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मंत्रिपरिषद निर्णय

बायोमास से बिजली उत्पादन परियोजना के क्रियान्वयन के लिये नई नीति का अनुमोदन

ताप बिजली संयंत्रों के लिए मध्यप्रदेश राज्य भूमि प्रबंधन नियम अनुमोदित, जबलपुर में आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय के लिये पद स्वीकृत, टीसीएस को इंदौर में भूमि, शक्कर और कपड़े को वैट से मुक्त करने की स्वीकृति

भोपाल : सोमवार, 26 सितम्बर, 2011 


मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज संपन्न मंत्रि परिषद की बैठक में बायोमास से विद्युत उत्पादन परियोजना के क्रियान्वयन की नई नीति का अनुमोदन किया गया। वर्ष 2006 की नीति में बायोमास की एक परियोजना से दूसरी परियोजना की दूरी 25 किलोमीटर(रेडियस) निर्धारित थी। जिसे बदलकर नवीन नीति में न्यूनतम दूरी हटा दी गई है। इस प्रावधान के तहत बायोमास संयंत्रों की संख्या में बढ़ोत्तरी होगी और बायोमास का बेहतर उपयोग किया जा सकेगा। बायोमास की नवीन नीति के तहत देश और प्रदेश के बाहर के निवेशकों द्वारा लगभग 7 हजार करोड़ रूपये का निवेश किया जा सकेगा।

इस नीति के क्रियान्वयन जहाँ एक ओर गाँव-गाँव में प्रदूषण मुक्त बिजली प्राप्त होगी, वहीं दूसरी ओर संबंधित जिले के किसान अपना बायोमास (चावल एवं सोया की भूसी, कपास व सरसों के ठंडल आदि) निवेशकों को बेचकर लाभ कमा सकेंगे। अभी किसान इनको खेतों में जला देते हैं। वर्तमान में प्रदेश में 29 विभिन्न जिलों में 308.10 मेगावाट क्षमता की 34 परियोजनाएँ पंजीकृत एवं स्थापनाधीन हैं।

मंत्रि परिषद ने ऐसे निजी निवेशकर्ताओं के लिये राजस्व भूमि ऑवटन के सम्बन्ध में ' मध्यप्रदेश राज्य (ताप विद्युत संयंत्रों की स्थापना) भूमि प्रबंधन नियम 2011 ' को अनुमोदित किया,जिनके साथ राज्य शासन द्वारा ताप विद्युत परियोजना की स्थापना के लिये एमओयू एवं क्रियान्वयन अनुबंध किया गया है। इन नियमों के अंतर्गत निजी निवेशक द्वारा ताप विद्युत परियोजना स्थापना के लिये आवश्यक राजस्व भूमि हेतु ऊर्जा विभाग को ओवदन करना होगा। ऊर्जा विभाग अनुमोदन प्राप्त कर राजस्व भूमि संबंधित निवेशक को आवंटित करेगा। राज्य शासन की ओर से पट्टा विलेख निष्पादन के लिये जिला कलेक्टर को प्राधिकृत किया गया है। इन नियमों के तहत आवेदक को पर्यावरण मंत्रालय से टीओआर प्राप्त होना चाहिए और उसके पास पानी की उपलब्धता का प्रमाण पत्र भी होना आवश्यक है। एमओयू करने वाले आवेदक को ही भूमि ऑवटन की पात्रता होगी।

मंत्रि परिषद ने मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, जबलपुर की स्थापना के लिए 35 नवीन पदों के सृजन और उन पर होने वाले व्यय 63 लाख 69 हजार 900 रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की। साथ ही विश्वविद्यालय द्वारा विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार करने के लिये सलाहकार की नियुक्ति करने तथा विश्वविद्यालय शुरू होने के बाद विश्वविद्यालय द्वारा अपनी आवश्यकता का आकलन कर विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार कर प्रस्ताव शासन की अनुमति के लिये भेजने के निर्देश दिये।

सूचना प्रौद्योगिकी नीति में नेस्कॉम की सूची में दर्ज 20 सर्वश्रेष्ठ सूचना प्रौद्योगिकी कम्पनियों तथा 15 सर्वश्रेष्ठ बीपीओ/ इन्फरमेशन टेक्नालॉजी इनेबिल्ड सर्विसेस कम्पनियों को टीसीएस को किये जा रहे ऑवटन की तरह ही भूमि ऑवटन की पात्रता के संबंध में संशोधन सूचना प्रौद्योगिकी नीति में किये जाने का निर्णय लिया। टीसीएस को भूमि बाजार मूल्य अथवा वर्ष 2011-12 की गाइडलाइन दर, जो भी अधिक हो की 25 प्रतिशत दर से आवंटित की जाएगी। यह शर्त भी लगाई जाएगी कि टीसीएस इस सुविधा में जो भी रोजगार सृजित करेगा उसमें से 50 प्रतिशत मध्यप्रदेश के निवासियों को दिया जाएगा। इंदौर विकास प्राधिकरण भूमि का हस्तांतरण सूचना प्रौद्योगिकी विभाग को करेगा। विभाग भूमि सूचना प्रौद्योगिकी नीति के अनुरूप टीसीएस को उपलब्ध करायेगा। सूचना प्रौद्योगिकी के तहत टीसीस को रियायती दर पर भूमि आवॅटन के कारण इंदौर विकास प्राधिकरण को होने वाली क्षति की भरपाई राज्य शासन द्वारा की जाएगी।

