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मुख्यमंत्री
श्री
शिवराज
सिंह
चौहान
की
अध्यक्षता
में आज
सम्पन्न
मंत्रिपरिषद
की बैठक
में
वाणिज्यिक
कर
विभाग
के नौ
वृत्त
कार्यालय,
एक
संभागीय
कार्यालय,
एक
परिक्षेत्रीय
कार्यालय,
एक
ट्रेनिंग
कॉलेज
तथा 18
जाँच
चौकियों
की
स्थापना
की
स्वीकृति
एवं
विभागीय
अमले के
युक्तियुक्तकरण
अंतर्गत
प्रस्तावित
12
कार्यालयों
तथा 18
जाँच
चौकियों
के लिये
345 नये पद
सृजित
करने की
स्वीकृति
दी गई।
स्टेनोग्राफर,
स्टेनो
टायपिस्ट,
सिस्टम
एनॉलिस्ट,
तथा
सहायक
प्रोग्रामर
के पदों
पर वर्ष
2011 में
सीधी
भर्ती
करने की
भी
अनुमति
प्रदान
की गई।
उपरोक्त
कार्यालयों,
ट्रेनिंग
कॉलेज
तथा
जाँच
चौकियों
की
स्थापना
तथा
अमले के
युक्तियुक्तकरण
पर 10
करोड़ 41
लाख
रूपये
का
वार्षिक
आवर्ती
व्यय
तथा 2
करोड़ 23
लाख
रूपये
का
अनावर्ती
व्यय
अनुमानित
है।
आयुक्त,
वाणिज्यिक
कर
संगठन
द्वारा
प्रदेश
का
सर्वाधिक
राजस्व
संगृहीत
किया
जाता
है। इस
संगठन
के
कामकाज
का
कम्प्यूटरीकरण
किया
गया है।
कम्प्यूटरीकृत
वातावरण
में कर
प्रशासन
को
करदाताओं
के लिए
सरल
बनाने
तथा कर
अपवंचन
की
प्रवृत्ति
पर
प्रभावी
रोकथाम
की
दृष्टि
से
विभागीय
संरचनाओं
की
कार्यप्रणाली
तथा नए
वातावरण
में
उनकी
आवश्यकता
पर
विस्तृत
विचार
विमर्श
के
पश्चात्
विभागीय
ढांचे
का
युक्तियुक्तकरण
किया
गया है।
वृत्त
कार्यालयों
का
पुनर्गठन
अब
व्यवसाईयों
की
संख्या
तथा
राजस्व
संग्रहण
के आधार
पर किया
गया है।
अशोकनगर,
अनूपपुर
आदि नये
जिलों
में नए
वृत्त
कार्यालय
खोले जा
रहे
हैं।
प्रमुख
औद्योगिक
क्षेत्रों
जैसे
पीथमपुर,
मण्डीदीप
में भी
पृथक
वृत्त
कार्यालय
प्रारंभ
किए जा
रहे
हैं।
विभागीय
अधिकारियों
के
प्रशिक्षण
के लिये
ट्रनिंग
कॉलेज
शुरु
किया जा
रहा है।
संभागीय
मुख्यालयों
के
अतिरिक्त
अन्य
स्थानों
पर
संचालित
एक से
अधिक
वृत्त
कार्यालयों
के
स्थान
पर एक ही
वृत्त
कार्यालय
रखा जा
रहा है।
आहरण
संवितरण
के
अधिकार
भी केवल
उपायुक्तों
को दिया
जाना
प्रस्तावित
है
जिससे
काम के
दोहराव
में कमी
आने से
लिपिकीय
अमले की
आवश्यकता
में भी
कमी
होगी।
इसे
अन्य
कामों
में
लगाया
जायेगा।
वृत्ति
कर से
प्राप्त
राजस्व
पर
प्रभावी
नियंत्रण
के
दृष्टि
से बड़े
4 शहरों
में
पृथक
वृत्तिकर
कार्यालय
प्रारंभ
किए जा
रहे
हैं।
कम्प्यूटरीकृत
कर
प्रणाली
में
व्यवसाइयों
के
प्रति
विश्वास
व्यक्त
करते
हुए अब
अधिकांश
व्यवसाइयों
का कर
निर्धारण
उनके
द्वारा
प्रस्तुत
विवरण
पत्रों
के आधार
पर किया
जा रहा
है।
पंजीयन
जारी
करने,
विवरण
पत्र
तथा कर
जमा
करने,
विभिन्न
फार्म
प्राप्त
करने के
लिए
ऑनलाईन
व्यवस्था
लागू की
गई है।
व्यवसाइयों
को इन
सुविधाओं
का लाभ
दिए
जाने के
साथ-साथ
इनके
दुरूपयोग
की
प्रवृत्ति
पर रोक
लगाना
भी
आवश्यक
है।
इसके
लिए
संभागीय
स्तर पर
आई.टी.आर.
वेरिफिकेशन
तथा
अन्य
विभागों
की
जानकारी
के
क्रॉस
वेरीफिकेशन
के लिए
अलग
इकाईयां
स्थापित
की जा
रही
हैं।
प्रदेश
के
सीमावर्ती
क्षेत्रों
में नई
सड़कों
के
विकास
के कारण
माल की
आवाजाही
के नए
मार्ग
तैयार
हो गए
हैं।
इसी
प्रकार
रेल्वे
के
माध्यम
से माल
के
परिवहन
पर भी कर
अपवचन
बढ़ रहा
है।
इनको
दृष्टिगत
रखते
हुए कर
अपवंचन
के
रोकथाम
के लिए
नई जाँच
चौकियाँ
निर्मित
की जा
रही है।
वर्तमान
में
संचालित
विभिन्न
कार्यालयीन
इकाइयों
के लिए
विभिन्न
संवर्गों
के पदों
का
पुनर्निर्धारण
इस
प्रकार
किया
गया है
कि
आयुक्त,
वाणिज्यिक
कर
संगठन
के लिए
वर्तमान
में
स्वीकृत
पदों के
अतिरिक्त
नए पदों
की
आवश्यकता
कम से कम
हो।
इन
प्रस्तावों
के बाद
विभागीय
दक्षता
तथा
करदाताओं
की
सुविधा
आदि में
वृद्धि
के साथ-साथ
राजस्व
में भी
पर्याप्त
वृद्धि
अपेक्षित
है।
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