मुख्यमंत्री
श्री
शिवराज
सिंह
चौहान
की
अध्यक्षता
में आज
संपन्न
मंत्रि
परिषद
की बैठक
में
विमुक्त,
घुमक्कड़
एवं
अर्द्ध-घुमक्कड़
जाति के
लोगों
के
समग्र
विकास
के लिये
एक
स्वतंत्र
विभाग
की
स्थापना
का
निर्णय
लिया
गया। इस
विभाग
का नाम
विमुक्त,
घुमक्कड़,
अर्द्ध-घुमक्कड़
जाति
कल्याण
विभाग
होगा।
यह
नवीन
विभाग
मुख्य
रूप से
इन
जातियों
के लिये
कार्यक्रमों
के
निर्माण
एवं
संचालन,
शैक्षिणक
एवं
आर्थिक
विकास
की
योजनाओं
के
संचालन
तथा
पर्यवेक्षण
के
दायित्व
निर्वहन
करेगा।
विमुक्त,
घुमक्कड़,
अर्द्ध-घुमक्कड़
जाति
कल्याण
विभाग
के
अंतर्गत
पृथक से
विभागाध्यक्ष
कार्यालय
की भी
स्थापना
की गई
है।
मंत्रि
परिषद
ने
परमवीर
चक्र,
अशोक
चक्र,
महावीर
चक्र,
कीर्ति
चक्र,
वीर
चक्र,
शौर्य
चक्र
तथा
युद्ध
सेवा
मेडल
श्रृखंला
प्राप्त
मध्यप्रदेश
के
स्थाई
निवासी
सैनिको
को दी
जाने
वाली
नगद
अनुदान
तथा
भूमि के
बदले दी
जाने
वाली
राशि
में
वृद्धि
का
निर्णय
लिया
गया।
मुख्यमंत्री
श्री
शिवराज
सिंह
चौहान
की
घोषणा
के
अनुपालन
में
लिये
गये इस
निर्णय
के
अनुसार
परमवीर
चक्र
विजेता
को
अनुदान
राशि
तथा
भूमि के
एवज में
दी जाने
वाली एक
मुश्त
राशि के
रुप में
20 लाख
रुपये
तथा
मासिक
अनुदान
के रुप
में 5000
हजार
रुपये
दिये
जायेंगे।
अशोक
चक्र
विजेता
को
क्रमश: 20
लाख
रुपये
और 4000
रुपये,
महावीर
चक्र
विजेता
को
क्रमश: 12
लाख
रुपये
और 4000
रुपये,
कीर्ति
चक्र
विजेता
को
क्रमश: 12
लाख
रुपये
और 2500
रुपये,
वीर
चक्र
विजेता
को
क्रमश: 8
लाख
रुपये
और 2500
रुपये
तथा
शौर्य
चक्र
विजेता
को
क्रमश: 8
लाख
रुपये
और 1500
रुपये
की राशि
दी
जायेगी।
वर्तमान
में
परमवीर
चक्र
विजेता
को
अनुदान
राशि के
रुप में
22500 रुपये
और भूमि
के एवज
नगद
राशि के
रुप में
एक लाख 50
हजार
रुपये,
इस
प्रकार
कुल एक
लाख 72
हजार 500
रुपये
की राशि
दी जाती
है।
अशोक
चक्र
विजेता
को
क्रमश: 20
हजार और
एक लाख 25
हजार
रुपये (
एक लाख 45
हजार
रुपये),
महावीर
चक्र
विजेता
को
क्रमश: 15
हजार और
एक लाख
रुपये (एक
लाख 15
हजार
रुपये),
कीर्ति
चक्र
विजेता
को
क्रमश: 12
हजार और
75 हजार
रुपये (87
हजार
रुपये),
वीर
चक्र
विजेता
को
क्रमश: 7
हजार और
50 हजार
रुपये ( 57
हजार
रुपये)
तथा
शौर्य
चक्र
विजेता
को
क्रमश: 5
हजार और
40 हजार
रुपये (45
हजार
रुपये)
की राशि
दी जाती
है।
युद्ध
सेवा
मेडल
श्रृखंला
के
अंतर्गत
मेडल
प्राप्त
करने
वाले
सैनिको
को
अनुदान
राशि
तथा
भूमि के
एवज में
दी जाने
वाली एक
मुश्त
राशि को
भी
बढ़ाने
का
निर्णय
लिया
गया। इन
