|
बरसात
में
छात्रों
को स्कूल
से नहीं
लेना पड़ी
छुट्टी
|
|
|
|
|
|
|
राजगढ़, बुधवार, 23 सितम्बर 2009
|
|
|
जिले
की
जीरापुर
जनपद
पंचायत की
ग्राम
पंचायत
बालाहेडा
में
राष्ट्रीय
ग्रामीण
रोजगार
गारंटी
योजना -
मप्र के
तहत बनाई
गई दो
सडकों से
सेमला तथा
सूरजपुरा
गांव के
बच्चों को
बारिश में
भी स्कूल
आने की
आजादी
स्थानीय
निवासियों
की आवागमन
की समस्या
से तो
निजात
मिली ही
साथ ही
ग्रामीणों
को रोजगार
भी मिला।
बारिश
का मौसम
आते ही
जीरापुर
जनपद की
बालाहेडा
ग्राम
पंचायत के
सेमला तथा
सूरजपुरा
गांव के
मिडिल
स्कूल में
पढने वाले
चार दर्जन
से अधिक
छात्र-छात्राएं
स्कूल से
छुट्टी ले
लिया करते
थे। कारण
बारिश में
बालाहेडा
के मिडिल
स्कूल तक
आने में
पहुंच
मार्ग का न
होना।
बारिश में
इन दोनों
गांवों का
संपर्क
टूट जाता
था।
स्थानीय
निवासी
बमुश्किल
बैल गाडी
या चारपाई
में बीमार
मरीजों को
जीरापुर
तक ले जाते
थे।
चारपहिया
वाहन तो
दूर
दोपहिया
वाहन भी
बारिश में
नहीं निकल
पाते थे।
इस समस्या
से उन्हें
मुक्ति
दिलाई
राष्ट्रीय
ग्रामीण
रोजगार
गारंटी
योजना -
मप्र ने।
बालाहेडा
ग्राम
पंचायत के
तहत
बालाहेडा
से सेमला
तक दो
टुकडों
में दो
किमी की
सडक का
निर्माण
कराया
गया। लगभग 10
लाख रूपये
से इस सडक
का
निर्माण
किया गया
है।
निर्माण
कार्य
पूर्ण
होने से
दोनों
गांवों के
लगभग 700
निवासियों
को आवागमन
की समस्या
से निजात
मिली। अब
चारपहिया
वाहन भी
बारिश में
दौड रहे
हैं।
सूरजपुरा
की कक्षा
सातवी में
पढने वाली
छात्रा
कुं
गायत्री
ने बताया
कि सडक
बनवा सा हम
टेम सूं
स्कूल पोच
रिया। ऐसे
ही कुछ
विचार
आठवी
कक्षा की
छात्रा
हेमलता ने
व्यक्त
किये।
छात्रा का
कहना है कि
पिछले
वर्ष वह
बारिश में
पूरे माह
स्कूल
नहीं जा
पाई थी
लेकिन इस
वर्ष वह
बिना
छुट्टी के
पूरे दिन
स्कूल
पहुंची।
ग्राम
पंचायत के
सरपंच
दांगी का
कहना है कि
हमारी
ग्राम
पंचायत
में नरेगा
के तहत 35
लाख रूपये
से अधिक के
कार्य
किये जा
चुके हैं।
इस ग्राम
पंचायत
में 600 जाब
कार्डधारी
हैं
जिन्हें
काम
मांगने पर
तत्काल
कार्य
उपलब्ध
कराया
जाता है।
जिला
पंचायत के
मुख्य
कार्यपालन
अधिकारी
श्री डीएस
रणदा का
कहना है कि
किसी भी
योजना की
सफलता तभी
है जब उससे
हर
व्यक्ति
लाभांवित
हो।
बालाहेडा
से सेमला
तक की सडक
निर्माण
से
छात्रों
को स्कूल
आने की
सुविधा
मिली अब
छात्र
निर्विध्न
होकर पढाई
कर रहें
हैं यह तो
अत्यंत
खुशी की
बात है।
|