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साहस
और
आत्मविश्वास
के बलबूते
पर सफल
व्यवसायी
बने अशोक
कुमार
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भोपाल
: 21
मई, 2010
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आज
के दौर में
युवाओं के
सामने
नौकरी
पाना एक
बड़ी भारी
समस्या बन
गया है।
केवलारी
तहसील
जिला
सिवनी के
ग्राम
उगली के
अशोक
कुमार के
सामने भी
यह समस्या
आ गई थी।
अशोक
कुमार के
बचपन में
ही उनके
माता-पिता
का साया उठ
गया था।
उनकी
परवरिश
उनके मामा
के यहां
हुई।
पढ़ाई-लिखाई
के बाद
उन्होंने
कुछ समय
नौकरी
पाने के
लिये
प्रयास
किये।
अशोक
कुमार जब
नौकरी के
लिये
प्रयास कर
रहे थे तो
उनके मामा
ने उन्हें
स्वयं का
व्यवसाय
शुरू करने
की सलाह
दी।
व्यवसाय
शुरू करने
के लिये
पूंजी
जुटाना भी
एक बड़ी
भारी
समस्या
थी। अशोक
कुमार के
मिलने
वालों ने
उन्हें
जिला
अन्त्यावसायी
समिति
सिवनी में
सम्पर्क
करने की
सलाह दी।
उन्होंने
हिम्मत
जुटाकर
अन्त्यावसायी
समिति के
कार्यालय
में जूता-चप्पल
व्यवसाय
प्रारंभ
करने की
योजना
बताई।
कार्यपालन
अधिकारी
ने अशोक
कुमार से
बात करने
के बाद
उन्हें ऋण
लेने की
सलाह दी।
अनुसूचित
जाति वर्ग
के अशोक
कुमार को
व्यवसाय
प्रारंभ
करने के
लिये एक
लाख रूपये
की ऋण राशि
मंजूर
हुई। ऋण
राशि के
बाद
उन्हें
अनुदान की
राशि भी
उपलब्ध
कराई गई।
अशोक
कुमार अब
उगली में
सफलतापूर्वक
दुकान चला
रहे हैं।
वे आजकल आस-पास
के
ग्रामों
के फुटकर
व्यवसायियों
को भी माल
उपलब्ध
करा रहे
हैं।
अशोक
कुमार ली
गई ऋण राशि
की नियमित
रूप से
किश्त
चुका रहे
हैं।
उन्होंने
सफलतापूर्वक
व्यवसाय
करते हुये
ऋण राशि की
अधिकांश
किश्ते
चुकता कर
दी हैं।
अशोक
कुमार
बताते हैं
कि वे ऋण
राशि
चुकाने के
बाद अपने
व्यवसाय
को ओर
बढ़ायेंगे
और जरूरत
पड़ने पर
बैंक से और
ऋण लेंगे।
अशोक
कुमार उन
युवाओं के
लिये
प्रेरणा
स्त्रोत
बन गये हैं
जो स्वयं
का
व्यवसाय
आरंभ करना
चाहते
हैं। अशोक
कुमार
बताते हैं
कि साहस और
आत्मविश्वास
से ही वे आज
सफल
व्यवसायी
हैं।
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