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मुख्यमंत्री
श्री
शिवराज
सिंह
चौहान
की
अध्यक्षता
में आज
सम्पन्न
मंत्रि-परिषद
की बैठक
में
महिलाओं
के
सशक्तिकरण
से
संबंधित
योजनाओं
के और
बेहतर
तथा
प्रभावी
क्रियान्वयन
के लिये
संचालनालय
महिला-बाल
विकास
को
विभाजित
करते
हुए एक
पृथक
संचालनालय,
महिला
सशक्तिकरण
की
स्थापना
का
निर्णय
लिया।
उल्लेखनीय
है कि
महिला-बाल
विकास
विभाग
में
प्रदेश
में 435
एकीकृत
बाल
विकास
परियोजनाओं
के
अंतर्गत
78 हजार 919
आँगनवाड़ी
केन्द्र
स्वीकृत
हैं।
इसके
अलावा
लाड़ली
लक्ष्मी
योजना,
सबला,
उषा
किरण,
जाबाली,
आईसीडीएस,
बेटी
बचाओ
अभियान,
अटल
बिहारी
वाजपेयी
बाल
आरोग्य
एवं
पोषण-मिशन
आदि
योजनाएँ
प्रारंभ
की गई
हैं। इस
सबके
कारण
संचालनालय
स्तर पर
एक ही
अधिकारी
के पास
काम का
बोझ
अधिक
होने के
फलस्वरूप
यह
निर्णय
लिया
गया।
महिलाओं
के
विरुद्ध
होने
वाले
अपराधों
के
मामलों
में
अधिक
प्रभावी
तथा
त्वरित
कार्यवाही
के
उद्देश्य
से
पुलिस
मुख्यालय
भोपाल
में
महिला
अपराध
के लिये
विशेष
प्रकोष्ठ,
क्षेत्रीय
प्रकोष्ठ
इंदौर,
भोपाल
एवं
जबलपुर
के गठन
तथा उप
संचालक (अभियोजन)
के 4 पद
पुनरीक्षित
वेतनमान
में
निर्मित
करने का
निर्णय
लिया
गया।
मंत्रि-परिषद
ने
मध्यप्रदेश
विशेष
न्यायालय
अधिनियम-2011
के
अंतर्गत
8 विशेष
न्यायालयों
के लिये
उप
संचालक (अभियोजन)
के 4 पद
पुनरीक्षित
वेतनमान
में
निर्मित
करने का
निर्णय
लिया।
मंत्रि-परिषद
ने
प्रदेश
की 123
वायबल/पोटेंशियली
वायबल
बुनकर
सहकारी
समितियों
पर
बकाया 4
करोड़ 82
लाख
रुपये
के ऋण
माफ
करने का
फैसला
किया।
मंत्रि-परिषद
ने 5 नये
जिलों
के लिये
सहायक
संचालक
जनसंपर्क
और अमले
की
स्वीकृति
प्रदान
की।
इसके
साथ ही
अब
प्रदेश
के सभी 50
जिलों
में
जनसंपर्क
कार्यालय
स्थापित
हो
जायेंगे।
अनूपपुर,
सिंगरौली,
बुरहानपुर,
अशोकनगर
एवं
अलीराजपुर
के लिये
सहायक
संचालक
के पद
स्वीकृत
किये
गये
हैं।
इसके
अलावा
इन
कार्यालयों
के लिये
संबंधित
अमले/पदों
की भी
स्वीकृति
दी गई
है।
पूर्व
में
स्वीकृत
बड़वानी,
श्योपुर,
डिण्डोरी,
कटनी,
नीमच,
हरदा और
उमरिया
के लिये
भी
अतिरिक्त
अमले की
मंजूरी
दी गई।
जिला
जनसंपर्क
कार्यालयों
के लिये
कुल 46 पद
स्वीकृत
किये
गये
हैं।
मंत्रि-परिषद
ने जल,
गैस,
विद्युत
तथा मल
वहन के
लिये
भूमिगत
पाइप
लाइन
बिछाने
तथा
औद्योगिक
अपशिष्ट
के वहन
के
उद्देश्य
से
भूमिगत
पाइप
लाइन
निर्मित
करने के
लिये
भूमि के
उपयोग
के
अधिकार
का
अर्जन
करने
तथा
उससे
संबद्ध
तथा
आनुषंगिक
विषयों
का
उपबंध
करने के
उद्देश्य
से
अधिनियम
बनाने
का
निर्णय
लिया।
इसके
लिए
मध्यप्रदेश
भूमिगत
पाइप
लाइन (भूमि
के
उपयोग
के
अधिकारों
का
अर्जन)
विधेयक-2012
का
अनुमोदन
किया
गया।
इसे
विधानसभा
के
वर्तमान
सत्र
में ही
पुर:स्थापित
किया
जायेगा।
मंत्रि-परिषद
ने
मंत्रालय
(वल्लभ
भवन) में
हाईटेंशन
लाइन
विद्युत
कनेक्शन,
सब-स्टेशन
की
देखरेख/आपरेशन
के लिये
विद्युत
परिसर
के 4
रिक्त
पदों की
पूर्ति
सीधी
भर्ती
से किये
जाने का
निर्णय
लिया।
मंत्रि-परिषद
ने
विद्युत
शुल्क
अधिनियम
1949 के
स्थान
पर
मध्यप्रदेश
विद्युत
शुल्क
विधेयक-2012
को
विधानसभा
में पुर:स्थापित
करने की
स्वीकृति
दी।
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