है कि साइकिल रिक्शा चालक योजना में जिले में 39 हितग्राहियों को 2 लाख 20 हजार की अनुदान राशि सरकार ने दी है, 117 हितग्राहियों के प्रकरण बैंकों ने और स्वीकृत कर दिये हैं। इसी तरह हाथ ठेला चालक कल्याण योजना में 218 के प्रकरण बैकों ने स्वीकृत किये हैं और 125 को हाथ ठेला उपलब्ध कराये गये हैं। इन्हें 5 लाख 28 हजार की सब्सिडी दी गई है। मुख्यमंत्री शहरी घरेलू कामकाजी महिला कल्याण योजना में चिन्हित 3111 का पंजीयन कर परिचय पत्र दिये जा चुके है।

आर.एस. पाराशर

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