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श्री
शिवराज
सिंह
चौहान
मुख्यमंत्री,
मध्यप्रदेश
शासन |
संक्षिप्त
जीवन
परिचय
जन्म
5 मार्च
1959,
पिताश्री
प्रेमसिंह
चौहान
और
माता
श्रीमती
सुंदरबाई
चौहान।
वर्ष 1992
में
श्रीमती
साधना
सिंह
के साथ
विवाह।
स्नातकोत्तर
(दर्शनशास्त्र)
तक
स्वर्ण
पदक के
साथ
शिक्षा।
सन् 1975
में
मॉडल
हायर
सेकेण्डरी
स्कूल
के
छात्रसंघ
अध्यक्ष।
आपात
काल का
विरोध
और 1976-77
में
भोपाल
जेल
में
निरूद्ध।
अनेक
जन
समस्याओं
के
समाधान
के लिए
आंदोलन
और जेल
यात्राएं।
सन् 1977 से
राष्ट्रीय
स्वयंसेवक
संघ के
स्वयंसेवक।
सन्
1977-78 में
अखिल
भारतीय
विधार्थी
परिषद
के
संगठन
मंत्री।
सन् 1978 से
1980 तक
अखिल
भारतीय
विद्यार्थी
परिषद
के
मध्य
प्रदेश
के
संयुक्त
मंत्री
रहे।
सन् 1980 से
1982 तक
अखिल
भारतीय
विधार्थी
परिषद
के
प्रदेश
महासचिव,
1982-83 में
परिषद
की
राष्ट्रीय
कार्यकारणी
के
सदस्य,
1984-85 में
भारतीय
जनता
युवा
मोर्चा,
मध्य
प्रदेश
के
संयुक्त
सचिव, 1985
से 1988 तक
महासचिव
तथा 1988 से
1991 तक
युवा
मोर्चा
के
प्रदेश
अध्यक्ष
रहे।
श्री
चौहान 1990
में
पहली
बार
बुधनी
विधानसभा
क्षेत्र
से
विधायक
बने।
वे 1991 में
विदिशा
संसदीय
क्षेत्र
से
पहली
बार
सांसद
बने।
श्री
चौहान
1991-92 मे
अखिल
भारतीय
केशरिया
वाहिनी
के
संयोजक
तथा 1992
में
अखिल
भारतीय
जनता
युवा
मोर्चा
के
महासचिव
बने।
सन् 1992 से
1994 तक
भारतीय
जनता
पार्टी
के
प्रदेश
महासचिव
नियुक्त।
सन् 1992 से
1996 तक
मानव
संसाधन
विकास
मंत्रालय
की
परामर्शदात्री
समिति, 1993
से 1996 तक
श्रम
और
कल्याण
समिति
तथा 1994 से
1996 तक
हिन्दी
सलाहकार
समिति
के
सदस्य
रहे।
श्री
चौहान 11
वीं
लोक
सभा
में
वर्ष 1996
में
विदिशा
संसदीय
क्षेत्र
से पुन:
सांसद
चुने
गये।
सांसद
के रूप
में 1996-97
में
नगरीय
एवं
ग्रामीण
विकास
समिति,
मानव
संसाधन
विकास
विभाग
की
परामर्शदात्री
समिति
तथा
नगरीय
एवं
ग्रामीण
विकास
समिति
के
सदस्य
रहे।
श्री
चौहान
वर्ष 1998
में
विदिशा
संसदीय
क्षेत्र
से ही
तीसरी
बार 12
वीं
लोक
सभा के
लिए
सांसद
चुने
गये।
वह 1998-99
में
प्राक्कलन
समिति
के
सदस्य
रहे।
श्री
चौहान
वर्ष 1999
में
विदिशा
से
चौथी
बार 13
वीं
लोक
सभा के
लिये
सांसद
निर्वाचित
हुए।
वे 1999-2000
में
कृषि
समिति
के
सदस्य
तथा
वर्ष 1999-2001
में
सार्वजनिक
उपक्रम
समिति
के
सदस्य
रहे।
सन्
2000 से 2003 तक
भारतीय
जनता
युवा
मोर्चा
के
राष्ट्रीय
अध्यक्ष
रहे।
इस
दौरान
वे सदन
समिति (लोक
सभा) के
अध्यक्ष
तथा
भाजपा
के
राष्ट्रीय
सचिव
रहे।
श्री
चौहान 2000
से 2004 तक
संचार
मंत्रालय
की
परामर्शदात्री
समिति
के
सदस्य
रहे।
श्री
शिवराज
सिंह
चौहान
पॉचवी
बार
विदिशा
से 14वीं
लोक
सभा के
सदस्य
निर्वाचित
हुये।
वह
वर्ष 2004
में
कृषि
समिति,
लाभ के
पदों
के
विषय
में
गठित
संयुक्त
समिति
के
सदस्य,
भाजपा
के
राष्ट्रीय
महासचिव,
भाजपा
संसदीय
बोर्ड
के
सचिव,
केन्द्रीय
चुनाव
समिति
के
सचिव
तथा
नैतिकता
विषय
पर
गठित
समिति
के
सदस्य
और
लोकसभा
की
आवास
समिति
के
अध्यक्ष
रहे।
श्री
चौहान
वर्ष 2005
में
भारतीय
जनता
पार्टी
के
प्रदेश
अध्यक्ष
नियुक्त
किये
गये।
श्री
चौहान
को 29
नवम्बर
2005 को
मध्यप्रदेश
के
मुख्यमंत्री
पद की
शपथ
दिलायी
गयी।
प्रदेश
की
तेरहवीं
विधानसभा
के
निर्वाचन
में
श्री
चौहान
ने
भारतीय
जनता
पार्टी
के
स्टार
प्रचारक
की
भूमिका
का
बखूबी
निर्वहन
कर
विजयश्री
प्राप्त
की।
श्री
चौहान
को 10
दिसम्बर
2008 को
भारतीय
जनता
पार्टी
के 143
सदस्यीय
विधायक
दल ने
सर्वसमति
से
नेता
चुना।
श्री
चौहान
ने 12
दिसम्बर
2008 को
भोपाल
के
जम्बूरी
मैदान
में
मध्यप्रदेश
के
मुख्यमंत्री
पद और
गोपनीयता
की शपथ
ग्रहण
की।
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