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सफाई
कामगार से
टेंट
व्यवसायी
बनी
महिलाएं
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भोपाल
: 12 मई, 2010
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भोपाल
के
शाहजांनाबाद
संजय नगर
की निवासी
श्रीमती
भगवती बाई
पिछले
काफी
लम्बे समय
से सफाई
कामगार के
रूप में
अपने घर
परिवार का
गुजर बसर
कर रही
थीं।
बच्चों के
बड़े होने
के बाद
उनके मन
में हमेशा
टीस बनी
रहती थी कि
वे अपने
बच्चों के
लिये कोई
सम्मानजनक
व्यवसाय
कर
पायेंगी
या नहीं।
भगवती
बाई ने
महिला
स्वसहायता
समूह के
बारे में
सुन रखा
था। इसी
सिलसिले
में
उन्होंने
अपने
क्षेत्र
के
अधिकारियों
से चर्चा
की। चर्चा
में
उन्हें
राष्ट्रीय
सफाई
कर्मचारी
वित्त एवं
विकास
निगम की
योजनाओं
की
जानकारी
मिली। इस
संबंध में
उन्होंने
भोपाल
जिला
अंत्यावसायी
समिति के
कार्यालय
में
सम्पर्क
किया।
भगवती बाई
को समिति
के
अधिकारी
ने पांच
महिलाओं
का
स्वसहायता
समूह
बनाने की
सलाह दी।
स्वसहायता
समूह गठित
होने के
बाद भगवती
बाई को
स्वरोजगार
योजना के
तहत टेंट
व्यवसाय
के लिये दो
लाख रूपये
का ऋण एवं 50
हजार
रूपये का
अनुदान
उपलब्ध
कराया
गया।
भगवती
बाई आज
समूह के
अन्य
महिलाओं
के साथ
आसपास के
क्षेत्र
में होने
वाले
कार्यक्रमों
के लिये
टेंट
सामग्री
उपलब्ध
करा रही
हैं।
भगवती बाई
और उनके
समूह ने
निगम से
लिये गये
ऋण की सभी
किस्तें
समय पर अदा
कर दी हैं।
उनकी
कर्तव्यनिष्ठा
के कारण
भगवती बाई
को
राष्ट्रीय
स्तर पर
सामाजिक
न्याय एवं
अधिकारिता
मंत्रालय
द्वारा
अंर्तराष्ट्रीय
महिला
दिवस पर
सम्मानित
भी किया जा
चुका है।
वर्ष 2009
दिसम्बर
माह में
केन्द्रीय
सामाजिक
न्याय एवं
अधिकारिता
मंत्री
श्री
मुकुल
वासनिक
भोपाल
यात्रा पर
आये थे तो
उन्होंने
शाहजांनाबाद
स्थित
भगवती बाई
की टेंट
इकाई को
देखा था और
उसकी
प्रशंसा
की थी।
केन्द्रीय
मंत्री के
साथ
राष्ट्रीय
सफाई
कर्मचारी
वित्त एवं
विकास
निगम के सी.एम.डी.
श्री ललित
कोहली एवं
भोपाल
अंत्यावसायी
समिति के
मुख्य
कार्यपालन
अधिकारी
श्री व्ही.आर.
कोरी भी
साथ थे।
मुख्य
कार्यपालन
अधिकारी
श्री कोरी
ने बताया
कि वर्ष 2009-10
में
अंत्यावसायी
समिति
भोपाल
द्वारा
भोपाल
जिले के 24
सफाई
कामगारों
को
सम्मानजनक
व्यवसाय
प्रारंभ
कराने के
लिये 24 लाख
रूपये का
ऋण एवं
अनुदान
उपलब्ध
कराया गया
है। इन
हितग्राहियों
ने ऑटो,
टाटा
मेजिक,
प्रिटिंग
प्रेस एवं
अन्य छोटे
व्यवसाय
प्रारंभ
किये हैं।
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