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न्यूज क्लिपिंग्स



मंत्रिपरिषद निर्णय

फेरी लगाकर व्यवसाय करने वालों को बेहतर सुविधाएँ मिलेंगी

13 हजार 489 शिक्षकों के पद स्वीकृत

मंदसौर पवित्र नगर घोषित

स्वैच्छिक संगठनों के लिये नीति बनेगी

सात जिलों में मलेरिया कार्यालय और अधिकारी के पद स्वीकृत

भोपाल : मंगलवार,15 नवंबर, 2011 


मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज सम्पन्न मंत्रिपरिषद की बैठक में शहरों में फेरी लगाकर व्यवसाय करने वाले गरीबों को व्यवसाय की बेहतर सुविधा प्रदान करने और उनके अधिकारों के संरक्षण के लिये कानून बनाने का निर्णय लिया गया। इसके लिये मध्यप्रदेश पथ-विक्रेता (जीविका का संरक्षण और पथ-विक्रय का विनियमन) कानून के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।

प्रस्तावित कानून के अंतर्गत राज्य के नगरीय क्षेत्रों में पथ सामग्री विक्रय कर आजीविका कमाने वालों के हितों की सुरक्षा करने और उन्हें कानूनी तरीके से आजीविका चलाने के लिये कानूनी संरक्षण दिया जायेगा। नगरीय सीमाओं में उनके द्वारा व्यवसाय को विनियमित कर मास्टर प्लॉन/नगर विकास योजनाओं में सम्मिलित करते हुए उपयुक्त स्थान पर व्यवसाय करने की व्यवस्था की जायेगी। पथ-विक्रेताओं की आजीविका को संरक्षित करने तथा सम्मानजनक तरीके से व्यवसाय करने के लिये समितियों के प्रावधान किये जायेंगे। इसके अलावा स्थानीय रहवासियों को सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता एवं आवागमन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थित और विधि-सम्मत गतिविधियों को यथोचित रूप से अधिनियमित किया जायेगा। मंत्रिपरिषद ने इस संबंध में अलग से मार्गदर्शी सिद्धांत जारी करने के निर्देश दिये।

पवित्र नगर

मंत्रिपरिषद ने जन-भावनाओं का सम्मान करते हुए मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा की गई घोषणा के अनुसार पशुपतिनाथ मंदिर की नगरी मंदसौर को पवित्र नगर घोषित करने का निर्णय लिया। इस घोषणा के परिपालन में पशुपतिनाथ मंदिर की 100 मीटर त्रिज्या के क्षेत्र को पवित्र क्षेत्र घोषित किया गया है। इस पवित्र क्षेत्र की चतुर्सीमा का निर्धारण किया गया है, जिसके अनुसार पूर्व दिशा में कैफेटेरिया, पश्चिम दिशा में गायत्री मंदिर, उत्तर दिशा में शिवना नदी का तट तथा दक्षिण दिशा में पार्किंग एरिया (मंदिर) इसकी सीमा रहेंगी।

पवित्र क्षेत्र में प्राचीन मंदिरों को चिन्हांकित कर उनके रख-रखाव का कार्य किया जायेगा। धार्मिक त्यौहारों आदि को चिन्हित कर ऐसे अवसरों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। क्षेत्र का मास्टर प्लॉन बनाया जायेगा। इस क्षेत्र की साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ-साथ अण्डा, मांस-मछली एवं मदिरा के क्रय-विक्रय पर प्रतिबंध रहेगा। धर्मार्थियों के लिये धर्मशाला का निर्माण और मेला ग्राउण्ड का विकास किया जायेगा। साथ ही मंदिरों में श्रद्धालुओं को दर्शन के लिये विभिन्न सुविधाएँ उपलब्ध कराई जायेंगी।

स्वैच्छिक संगठन

प्रदेश में स्वैच्छिक संगठनों को काम करने के लिये बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने और प्रदेश के चहुँमुखी विकास में उनका सहयोग प्राप्त करने के लिये एक नीति के प्रारूप को मंत्रिपरिषद ने स्वीकृति प्रदान की। वर्तमान में प्रदेश में लगभग 87 हजार स्वैच्छिक संगठन कार्यरत हैं। इन संगठनों में प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में लोगों के बीच समाज को संगठित करने, सेवाएँ प्रदान करने, अनुसंधान एवं प्रशिक्षण जैसे विषयों पर अच्छा कार्य करके समाज में बदलाव की सकारात्मक विधाओं की शुरूआत की है। इससे गरीबी, भेदभाव और बहिष्कार की समस्याओं से निपटने के लिये बदलते हुए परिवेश के अनुरूप नये समाधान सामने आये हैं। इस नीति के अनुमोदन के फलस्वरूप मध्यप्रदेश देश के उन अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है, जिनके द्वारा स्वैच्छिक संगठनों के लिये प्रादेशिक नीति बनाने के लिये इस स्तर तक प्रयास किये गये हैं।

एयर कार्गो के लिये भूमि हस्तांतरित

मंत्रिमण्डल ने भोपाल जिले के ग्राम पीपलनेर एवं बैरागढ़ कलाँ में एयरपोर्ट के पास स्थित शासकीय भूमि एयर कार्गो हेण्डलिंग हब की स्थापना के लिये उद्योग विभाग को हस्तांतरित करने का निर्णय लिया। इन दोनों गाँवों में एयरपोर्ट के पास उपलब्ध अतिक्रमण रहित भूमि का चिन्हांकन किया गया है। उपलब्ध भूमि में से चरनोई निस्तार मद में दर्ज भूमि को छोड़कर शेष उपलब्ध 95.10 एकड़ भूमि उद्योग विभाग को हस्तांतरित की जायेगी। इसके साथ ही भोपाल में एयर कार्गो हेण्डलिंग हब की स्थापना का रास्ता साफ हो गया। उद्योग विभाग द्वारा इस भूमि का समुचित उपयोग करने के लिये कार्य-योजना बनाकर इसका क्रियान्वयन किया जायेगा।

