|
श्री बाबूलाल गौर का जन्म दो जून, 1930 को ग्राम नौगीर जिला प्रतापगढ़ (उ.प्र.) में हुआ। वे बचपन से ही भोपाल में रह रहे हैं। आपके पिता का नाम स्व. रामप्रसाद है। श्री गौर की शैक्षणिक योग्यता बी.ए., एल.एल.बी. है।
श्री बाबूलाल गौर पहली बार 1974 में भोपाल दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव में जनता समर्थित उम्मीदवार के रूप में निर्दलीय विधायक चुने गये। वे 7 मार्च 1990 से 15 दिसम्बर 1992 तक मध्यप्रदेश के स्थानीय शासन, विधि एवं विधायी कार्य, संसदीय कार्य, जनसम्पर्क, नगरीय कल्याण, आवास (शहरी) तथा पुनर्वास एवं भोपाल गैस त्रासदी राहत मंत्री रहे। श्री गौर 4 सितम्बर 2002 से 7 दिसम्बर 2003 तक मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भी रहे।
श्री बाबूलाल गौर को उनके सामाजिक तथा सार्वजनिक जीवन में किये गये विभिन्न महत्वपूर्ण कार्यों के लिये सम्मान तथा पुरस्कार प्राप्त होते रहे हैं। वर्ष 1991 में दैनिक नई दुनिया भोपाल द्वारा लिये गये विचार मत में उन्हें वर्षश्री की उपाधि प्रदान की गई (इस हेतु श्री अर्जुन सिंह एवं श्री माधव राव सिंधिया सहित अन्य आठ लोगों के नाम भी थे)।
श्री बाबूलाल गौर ने अनेक देशों की यात्राएं की है। वे सोवियत संघ के निमंत्रण पर 1989 में रूस गये। जनवरी 1991 में उन्होंने मध्यप्रदेश विधानसभा के प्रतिनिधि के रूप में राष्ट्रमण्डल संसदीय संघ के अधिवेशन में श्रीलंका की यात्रा की। उन्होंने 1996 में नेपाल की यात्रा की। श्री गौर 1998 में मध्यप्रदेश संसदीय संघ की ओर से पैरिस, ब्रुसेल्स, सेलबर्ग, जिनेवा, रोम, फ्रांस एवं जर्मनी की यात्रा पर गये।
श्रीलंका की यात्रा के दौरान श्री बाबूलाल गौर को सिंगारिया क्लब द्वारा 55 वर्ष की आयु से अधिक होने पर भी 1999 मीटर ऊंचाई चढ़ने पर सम्मानित किया गया। गोवा मुक्ति आंदोलन में सम्मिलित होने पर उन्हें वर्ष 1974 में मध्यप्रदेश शासन द्वारा स्वतंत्रता संग्राम सेनानी का सम्मान प्रदान किया गया।
श्री गौर 1946 से राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के स्वयंसेवक हैं। वे भारतीय मजदूर संघ के संस्थापक सदस्य हैं। वे 1956 से भारतीय जनसंघ के सचिव भी रहे। आपने राजनीति में सक्रिय होने के पूर्व भोपाल की कपड़ा मिल में नौकरी भी की और श्रमिकों के हित में अनेक आंदोलनों में भाग लिया। इसके अलावा श्री गौर ने राष्ट्रीय स्तर के अनेक राजनैतिक आंदोलनों में भी बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। इनमें प्रमुख रूप से आपातकाल के विरोध में आंदोल, गोवा मुक्ति, आंदोलन दिल्ली में बेरूवाड़ी सहित पंजाब आदि राज्यों में आयोजित सत्याग्रहों में सक्रिय भागीदारी निभाई। श्री गौर ने आपातकाल के दौरान 19 माह तक जेल की सजा भी भुगती।
श्री बाबूलाल गौर 1974 में भोपाल दक्षिण विधानसभा क्षेत्र से पहली बार चुने गए। सन् 1977 में वे गोविन्दपुरा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़े और वर्ष 2003 तक वहां से लगातार सात बार विधानसभा चुनाव जीतते रहे हैं। उन्होंने 1993 के विधानसभा चुनाव में 59 हजार 666 मतों के अंतर से विजय प्राप्त कर कीर्तिमान रचा। श्री गौर ने 2003 के विधानसभा चुनाव में 64 हजार 212 मतों के अंतर से विजय प्राप्त कर अपने ही कीर्तिमान को तोड़ा। श्री गौर 10वीं विधानसभा 1993-98 में भाजपा विधायक दल के मुख्य सचेतक, सभापति, लोकलेखा समिति, सदस्य सरकारी उपक्रम समिति, विशेषाधिकार समिति आदि के सदस्य रहे तथा संगठन में नगरीय निकाय के प्रभारी तथा प्रदेश महामंत्री रहे।
11वीं विधानसभा 1999-2003 में नेता प्रतिपक्ष बनने के पूर्व वे भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष रहे। श्री गौर को 8 दिसम्बर 2003 को नगरीय प्रशासन एवं विकास, विधि एवं विधायी कार्य, आवास एवं पर्यावरण, श्रम एवं भोपाल गैस त्रासदी राहत मंत्री बनाया गया। उन्हें 2 जून 2004 को गृह, विधि एवं विधायी कार्य तथा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री बनाया गया।
श्री बाबूलाल गौर 23 अगस्त, 2004 से 29 नवंबर 2005 तक मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री रहे।
श्री बाबूलाल गौर को 4 दिसम्बर, 2005 को मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के मंत्रिमंडल में वाणिज्य, उद्योग, वाणिज्यिक कर रोजगार, सार्वजनिक उपक्रम तथा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग के मंत्री के रूप में शामिल किया गया। श्री गौर को 20 दिसंबर 2008 को मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के मंत्रिमंडल में मंत्री के रूप में सम्मिलित किया गया। |