|
सफलता
की कहानी
|
|
प्रतिस्पर्धा
के दौर में
सचिन हुये
आर्थिक
रूप से
आत्मनिर्भर
|
|
|
|
|
भोपाल
: 04 अप्रैल, 2011
|
|
|
आज
के
प्रतिस्पर्धा
के दौर में
युवा वर्ग
के सामने
नौकरी
पाना एक
बड़ी भारी
समस्या
है। युवा
वर्ग की इस
समस्या को
देखते
हुये
राज्य
सरकार ने
स्वरोजगार
के
उद्देश्य
से अनेक
योजनाएं
संचालित
की हैं।
इनमें से
एक योजना
रानी
दुर्गावती
स्वरोजगार
योजना भी
है। इस
योजना के
जरिये
अनुसूचित
जाति वर्ग
के युवाओं
को स्वयं
का
व्यवसाय
करने के
लिये
आर्थिक
मदद
दिलायी
जाती है।
शिवपुरी
के
अनुसूचित
जाति वर्ग
के युवक
श्री सचिन
करारे को
भी रानी
दुर्गावती
स्वरोजगार
योजना का
लाभ मिला
है। इस
योजना के
जरिये वे
आर्थिक
रूप से
आत्मनिर्भर
हो गये
हैं। सचिन
करारे ने
ग्रेज्यूशेन
के दौरान
अपना
व्यवसाय
प्रारंभ
करने का
सपना देखा
था। वे
कम्प्यूटर
कार्य
जानते थे,
उनकी
इच्छा थी
कि वे
कम्प्यूटर
के जॉब
वर्क के
लिये
दुकान
खोलें।
निर्धन
वर्ग से
तालुक
रखने वाले
सचिन के
सामने
पूंजी की
समस्या
थी।
उन्हें
समाचार
पत्रों के
माध्यम से
रानी
दुर्गावती
स्वरोजगार
योजना की
जानकारी
मिली। इस
सिलसिले
में
उन्होंने
शिवपुरी
जिला
उद्योग
केन्द्र
में
सम्पर्क
कर
कम्प्यूटर
जॉब वर्क
की दुकान
खोलने की
योजना
अधिकारियों
को बताई।
जिला
व्यापार
एवं
उद्योग
केन्द्र
के
अधिकारियों
ने सचिन के
उत्साह को
देखते
हुये उनका
प्रकरण
तैयार कर
राष्ट्रीयकृत
बैंक को
भेजा।
सचिन को ऋण
राशि के
साथ 30 हजार
रूपये का
अनुदान भी
दिलाया
गया।
आज
सचिन
सफलतापूर्वक
कम्प्यूटर
की दुकान
चला रहे
हैं। उनकी
दुकान में
तीन
कम्प्यूटर,
अन्य
स्टेशनरी
एवं
इंटरनेट
की सुविधा
भी है।
सचिन को
दुकान से
नियमित
रूप से
होने वाली
आय से उनकी
एवं उनके
परिवार की
प्रतिष्ठा
समाज में
बढ़ी है।
सचिन
आज अपने
मित्रों
से कहते
हैं कि कोई
भी कार्य
दृढ़
संकल्प के
साथ
प्रारंभ
किया जाये
तो सफलता
जरूर
मिलती है।
|