मंत्रि परिषद ने मध्यप्रदेश सरकार द्वारा शक्कर और कपड़े को वेट से मुक्त करने की स्वीकृति प्रदान की। इस निर्णय से शासन को 245 करोड़ रूपए की राजस्व हानि होगी।

मंत्रि परिषद ने नेपानगर जिला बुरहानपुर में राजस्व उपखंड खोले जाने के लिये कर्मचारियों के सेटअप को मंजूरी दी। इस उपखंड के स्थापित होने से दूरस्थ अंचलों में रहने वाले लोगों को सुविधा होगी क्योंकि अभी उन्हें पेशी के लिये अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय, बुरहानपुर आना पड़ता है। उपखंड खगनार एवं नेपानगर तहसील को मिलाकर बनाया गया है। नवीन राजस्व उपखंड बनाने के लिये आवर्ती एवं अनावर्ती व्यय को भी स्वीकृति दी गई।

मंत्रि परिषद ने नव गठित अलीजराजपुर और सिंगरौली जिलों में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय की स्थापना का निर्णय लिया। इसके लिये पृथक-पृथक वेतनमान में 31-31 पदों के सृजन को मंजूरी दी गई।

मंत्रि परिषद ने वर्ष 2006 में निर्धारित विद्युत निरीक्षण एवं परीक्षण शुल्क का पुनरीक्षण करने का निर्णय लिया। वर्ष 2006 में निरीक्षण एवं परीक्षण शुल्क की दरें पुनरीक्षित की गई थीं जिससे राज्य शासन को प्रति वर्ष 9 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होता है। अब इन दरों में वृद्धि किये जाने के फलस्वरुप राज्य शासन को लगभग 9 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होना संभावित है।

मंत्रि परिषद ने मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा 12 अप्रैल 2011 को सीहोर जिले के प्रवास में की गई घोषणाओं के परिपालन में ग्राम झोलियापुर में एक बालक आश्रम शाला एवं ग्राम सनकोटा, तहसील नसरूल्लागंज में एक आश्रम शाला खोलने तथा पदों के सृजन को मंजूरी दी। मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरुप ही सीहोर जिले के ग्राम गोपालपुर में 50 सीटर आदिवासी बालक छात्रावास की स्थापना के लिये पदों के सृजन को स्वीकृति दी गई। यह छात्रावास वर्ष 2011-12 में खोला जाना है। सिवनी जिले में अपने प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणा के परिपालन में हाई स्कूल टूरिया के उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में उन्नयन एवं पदों के सृजन की मंजूरी दी गई।

मंत्रि परिषद ने भोपाल में डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर पुरातत्व शोध संस्थान की स्थापना तथा संस्थान के लिये विभिन्न श्रेणी के 6 पद सृजित करने का निर्णय लिया। इसका उद्देश्य प्रदेश की पुरासंपदा, सांस्कृतिक धरोहर तथा वास्तुस्थापत्य आदि विषयों पर विश्लेषणात्मक अध्ययन, शोध कार्य तथा प्रशिक्षण को बढ़ावा देना है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने इस संस्थान की स्थापना की घोषणा की थी।

मंत्रि परिषद ने नगरीय क्षेत्रों में नियोजित विकास के लिये प्रचलित वैधानिक प्रावधानों, नीतियों तथा प्रशासनिक व्यवस्थाओं की समीक्षा कर आवश्यक परिवर्तन की अनुशंसा के लिये एक मंत्रि परिषद समिति के गठन का निर्णय लिया। समिति में नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री बाबूलाल गौर, वित्त मंत्री श्री राघवजी, जल संसाधन मंत्री श्री जयंत मलैया और आवास मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा शामिल हैं।

मंत्रि परिषद ने वाणिज्यिक कर विभाग के कार्य आवंटन नियम में संशोधन को मंजूरी दी। संविधान की सातवीं सूची के अंतर्गत राज्य एवं समवर्ती सूची में कुछ विषय शामिल नहीं होने के कारण वाणिज्यिक कर विभाग के कार्य आंवटन से विलोपित किये गये हैं। कुछ अधिनियम निरस्त होने के कारण वाणिज्यिक कर विभाग के कार्य आंवटन से विलोपित किये गये हैं।

मंत्रि परिषद ने अक्टूबर 2012 में तीसरी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट, इंदौर में आयोजित करने का निर्णय लिया। मंत्रि परिषद ने डेस्टिनेशन मध्यप्रदेश -2012:निवेश/निर्यात संवर्धन हेतु रणनीति तथा कार्ययोजना का अनुमोदन किया। साथ ही ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2 खजुराहो के आयोजन में हुये व्यय एवं व्यवस्था का कार्योत्तर अनुमोदन किया गया।

 

 दिनेश मालवीय

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