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ग्राम
पंचायत
बड़गांव
की पहचान
बनी लाख
आभूषण से
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भोपाल
: 31 मई, 2010
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कटनी
जिले की
ग्राम
पंचायत
बड़गांव
की पहचान
लाख आभूषण
के रूप में
पूरे जिले
में होती
है।
बड़गांव
में
निर्मित
लाख के
आभूषण
बड़े-बड़े
शहरों में
पसंद किये
जा रहे
हैं।
ग्राम
पंचायत
बड़गांव
में
स्वर्ण
जयंती
ग्राम
स्वरोजगार
योजना के
अंतर्गत
जय माँ
भवानी
स्वसहायता
समूह को
वित्तीय
सहायता
उपलब्ध
कराई गई
है।
महिलाओं
के इस
स्वसहायता
समूह को
बैंक के
माध्यम से
तीन लाख
रूपये का
ऋण एवं एक
लाख रूपये
का अनुदान
उपलब्ध
कराया
गया। समूह
की
महिलायें
बताती हैं
कि उनके
परिवार की
आमदनी
इतनी नहीं
थी कि उनके
परिवार का
गुजर-बसर
अच्छे
तरीके से
हो सके।
महिलायें
अपने
परिवार को
आर्थिक
रूप से मदद
देने की
इच्छा
रखती थी।
ग्राम
पंचायत
में जब
महिलाओं
के
स्वसहायता
समूह के
गठन की बात
चली तो
महिलाओं
के सामने
यह चुनौती
थी कि वे
कौन सा
व्यवसाय
करें।
समूह की
कुछ
महिलायें
लाख के
आभूषण
बनाने का
काम जानती
थीं। बाद
में
स्वसहायता
समूह की
महिलाओं
ने लाख के
आभूषण
बनाने का
निर्णय
लिया। लाख
के आभूषण
की जानकार
महिलाओं
ने समूह की
अन्य
महिलाओं
को भी इस
काम में
दक्ष
किया।
स्वसहायता
समूह की
महिलाओं
को महेश
लखेरा ने
लाख के
विभिन्न
कलात्मक
आभूषणों
के बारे
में और
जानकारी
दी। लाख के
आभूषण
बनाने के
लिये
कच्चा माल
धमतरी एवं
जयपुर से
आता है।
लाख के
आभूषणों
में हार,
बेसलेंट,
बेंदी,
पायल,
बिछिया,
करधन,
अंगूठी,
मंगलसूत्र
आदि तैयार
किये जा
रहे हैं।
जय
माँ भवानी
स्वसहायता
समूह
द्वारा
निर्मित
लाख के
आभूषण
इन्दौर,
भोपाल,
जबलपुर के
अलावा
राज्य के
बाहर अन्य
बड़े
शहरों
जयपुर,
हैदराबाद,
कलकत्ता
आदि जगहों
में भी
बेचे गये
हैं।
स्वसहायता
समूह के
उत्पादों
का
प्रदर्शन
सरस मेलों
में भी हुआ
है। वर्ष 2009
में
कलकत्ता
में रीजनल
सरस मेला
लगाया गया
था, जिसमें
मध्यप्रदेश
की ओर से भी
दुकान
लगाई गई
थी। इस
मेले में
मध्यप्रदेश
के मंडप को
तृतीय
पुरस्कार
प्राप्त
हुआ।
मध्यप्रदेश
के इस मंडप
में लाख के
सुन्दर
आभूषणों
को
प्रदर्शित
किया गया
था।
स्वसहायता
समूह में
कार्य
करने वाली
सखी बाई,
आशा बाई
बताती हैं
कि
स्वसहायता
समूह गठन
के बाद से
उन्होंने
अपने
परिवार
में
लड़कियों
की शादी
में
आर्थिक
रूप से
महत्वपूर्ण
भूमिका
निभाई है।
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