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प्रमुख
उद्योग
कच्चे
माल के
आधार
पर
राज्य
के
उद्योगों
को
निम्न
तीन
वर्गो
में
रखा जा
सकता
है।
खनिजों
पर
आधारित
उद्योग
इनके
अन्तर्गत
लोहा,
इस्पात,
सीमेंट,
भारी
विद्युत
उपकरण,
चीनी
मिट्टी,
एल्यूमिनियम,
रासायनिक
खद
निर्माण
आदि
उद्योग
हैं।
लोहा
इस्पात
उद्योग-भिलाई
में
हैं।
सीमेंट
उद्योग
कटनी,
बामोर,
कैसूर,
धार,
जावदरोड,
सतना,
जामुल,
बैकूण्ठपुर,
मांढर,
अकलतरा,
दमोह
और
रायपुर
आदि
में
हैं।
भारी
विद्युत
उपकरण
का
कारखाना
भारत
हैवी
इलेक्ट्रीकल्ज
भोपाल
में
है।
एल्यूमिनियम
उद्योग-कोरबा
में,
चीनी
मिट्टी
का
उद्योग
कुम्हारी
(दुर्ग),
विजयपुर
(गुना)
तथा
कोरबा (बिलासपुर)
में
स्थापित
है।
वनोपज
पर
आधारित
उद्योग
इनके
अन्तर्गत
कागज
उद्योग
जैसे-अखबारी
कागज
बनाने
का
कारखाना
नेपानगर
में,
साधारण
कागज
का
अमलाई
में,
करन्सी
नोट के
कागज
का
कारखाना
होशंगाबाद
में
तथा
लकड़ी
चीरने
का
उद्योग
जबलपूर,
रायपुर,
दुर्ग,
बिलासपुर,
छिंदवाड़ा
तथा
मण्डला
आदि
में
है।
नकली
रेशम
उद्योग-नागदा,
ग्वालियर,
इंदौर
आदि
में
तथा
कत्था
उद्योग
शिवपुरी,
रीवा
तथासारंगपुर
में
स्थापित
है।
कृषि
पर
आधारित
उद्योग
इसके
अन्तर्गत
वस्त्रोद्योग-इंदौर,
उज्जैन,
रतलाम,
ग्वालियर,
बुरहानपुर,
मंदसौर,
भोपाल,
जबलपुर,
देवास,
सनावद
में
हैं।
कृत्रिम
रेशम
उद्योग-नागदा,
ग्वालियर,
इंदौर,
देवास
में
है।
शक्कर
उद्योग-सीहोर,
डबरा,
महिदपुर
रोड,
दलोदा,
जावरा
तथा
बरलाई
में
है।
खाद्य
तेल
उद्योग
छत्तीसगढ़
क्षेत्र
में
स्थापित
है।
प्रदेश
में
मण्डीदीप
(रायसेन)
और
पीथमपुर
(धार)
में दो
बड़े
औद्योगिक
क्षेत्र
विकसित
हो रहे
हैं।
अन्य
उद्योग
प्रदेश
में
वृहत
उद्योग
के
अलावा
कुटीर
उद्योग
भी
बड़े
पैमाने
पर
विकसित
है। |