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सफलता
की कहानी
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ग्रामीणों
के साथ पशु
पक्षियों
के लिये
आसरा बने
मनरेगा के
दो तालाब
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जून
माह में
भी है
पानी
लबालब
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गुना
: 09 जून, 2010
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जून
माह की
गर्मी में
जहां एक ओर
जिले के
तालाबों
में पानी न
के बराबर
रह गया है,
वहीं गुना
जनपद के
ग्राम
मुहालपुर
और
विनायकखेड़ी
में
ग्रामीणों
द्वारा
बनाये गये
तालाबों
में
पर्याप्त
जल का
संग्रहण
देखा जा
सकता है।
मनरेगा
अन्तर्गत
गॉव के
पठारी
क्षेत्र
में
निर्मित
किए गए इन
तालाबों
से
ग्रामीणों
को तो
फायदा हुआ
ही है, वहीं
दूसरी ओर
बड़ी
संख्या
में पशु
पक्षियों
को भी पूरी
गर्मी
यहां आसरा
मिला।
मई
और जून माह
की
चिलचिलाती
गर्मी के
बावजूद भी
मुहालपुर
और
विनायकखेड़ी
के
तालाबों
में
पर्याप्त
पानी है।
वर्ष 2009 में
वर्षाकाल
के पूर्व
गर्मी के
दिनों में
यहां
तालाब
निर्माण
का कार्य
शुरु किया
गया था।
महात्मा
गांधी
रोजगार
गारंटी
योजना के
तहत
मजदूरी
आधारित
निर्मित
किये जाने
का कार्य
शुरु हुआ।
गॉव को जल
संकट से
मुक्त
कराने के
लिये
स्थानीय
ग्रामवासियों
ने पूरी
लगन के साथ
मेहनत की।
ग्रामीणों
की मेहनत
का मौल
दिया
रोजगार
गारंटी
योजना ने
और बन कर
तैयार हुआ
गॉव का
अपना
तालाब।
पठारी
क्षेत्र
में वर्षा
के जल को
सहेजा देख
स्थानीय
ग्रामीण
फूले नहीं
समाते।
उनका कहना
है कि यहीं
तालाब
हमारे गॉव
की तस्वीर
और तकदीर
को
बदलेगा।
तालाब में
जमा हुए
वर्षा के
जल ने गांव
का भू-जल
स्तर तो
बढ़ाया ही
है, साथ ही
निस्तार
की स्थाई
व्यवस्था
भी
सुनिश्चित
हो गई है।
गॉव के
पशुपालकों
के लिए
तालाब
वरदान बने
हैं।
तालाब
बनने से
पहले
पठारों पर
गिरी
वर्षा की
बोछारें
बह कर गांव
के बाहर
चली जाती
थी। अब
उन्हें
तालाबों
में
समेटकर
सहेज लिया
गया है।
जनपद
गुना के
मुख्य
कार्यपालन
अधिकारी
श्री
राकेश
शर्मा
बताते हैं
कि रोजगार
गारंटी
योजना के
प्रथम
वर्ष में
मुहालपुर
में एक
तालाब
बनाया गया
था, जिसमें
मई माह तक
पानी भरा
रहता था।
इस तालाब
के सीपेज
को और डाउन
स्ट्रीम
की
पहाड़ियों
से आने
वाले पानी
को
संग्रहित
करने के
लिए गत
वर्ष एक और
तालाब का
निर्माण
ग्राम
पंचायत के
माध्यम से
किया गया।
श्रृंखला
में बने इस
दूसरे
तालाब में
आज जून के
महिने में
भी जल
भण्डारण
देखा जा
सकता है।
तालाब में
संग्रहित
पानी
जितना
सकूल
ग्रामीणों
को दे रहा
है, उससे
अधिक गॉव
के पशु
पक्षियों
के जीवन को
बचाने में
महत्ती
भूमिका
निभा रहा
है।
उन्होंने
बताया कि
मुहालपुर
के तालाब
की पाल 70
मीटर और
विनायकखेड़ी
के तालाब
की पाल 60
मीटर
लम्बी
बनाई गई।
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