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न्यूज क्लिपिंग्स



मंत्रिपरिषद निर्णय

त्वरित परिवहन आकस्मिक चिकित्सा सेवा 108 अब हर जिले में होगी

कम नाप-तौल करने पर राजीनामा शुल्क की राशि बढ़ी

पिछड़ा वर्ग के युवाओं को प्रशिक्षण के लिये अब अल्पसंख्यक
वित्त एवं विकास निगम होगा नोडल एजेंसी

भोपाल : मंगलवार, 24 मई, 2011 


मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज सम्पन्न मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश के सभी जिलों में त्वरित परिवहन आकस्मिक चिकित्सा सेवा 108 शुरू करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। वर्तमान में प्रदेश के 9 जिलों में यह सुविधा उपलब्ध है। शेष जिलों में इसी साल यह उपलब्ध हो जायेगी। इसके लिये 150 एम्बुलेंस क्रय की जायेंगी। फिलहाल 108 सुविधा भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, रीवा, सागर और जबलपुर में उपलब्ध है। इसी माह से दतिया, दमोह एवं सीहोर में यह सुविधा शुरू की गई है, जिसका मंत्रि-परिषद ने अनुसमर्थन किया।

उल्लेखनीय है कि सभी आवश्यक चिकित्सा उपकरणों, चिकित्सक और आवश्यक अमले से सुसज्जित 108 त्वरित परिवहन आकस्मिक चिकित्सा सेवा वाहन कहीं भी दुर्घटना अथवा आकस्मिकता की स्थिति में शीघ्र से शीघ्र वहाँ पहुँचकर पीड़ितों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराते हैं।

मंत्रिपरिषद ने लीगल मेट्रोलॉजी एक्ट 2009 के अधीन बनाये गये मध्यप्रदेश लीगल मेट्रोलॉजी नियम 2011 को अनुमोदित करते हुए इसे मध्यप्रदेश में लागू करने का निर्णय लिया। लीगल मेट्रोलॉजी एक्ट 2009 के अर्थ-दण्ड संबंधी प्रावधान के अनुसार ही इन नियमों में राजीनामा शुल्क का निर्धारण किया गया है। इसके अंतर्गत मानक से भिन्न नाप-तौल उपकरण के निर्माण पर 5 हजार रुपये, कम नाप-तौल करने पर 5 हजार रुपये, असत्यापित नाप-तौल उपकरणों के उपयोग पर 2 हजार रुपये तथा अमानक नाप-तौल उपकरणों के उपयोग पर 2 हजार रुपये का न्यूनतम राजीनामा शुल्क निर्धारित किया गया है। इसका उद्देश्य नाप-तौल संबंधी नियमों के उल्लंघन में कमी लाना और उपभोक्ताओं के हितों का संरक्षण करना है।

मंत्रि-परिषद ने पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा संचालित पिछड़े वर्ग के शिक्षित बेरोजगार युवक-युवतियों को रोजगार उपलब्ध करवाने की प्रशिक्षण योजना में संशोधन का अनुमोदन किया।

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की घोषणा के अनुसार योजना के प्रावधानों को और अधिक स्पष्ट, व्यापक और व्यावहारिक बनाया गया है।

संशोधन के अनुसार, प्रशिक्षण के लिये मेपसेट के स्थान पर पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास निगम को नोडल एजेंसी बनाया गया है। प्रशिक्षण में गुणवत्ता एवं रोजगार गारंटी की दृष्टि से तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा संचालित नेशनल काउंसिल फॉर वोकेशनल ट्रेनिंग की माड्यूलर एम्पलायमेंट स्कीम के अंतर्गत वोकेशनल ट्रेनिंग प्रोवाइडर के रूप में पंजीबद्ध गैर-शासकीय संगठनों को इस योजना से जोड़ा गया है। इसके माध्यम से पिछड़ा वर्ग के असंगठित क्षेत्रों में कार्यरत एवं शाला त्यागी युवक-युवतियों को प्रशिक्षण द्वारा कौशल उन्नयन का लाभ दिया जायेगा। बी.टी.पी. के रूप में पंजीबद्ध गैर-शासकीय संगठन को चयन के बाद तीन माह की अवधि में पंजीयन करवाना अनिवार्य होगा।

इसी प्रकार प्रशिक्षण के लिये अभ्यर्थियों की न्यूनतम आयु सीमा 18 वर्ष के स्थान पर 16 वर्ष की गई है। प्रशिक्षण के बाद अभ्यर्थियों की सफलता/प्लेसमेंट की दर 20 प्रतिशत के स्थान पर 40 प्रतिशत की गई है।

संशोधन में प्रशिक्षण संस्थाओं के चयन की प्रक्रिया एवं प्रशिक्षण की शर्तों एवं मापदण्डों को और अधिक स्पष्ट एवं व्यावहारिक बनाने के लिये कुछ नवीन प्रावधान शामिल किये गये हैं। अभ्यर्थियों की न्यूनतम योग्यता 10वीं के स्थान पर 8वीं पास तय की गई है।

 

दिनेश मालवीय

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