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मुख्यमंत्री
श्री
शिवराज
सिंह
चौहान
की
अध्यक्षता
में
संपन्न
मंत्रि-परिषद
की बैठक
में
प्रदेश
में
कार्यरत
संविदा
शाला
शिक्षकों
के
मासिक
पारिश्रमिक
में एक
नवंबर 2011
से
वृद्धि
करने का
निर्णय
लिया
गया। यह
निर्णय
शिक्षण
की
गुणवत्ता
में ठोस
सुधार
के लिये
बेहतर
क्षमता
वाले
शिक्षकों
की
उपलब्धता
सुनिश्चित
करने के
लिये
लिया
गया है।
निर्णय
के
फलस्वरूप
राज्य
सरकारर
52 करोड़ 50
लाख
रूपये
का
वार्षिक
अतिरिक्त
व्यय
भार
आयेगा।
वर्तमान
में
संविदा
शाला
शिक्षक
वर्ग-1
को 5500
रूपये
पारिश्रमिक
दिया
जाता
है। इसे
बढ़ाकर
अब 9000
रूपये
मासिक
कर दिया
गया हे।
इसी तरह
संविदा
शाला
शिक्षक
वर्ग-2
का
पारिश्रमिक
वर्तमान
4500 रूपये
से
बढ़ाकर 7000
रूपये
तथा
संविदा
शाला
शिक्षक
वर्ग-3
का
पारिश्रमिक
वर्तमान
3500 रूपये
से
बढ़ाकर 5000
रूपये
कर दिया
गया है।
इस
निर्णय
से
वर्तमान
में
लगभग 20,625
संविदा
शाला
शिक्षकों
को लाभ
मिलेगा।
उल्लेखनीय
है कि इस
वर्ष
राज्य
सरकार
द्वारा
लगभग 80
हजार
संविदा
शाला
शिक्षकों
की
नियुक्ति
की जा
रही है।
इस
प्रकार,
बढ़े हुए
पारिश्रमिक
का लाभ
लगभग एक
लाख
संविदा
शाला
शिक्षकों
को मिल
सकेगा।
मंत्रि-परिषद
ने
शिक्षक
दिवस के
अवसर पर
राष्ट्रपति
और
राज्यपाल
द्वारा
सम्मानित
किये
जाने
वाले
शासकीय
सेवारत
शिक्षकों
को पारी
बाहर
पदोन्नति
देने का
निर्णय
लिया।
इससे
ऐसे
लगभग 250
शिक्षकों
को
पदोन्नति
मिल
सकेगी।
इस
निर्णय
का
उद्देश्य
शिक्षा
के
गुणात्मक
विकास
में इन
शिक्षकों
की
उपलब्धियों
को
प्रोत्साहित
करना
है।
मंत्रि-परिषद
ने
स्कूल
शिक्षा
विभाग
में
व्यवसायिक
शिक्षा
अंतर्गत
वर्ष 1988
की
स्थिति
में
अंशकालीन
शिक्षक
के रूप
में
कार्यरत
शिक्षकों
को
पात्रता
परीक्षा
उत्तीर्ण
किये
जाने पर
संविदा
शाला
शिक्षक-3
के पद पर
बिना
मेरिट
के
नियुक्ति
देने का
निर्णय
लिया।
इस
निर्णय
के
फलस्वरूप
निर्धारित
शैक्षणिक
योग्यता
रखने
वाले
तथा
शिक्षक
पात्रता
परीक्षा
में
न्यूनतम
निर्धारित
अर्हता
अंक
प्राप्त
करने
वाले
अंशकालीन
शिक्षकों
को
नियमों
को एक
समय के
लिये
शिथिल
करते
हुए
निश्चित
शर्तों
के अधीन
संविदा
शाला
शिक्षक
श्रेणी-3
के पद पर
नियुक्ति
दी
जायेगी।
वर्तमान
में
प्रदेश
में ऐसे
अंशकालीन
शिक्षकों
की
संख्या
620 है।
मंत्रि-परिषद
ने 11 वीं
पंचवर्षीय
योजना
में
वर्ष 2011-12
में
खोले
गये 50
सीट
वाले 20
नवीन
आदिवासी
प्री-मेट्रिक
छात्रावासों
के लिये
100 पदों
के सृजन
का
निर्णय
लिया।
इनमें
संरचनाक्रमानुसार
अधीक्षक,
चतुर्थ
श्रेणी
कर्मचारी
तथा
अशंकालीन
सफाई
कर्मचारी
के पद
शामिल
हैं।
मंत्रि-परिषद
ने वर्ष
2011-12 में 8
नवीन
आश्रम
शालाओं
की
स्थापना
एवं
आवश्यक
पदों के
सृजन की
परियोजना
परीक्षण
समिति
की
अनुशंसा
के
परिप्रेक्ष्य
में कुल
40 पदों
के सृजन
का भी
निर्णय
लिया।
अन्य
निर्णय
मंत्रि-परिषद
ने
शिवपुरी
जिले के
ग्राम
रायपुर
धमकन
में
भारत
सरकार
की भारत-तिब्बत
सीमा
पुलिस (आईटीबीपी)
संस्था
को
प्रशिक्षण
गतिविधियों
के लिये
8.89
हेक्टेयर
भूमि
नियमानुसार
निर्धारित
प्रब्याजी
और भू-भाटक
पर
आवंटित
करने का
निर्णय
लिया।
मंत्रि-परिषद
ने डॉ. ए.के.मुखर्जी,
सेवानिवृत्त
नेत्र
रोग
विशेषज्ञ,
मेडिकल
कॉलेज,
जबलपुर
की
स्थाई
रूप से
पेंशन
वापिस
लिये
जाने का
निर्णय
लिया।
डॉ.
मुखर्जी
को
विशेष
न्यायाधीश
जबलपुर
द्वारा
एक वर्ष
के
सश्रम
कारावास
की सजा
दी गई
है।
उन्हें
यह सजा
विशेष
पुलिस
स्थापना,
लोकायुक्त
कार्यालय,
जबलपुर
द्वारा
दायर
किये
गये
प्रकरण
में दी
गई है।
मंत्रि‘परिषद
ने श्रम
न्यायिक
संगठन
के
अंतर्गत
आयोजनेत्तर
मद के
अस्थाई
पदों को
एक
मार्च, 2011
से
आगामी
पाँच
वर्ष तक
निरंतर
जारी
रखे
जाने की
स्वीकृति
प्रदान
की। ऐसे
पदों की
संख्या
95 है।
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