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श्रीमती अर्चना चिटनीस का जन्म 20 अप्रैल, 1964 को पटियाला में हुआ था। प्राणी शास्त्र में एम.एस.सी. एवं बी.एड., एल.एल.बी. शिक्षित श्रीमती चिटनीस का व्यवसाय कृषि है। श्रीमती अर्चना चिटनीस की साहित्य, अध्यात्म, दर्शन, इतिहास लेखन कार्य, अध्ययन, समाज सेवा, तथा कृषि, पशुपालन व ग्राम विकास में विशेष रुचि है। वे ऐसे कार्यों को विशेष महत्व देती हैं, जिनसे अधिकाधिक लोगों का हित जुड़ा हुआ हो।
मध्यप्रदेश विधानसभा के भूतपूर्व अध्यक्ष स्व. प्रो. ब्रजमोहन मिश्र की पुत्री श्रीमती अर्चना चिटनीस वर्ष 1984 में छात्र राजनीति में प्रवेश कर सार्वजनिक जीवन में सक्रिय हो गई थी। वे वर्ष 1984-85 में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर की विश्वविद्यालय प्रतिनिधि तथा शासकीय डिग्री कालेज छात्रसंघ की सचिव, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की छात्रा प्रमुख एवं राष्ट्रीय भारतीय जनता युवा मोर्चा की कार्यपालक सदस्य भी रह चुकी हैं। वे भाजपा राष्ट्रीय महिला मोर्चा की कोषाध्यक्ष भी रहीं। श्रीमती चिटनीस राजनीति में आने के पूर्व गुजराती विज्ञान महाविद्यालय इंदौर में प्राणीशास्त्र की व्याख्याता भी रह चुकी हैं। समाज सेवा के क्षेत्र में वर्षों से सतत सक्रिय एवं महिला सशक्तिकरण की प्रबल पक्षधर श्रीमती अर्चना चिटनीस गरीबों, निराश्रितों के कल्याण से जुड़ी गतिविधियों में भी सक्रिय है। वे इंदौर के स्वयंसिध्दा महिला को-ऑपरेटिव बैंक और ईश्वम सहकारी शक्कर कारखाना एवं कृषि उद्योग, गुड़ी, विश्रामपुर, खण्डवा की संस्थापक अध्यक्ष हैं। श्रीमती अर्चना चिटनीस इसके पूर्व इंदौर नगर भाजपा महिला मोर्चा की नगर मंत्री, भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की प्रदेश उपाध्यक्ष, भारतीय जनता युवा मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की सदस्य, भाजपा के सांस्कृतिक प्रकोष्ठ की प्रदेश संयोजक भी रहीं। प्रो. ब्रजमोहन मिश्रा मेमोरियल ट्रस्ट के माध्यम से गौ संवर्धन की दृष्टि से जागरूकता, सांस्कृतिक व सेवा के कार्यक्रमों का नियमित संचालन भी आप कर रही हैं। आप श्रध्दानंद अनाथ आश्रम इंदौर की ट्रस्टी भी हैं। साहित्य और दर्शन में विशेष रुचि रखने वाली श्रीमती अर्चना चिटनीस औजस्वी वक्ता भी हैं। उन्होंने वर्ष 1999 में सिंगापुर में आयोजित पर्यावरण संबंधी कार्यशाला में भी हिस्सा लिया था।
धाराप्रवाह भाषण शैली के लिए प्रसिध्द श्रीमती अर्चना चिटनीस दिसम्बर 2003 में हुए विधानसभा चुनाव में बुरहानपुर जिले के नेपानगर से भाजपा विधायक निर्वाचित हुईं, बाद में उन्हें उमा भारती मंत्रिमंडल में मंत्री के रूप में शामिल कर महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण विभाग का दायित्व सौंपा गया। श्रीमती चिटनीस को 27 अगस्त 2004 को श्री बाबूलाल गौर मंत्रिमंडल में मंत्री के रूप में शामिल कर महिला एवं बाल विकास, उच्च शिक्षा और तकनीकी शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विभागों का दायित्व सौंपा गया। जून 2005 में आपको पशुपालन एवं गौ-संवर्धन विभाग का मंत्री नियुक्त किया गया। वर्ष 2004-05 में आपके मंत्रित्व कार्यकाल में गांव की बेटी योजना, आंगनवाड़ी कार्र्यकत्ताओं के लिए बीमा योजना, लाड़ली लक्ष्मी योजना का क्रियान्वयन शुरू किया गया। भोपाल में स्व सहायता समूहों के सम्मेलन के ऐतिहासिक आयोजन तथा उसमें स्व सहायता समूह फेडरेशन बनाने का प्रस्ताव भी आपकी पहल से पारित किया गया। आपके कार्यकाल में पोषण आहार की राशि दोगुनी करने वाला मध्यप्रदेश देश में पहला राज्य बना। इसके साथ ही विवेकानंद कैरियर काउंसिलिंग, कालेजों की लायब्रेरी का कम्प्यूटरीकरण (आटोमेशन), कालेजों में एजुसेट व्यवस्था जोड़ने का कार्य, नंदी ग्राम योजना, गौ-वंश की हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगवाने की पहल आपके द्वारा की गई। वर्ष 2006 में बकरी पालन एवं बकरी दूध पर आधारित उद्योगों के अध्ययन हेतु फ्रांस, जर्मनी एवं कई देशों की यात्राएं की। मंत्री रहने के उपरांत श्रीमती चिटनीस को मध्यप्रदेश भारतीय जनता पार्टी का प्रवक्ता भी नियुक्त किया गया।
आप नवंबर 2008 में हुए विधानसभा चुनाव में बुरहानपुर से पुन: विधायक निर्वाचित हुईं। इस चुनाव में आपको मध्यप्रदेश में सबसे अधिक 85 हजार 362 वोट प्राप्त हुए। चुनाव में आप लगभग 33 हजार मतों से विजयी घोषित हुईं। श्रीमती चिटनीस को 20 दिसम्बर, 2008 को शिवराज सिंह चौहान मंत्रिमंडल में मंत्री के रूप में शामिल किया गया। |