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सफलता की कहानी

अब दूधिया रोशनी से जगमगाते हैं ग्राम गोल्याहेड़ा के घर

भोपाल: बुधवार, 10 मार्च , 2010

बिजली के महत्व को समझकर घर-घर में बचत करने का संकल्प लेकर ग्राम गोल्याहेड़ा के लोगों ने पूरे जिले को बिजली बचत का संदेश दिया है। ग्रामवासियों ने जन अभियान परिषद की समझाईश पर कम बोल्टेज वाली सीएफएल को अपनाकर ज्यादा बिजली खपत करने वाले बल्वों से नाता तोड़ दिया है। ग्राम गोल्याहेड़ा के सभी 102 परिवारों के घरों में अब सीएफएल की दूधिया रोशनी जगमग करती है। घर में काम करने वाली महिलाओं के साथ बच्चों को अब दूधिया रोशनी में अपना काम करने में एक अलग प्रकार की सुखद अनूभूति का अहसास होता है।

जिला मुख्यालय से करीब 55 कि.मी. दूर विकास खण्ड चांचौड़ा का ग्राम गोल्याहेड़ा जिले का पहला ऐसा गांव बन गया है जहां के ग्रामीण शतप्रतिशत सीएफएल का प्रयोग कर रहे हैं। गत दो माह पूर्व मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद की जिला इकाई गुना ने ऊर्जा बचत की दिशा में कदम बढ़ाते हुये ग्राम गोल्याहेड़ा को चुनते हुये अपने प्रयास प्रारंभ किये। गांव में ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति का गठन किया गया। इस समिति में ग्रामीणों को शामिल किया जाकर घर-घर ऊर्जा बचत की समझाईश दी गई। समिति ने गांव के प्रत्येक घर में जाकर यह सर्वे किया कि किस घर में विद्युत के कौन से उपकरण उपयोग में लिये जा रहा हैं। सर्वे में यह सामने आया कि गांव के 102 घरों में 100 वाट के 175 बल्व, 60 वाट के 37 बल्व, 40 वाट के 7 बल्व, 15 वाट के 27 बल्व और 40 वाट की 7 ट्यूव लाईटें लगी हुई हैं। अब इनके स्थान पर सिर्फ सीएफएल का प्रयोग ग्रामीण कर रहे हैं। पहले पूरे गांव में 21 हजार वाट का उपयोग ग्रामीणजन करते थे जो सीएफएल के उपयोग से घटकर मात्र 3 हजार वाट रह गया हैं।यानि शुद्ध रूप से 18हजार वाट की बचत गांव वालों ने कर ली हैं।

जन अभियान परिषद के जिला संमन्वयक श्री जे.एन. शर्मा ने बताया कि लगातार दो माह तक ग्रामीणों के बीच विद्युत बचत के लिये जागरुकता अभियान चलाया गया। इसके सफल परिणाम स्वरुप आज गांव के सभी घरों में सीएफल को अपनाया जा चुका है। प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान द्वारा विद्युत बचत के लिये प्रांत व्यापी जन जागरण अभियान चलाया गया है। इसी क्रम में जन अभियान परिषद भी गुना जिले के गांव में अभियान चला रही हैं। शतप्रतिशत सीएफएल का उपयोग करने वाले जिले के पहले गांव गोल्याहेड़ा में ग्रामीणों द्वारा लाये गये परिवर्तन को देखने जिले के प्रशासनिक अधिकारी और समाजसेवी गांव में पहुंच रहे हैं। सोमवार 8 मार्च को चांचौड़ा एस.डी.एम. श्री सोहन कनाश जन अभियान परिषद के दल के साथ गांव पहुंचे और ग्रामीणों द्वारा अपनाई गई नई शुरुआत को सराहा।

गांव के सरपंच रामभरोसा मीना ने कहाकि हम सभी गांव वालों के लिये यह गर्व का विषय है कि हमने ऊर्जा बचत की दिशा में पहला कदम उठाया है। इस महत्ती कार्य में गांव के प्रत्येक व्यक्ति ने कंघे से कंधा मिलाकर काम किया। ग्रामीण राधे कृष्ण कुशवाह ने बताया कि ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति ने हमारे गांव को न केवल ऊर्जा बचत की दिशा में बल्कि स्वच्छता एवं आपसी भाई चारे के लिये भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई हैं। एक अन्य ग्रामीण सुरेश पेंढारकर ने बताया कि घर घर में सीएफएल की दूधिया रोशनी न सिर्फ आंखों को सकून पहुंचाती है बल्कि बिजली के देयक भी अब कम आने लगेंगे। गांव का भ्रमण करने पहुंचे वरिष्ठ समाजसेवी वेद प्रकाश श्रीवास्तव और एस.पी. अग्रवाल ने ग्राम गोल्याहेड़ा में आये इस परिवर्तन एवं जागरुकता को काफी सराहा।

जी.एस. वाधवा

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