कैप्टिव पॉवर

मंत्रिपरिषद ने निर्णय लिया कि प्रदेश में कैप्टिव पॉवर संयंत्रों को दी गई विद्युत शुल्क की छूट तथा अन्य प्रकार की वित्तीय सुविधाओं के संबंध में राज्य के स्वामित्व के विद्युत संयंत्रों को छोड़कर कैप्टिव पॉवर प्लांट तथा अन्य उत्पादकों द्वारा राज्य में किसी उपभोक्ता को विद्युत क्रय करने पर विद्युत शुल्क की वर्तमान दर वही रखी जाये जो ऐसा विक्रय वितरण कम्पनी द्वारा करने पर होती है। विद्युत शुल्क उत्पादक द्वारा देय होगा। कैप्टिव पॉवर प्लांट द्वारा प्रदेश की तीनों विद्युत वितरण कम्पनियों तथा मध्यप्रदेश पॉवर ट्रेडिंग कम्पनी को विद्युत विक्रय करने पर विद्युत शुल्क की दर 5 पैसे प्रति यूनिट रखी जायेगी।

राज्य के बाहर से ओपन एक्सेस प्राप्त उपभोक्ताओं पर उनके द्वारा उपभोग की गई बिजली पर विद्युत शुल्क की दर वही रखी जायेगी जो विद्युत वितरण कम्पनी द्वारा करने पर रखी जाती।

शिक्षकों के पद

मंत्रिपरिषद ने हाई एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर करने की दृष्टि से नवमी और दसवीं कक्षा के छात्रों के लिये 13 हजार 489 शिक्षकों के अतिरिक्त पद स्वीकृत किये। इन पदों में विषय मान से हिन्दी के 1,167, अंग्रेजी के 1,982, विज्ञान के 2,217, गणित के 2,376 और संस्कृत के 1,923 पद शामिल हैं। इस निर्णय के फलस्वरूप इन स्कूलों में इन विषयों के शिक्षकों की संख्या बढ़ेगी और पढ़ाई की गुणवत्ता में सुधार आयेगा।

इसके साथ ही मंत्रिपरिषद ने इस वर्ष राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत उन्नत किये गये 603 हाई स्कूलों में प्राचार्य, 6 संविदा शाला शिक्षक वर्ग-2 एवं संविदा शाला शिक्षक वर्ग-3 का एक पद स्वीकृत किया। इस प्रकार प्राचार्य को मिलाकर प्रत्येक हाई स्कूल में 8 पद के मान से राज्य में कुल 4,824 पद स्वीकृत किये गये हैं। अब इन नवीन हाई स्कूलों का संचालन बेहतर ढंग से हो सकेगा।

मलेरिया अधिकारी

मंत्रिपरिषद ने सात जिलों में जिला मलेरिया अधिकारी कार्यालय की स्थापना एवं विभाग द्वारा प्रस्तावित सेटअप के अनुसार पद सृजन की स्वीकृति प्रदान की। ये जिले हैं देवास, सीहोर, कटनी, टीकमगढ़, दतिया, अलीराजपुर और सिंगरौली। उल्लेखनीय है कि शेष 43 जिलों में जिला मलेरिया अधिकारी कार्यालय स्वीकृत हैं। शेष सात जिलों में इन कार्यालयों की स्वीकृति के फलस्वरूप वहाँ मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया आदि रोगों पर प्रभावी रूप से नियंत्रण हो सकेगा।

अन्य निर्णय

मंत्रिपरिषद ने सिंगरौली जिले के थाना बैढन के ग्राम सासन में रिलायंस समूह की 4 हजार मेगावॉट अल्ट्रा मेगा पॉवर परियोजना की स्थापना के कारण इस गाँव में नवीन चौकी के लिये 35 पदों के सृजन का निर्णय लिया। इनमें एक उप निरीक्षक, तीन सहायक उप निरीक्षक, 6 प्रधान आरक्षक तथा 25 आरक्षक के पद शामिल हैं। स्वीकृत बल का व्यय भार रिलायंस पॉवर लिमिटेड द्वारा वहन किया जायेगा।

मंत्रिपरिषद ने बालाघाट जिले के लांजी स्थित 30 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र को 100 बिस्तरीय सिविल अस्पताल में उन्नत करने का निर्णय लिया। इससे इस क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध हो सकेंगी। इस उन्नयन के फलस्वरूप आवश्यक 88 पदों को स्वीकृत करने का भी निर्णय लिया गया।

अटल बिहारी वाजपेयी हिन्दी विश्वविद्यालय विधेयक 2011 के संशोधित स्वरूप का मंत्रिपरिषद ने अनुमोदन किया और अध्यादेश के स्थान पर विधेयक विधानसभा में लाने की कार्यवाही के लिये उच्च शिक्षा विभाग को अधिकृत किया।

मंत्रिपरिषद ने सागर, रीवा और जबलपुर स्थित चिकित्सा महाविद्यालयों में मेडिकल काउंसिल ऑफ इण्डिया द्वारा निर्धारित मापदण्डों के अनुसार चिकित्सा शिक्षकों के पदों की पूर्ति करने के लिये सहायक प्राध्यापकों के 23 पदों के निर्माण को कार्योत्तर अनुमोदन प्रदान किया।

 

दिनेश मालवीय

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