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कटनी
जिले का
आदिवासी
बाहुल्य
नैगवॉ
जैविक
तीर्थ के
रूप में
उभरकर
सामने आया
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भोपाल
: मंगलवार, 30 मार्च
, 2010
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कटनी
जिले के
बहोरीबंद
विकासखंड
का ग्राम
नैगवॉ
प्रदेश
में जैविक
विधि से
खेती करने
वाला
अग्रणीय
गाँव बनकर
सामने आया
है।
आदिवासी
बाहुल्य
ग्राम
नैगवॉ के 50
किसान
परिवार
पिछले कुछ
वर्षों से
जैविक
खेती की नई-नई
विधियों
को अपनाकर
आस-पास के
गाँव में
मिसाल दे
रहे हैं।
किसान
कल्याण
मंत्री डॉ.
रामकृष्ण
कुसमरिया
ने भी
पिछले
दिनों इस
गाँव में
पहुंचकर
किसानों
द्वारा
हासिल की
गई
उपलब्धियों
को देखा
है।
किसानों
की जैविक
खेती की ओर
सच्ची लगन
को देखते
हुये
उन्होंने
इस गाँव को
जैविक
तीर्थ के
रूप में
घोषणा की
है।
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जैविक
तीर्थ के
रूप में
उभरा
कटनी
जिले का
ग्राम
नैगवॉ
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गाँव
में
जैविक
विधि से
उत्पादित
कृषि
उत्पादों
की
मार्केटिंग
की
व्यवस्था
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सामुदायिक
भवन
निर्माण
के लिये 1.15
एकड़
भूमि का
आवंटन
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आदिवासी
गाँव
नैगवॉ का
भौगोलिक
रकबा 350
हेक्टेयर
है। इसमें
से 82
हेक्टेयर
रकबे में
खरीफ की
फसल एवं 92
हेक्टेयर
में रबी की
फसल ली
जाती है।
आदिवासी
बाहुल्य
इस गाँव
में
जागरूक
किसान
निरंतर
सिंचाई
साधनों की
वृद्धि
में लगे
हुये हैं।
वर्तमान
में 8
सिंचाई
कुओं एवं 11
नलकूपों
की मदद से
लगभग 45
हेक्टेयर
रकबे में
सिंचाई की
सुविधा
हासिल कर
ली गई है।
किसानों
को कृषि के
क्षेत्र
में
आधुनिक
तकनीकों
की
जानकारी
निरंतर
मिल सके इस
उद्देश्य
से पिछले
आठ वर्षों
से जैविक
कृषि
पाठशाला
का संचालन
किया जा
रहा है। इस
पाठशाला
में
सप्ताह
में
प्रत्येक
मंगलवार
को गाँव के
ही किसान
कृपाल
सिंह के घर
की दहलान
में शाम 7.30
से रात्रि 9
बजे तक
कृषि
पाठशाला
आयोजित हो
रही है। इस
पाठशाला
में न केवल
ग्राम
नैगवॉ के
बल्कि आस-पास
के गाँव के
किसान भी
शामिल हो
रहे हैं।
किसानों
को जैविक
खाद बनाने
की
विभिन्न
विधियों
इनमें
केंचुआ
खाद,
मटकाखाद,
अमृतभूत,
जैविक
कीटनाशक,
मिट्टी
परीक्षण,
किसान
क्रेडिट
कार्ड, फसल
बीमा,
उद्यानिकी
आदि के
बारे में
भी
जानकारी
दी जा रही
है। गाँव
के कृषि
विस्तार
अधिकारी
श्री
रामसुख
दुबे ने
बताया कि
कृषि
पाठशाला
की सफलता
को देखते
हुये इफको
कम्पनी ने
सामुदायिक
भवन
निर्माण
के लिये
पांच लाख
रूपये की
राशि
उपलब्ध
कराने की
बात कही
है। जिला
प्रशासन
ने
सामुदायिक
भवन
निर्माण
के लिये 1.15
एकड़ भूमि
का आवंटन
कर दिया
है।
नैगवॉ
आदिवासी
बाहुल्य
के किसान
उन्नत
खेती का
व्यावहारिक
ज्ञान
प्राप्त
कर सके इस
उद्देश्य
से किसान
कल्याण
विभाग
द्वारा
किसानों
को दिल्ली
में
आयोजित
एक्सपो,
जैविक हाट
इंदौर,
भोपाल,
मलगाँव
खंडवा,
गढ़ाकोटा (सागर),
रीवा, सीधी
जिले के
कंधवार,
जिला
स्तरीय
किसान
सम्मेलनों
में भी
भागीदारी
सुनिश्चित
की गई।
नैगवॉ
में
उत्पादित
जैविक
कृषि
उत्पादों
के विपणन
के लिये
जिला
पंचायत
कटनी
द्वारा
स्वर्ण
जयंती
ग्राम
स्वरोजगार
योजना के
अंतर्गत
वित्तीय
सहायता
उपलब्ध कर
जीप-ट्राली
की
व्यवस्था
की गई है।
यह ट्राली
जैविक
कृषि
उत्पादों
को जिला
मुख्यालय
में
नियमित
रूप से
बेचने का
कार्य कर
रही है।
प्रगतिशील
गाँव के
रूप में
उभरकर
सामने आये
नैगवॉ में
विभिन्न
जिलों के
कृषक,
विभिन्न
प्रांतों
के कृषि
अधिकारी,
वैज्ञानिक,
राष्ट्रीय
स्तर के
नेतागण
एवं
वरिष्ठ
अधिकारियों
ने समय-समय
पर इस गाँव
में
पहुंचकर
किसानों
की
उपलब्धियों
को देखा
है।
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