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कपिलधारा
कूपों से
गरीब
किसानों
के घर आ रही
खुशहाली
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दमोह
: 08 अप्रैल, 2010
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जिले
में
महात्मा
गांधी
राष्ट्रीय
ग्रामीण
रोजगार
गारंटी
योजना
मध्यप्रदेश
की
उपयोजना
कपिलधारा
के
अंतर्गत 7355
गरीब
किसानों
के लिये
सरकारी
खर्चे पर
कूप
निर्माण
स्वीकृत
किये गये
है। इनमें
से 3306
हितग्राहियों
के कूप
पूरी तरह
से बन चुके
है और ये
कृषक कुएं
के पानी का
उपयोग फसल
सिंचाई के
लिये करने
भी लगे है।
कलेक्टर
श्री आर.ए.खण्डेवाल
जिन्होंने
कपिलधारा
कूप योजना
के महत्व
को समझा
उन्होंने
कपिलधारा
कूपों का
जिले भर
में जाल
बिछाने के
लिये भरसक
प्रयास
किये।
पंचायत
सचिवों को
लक्ष्य
दिये और
कूप पूर्ण
करने की
समय सीमा
तय की, हर
सप्ताह
विकासखण्ड
मुख्यालयों
पर सचिवों
की बैठक
में
लगातार
कूप
निर्माण
कार्य की
समीक्षा
की जिसका
सुफल यह
रहा कि
जिले में 3306
हितग्राहियों
के कूप
पूर्ण हो
चुके है।
इनसे
सिंचाई कर
हितग्राहियों
ने दोगुनी-तिगुनी
फसल
उत्पादन
लेना शुरू
कर दिया
है। कल तक
बंजर सी
जमीन आज
सोना उगल
रही है।
शासन
ने इन्हें
कुआं
मुफ्त में
खुदवा कर
तो दे दिये
लेकिन
इनमें से
कईयों के
पास स्वयं
का सिंचाई
साधन
अर्थात
विद्युत
मोटर, डीजल
पम्प न
होने से ये
दूसरे के
साधन के
आसरे पर
निर्भर
थे। ये
हितग्राही
सिंचाई
साधन के
लिये
दूसरे पर
निर्भर न
रहें इस
हेतु
कलेक्टर
श्री
खण्डेवाल
और जिला
पंचायत के
मुख्य
कार्यपालन
अधिकारी
डॉ.
सतेन्द्र
सिंह ने इन
हितग्राहियों
के यहाँ
स्वयं का
सिंचाई
साधन हो
इसकी
पक्की
व्यवस्था
सुनिश्चित
करने के भी
प्रयास
शुरू
किये। इन
हितग्राहियों
को स्वर्ण
जयंती
ग्राम
स्वरोजगार
योजना के
अंतर्गत
लाभ
दिलाने की
रणनीति
तैयार की।
इसके तहत
इच्छुक
हितग्राही
कृषकों को
बिजली की
मोटर, डीजल
पम्प,
सिंचाई के
पाइप,
स्प्रिंकलर
हेतु बैक
से ऋण
प्रकरण
स्वीकृत
कराये जा
रहे है।
इसमें
प्रत्येक
प्रकरण पर,
प्रकरण
अनुसार 7
हजार 500 से
लेकर 10 हजार
तक की
अनुदान
राशि जिला
पंचायत से
दी जा रही
है। इसके
साथ ही
कृषि,
आदिमजाति
कल्याण और
अंत्यावसायी
विभाग के
द्वारा
कपिलधारा
कूप हेतु
शासन से
प्राप्त
लक्ष्य को
भी जिला
पंचायत के
सहयोग से
पूरा
कराया जा
रहा है।
अभी
तक जिले
में 820
हितग्राहियों
के
प्रकरणों
में 4 करोड़
93 लाख 5 हजार
रूपये की
राशि
स्वीकृत
की गई है।
इसमें से
जिला
पंचायत
द्वारा 604
हितग्राहियों
को 3 करोड़ 63
लाख 45 हजार
रूपये की
राशि
स्वर्ण
जयंती
ग्राम
स्वरोजगार
योजना के
तहत
स्वीकृत
की गई है।
कृषि
विभाग
द्वारा 143
हितग्राहियों
के प्रकरण
में 85 लाख 8
हजार
रूपये,
अंत्यावसायी
द्वारा 43
हितग्राहियों
को 25 लाख 8
हजार
रूपये और
आदिम जाति
कल्याण
विभाग
द्वारा 30
हितग्राहियों
को 18 लाख
रूपये की
राशि
स्वीकृत
की गई है।
जिले
के 820 गरीब
किसान
पूर्ण रूप
से कृषि
कार्य के
लिये
सक्षम हो
गये है
इनके पास
कुआं है,
सिंचाई का
साधन भी
उपलब्ध
करा दिया
गया है।
मेहनत
इनको करनी
है, कहा भी
गया है कि
मेहनत का
फल मीठा
होता है।
खेती
करेंगे
खेतों में
पानी
जायेगा तो
खुशहाली
आना
लाजिमी
है।
जिन
किसानों
के यहाँ
कूप
खुदवाये
गये है
उनकी इतनी
क्षमता या
ऐसी
आर्थिक
स्थिति
नहीं थी की
वे स्वयं
के साधनों
से कूप
खुदवा
सकें। इस
लिहाज से
कपिलधारा
उपयोजना
इनके लिये
वरदान बन
गई है।
जिले
में
वित्तीय
वर्ष 2009-10 के
अंत तक 7355
कूप
निर्माण
की
स्वीकृति
दी गई है।
इनमें से 3306
कूप पूर्ण
हो चुके
है। जिला
पंचायत के
मुख्य
कार्यपालन
अधिकारी
बताया है
कि दमोह
जनपद में
स्वीकृत 1691
में से 696,
हटा में 928
में से 206,
पटेरा में
1068 में से 453,
तेन्दूखेड़ा
में 1446 में
से 630, जबेरा
में 808 में
से 491,
पथरिया
में 962 में
से 582 और
बटियागढ़
में
स्वीकृत 452
कूप में से
248 कूप
निर्मित
हो चुके
है।
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