सैनिकों
को
मासिक
अनुदान
नहीं
मिलेगा।
वर्तमान
में
सर्वोत्तम
युद्ध
सेवा
मेडल
प्राप्त
सैनिको
को
अनुदान
राशि के
रुप में
17 हजार
रुपये
और भूमि
के एवज
में नगद
राशि के
रुप में
एक लाख 10
हजार
रुपये (एक
लाख 27
हजार
रुपये)
की राशि
दी जाती
है। अब
इसे
बढ़ाकर
एक लाख 45
हजार
रुपये
कर दिया
गया
हैे।
उत्तम
सेवा
मेडल
प्राप्तकर्ता
को
वर्तमान
में
क्रमश: 10
हजार और
65 हजार
रुपये (कुल
75 हजार
रुपये )
की राशि
प्रदान
की जाती
है। अब
इसे
बढ़ाकर
एक लाख 40
हजार
रुपये
कर दिया
गया है।
युद्ध
सेवा
मेडल
प्राप्तकर्ता
को
वर्तमान
में
क्रमश: 4
हजार और
30 हजार
रुपये (34
हजार
रुपये)
की राशि
दी जाती
है। इसे
बढ़ाकर
अब 80
हजार
रुपये
कर दिया
गया है।
सेना, नौ
सेना,
वायु
सेना
मेडल
प्राप्तकर्ता
को अभी
क्रमश: 3हजार
और 20
हजार (23
हजार
रुपये)
की राशि
दी जाती
है। इसे
बढ़ाकर
अब 50
हजार
रुपये
कर दिया
गया है।
मंत्रि
परिषद
के
निर्णय
के
अनुसार
शौर्य
अलंकरण
श्रृखंला
तथा
युद्ध
सेवा
मेडल
श्रृखंला
के
अन्तर्गत
किसी भी
मेडल
प्राप्तकर्ता
सैनिक
को भूमि
का
आवंटन
नहीं
किया
जायेगा।
सभी
अनुदान
इस आदेश
के जारी
होने की
तिथि के
पश्चात
के
शौर्य
अलंकरण/युद्ध
सेवा
श्रृखंला
मेडल
प्राप्तकर्ताओं
पर ही
लागू
होंगे
तथा
इसके
पूर्व
के सभी
प्रकरण,
जो
अन्यथा
निपटाए
गए हैं,
पुन:
नहीं
खोले
जायेगें।
मरणोपरांत
शौर्य
अलंकरण
प्राप्तकर्ताओं
के
मामले
में यह
निर्णय
लिया
गया कि
उनकी
विधवा
को 35
प्रतिशत,
बच्चों
को 35
प्रतिशत
तथा शेष
अनुदान
राशि 30
प्रतिशत
माता
पिता को
दी
जायेगी।
माता
पिता के
जीवित न
होने की
स्थिति
में
उक्त
राशि
विधवा
एवं
बच्चों
में
बराबर
बांट दी
जायेगी।
बच्चे न
होने पर
अनुदान
राशि
विधवा
एवं
माता
पिता को
क्रमश: 50-50
प्रतिशत
तथा
माता
पिता
एवं
बच्चे
जीवित न
होने पर
पूर्ण
राशि
विधवा
को दी
जायेगी
। यदि
बच्चे
नाबालिग
है तो
उनकी
अनुदान
राशि
बालिग
होने तक
सवाधि
जमा के
रुप में
रखी
जायेगी
तथा
सवाधि
जमा पर
प्राप्त
होने
वाला
ब्याज
भी जिला
कलेक्टर
की
अनुमति
के बिना
नहीं
निकाला
जा
सकेगा।
यदि
सवाधि
जमा पर
देय
ब्याज
निकाला
जाता है
तो
कलेक्टर
को इस
बात से
अवगत
कराना
होगा कि
यह राशि
नाबालिग
के हित
में
खर्च की
गई है।
यदि
मरणोपरांत
शौर्य
अलंकरण
प्राप्तकर्ता
अविवाहित
है तो
पूर्ण
राशि
माता
पिता को
प्रदान
की
जायेगी।
माता
पिता के
जीवित न
होने की
स्थिति
में यह
अनुदान
राशि
अविवाहित
बहन एवं
भाई को
बराबर
दी
जायेगी।
नियामक
आयोग
द्वारा
निर्धारित
दर पर
विद्युत
क्रय
अनुबंध
का
अनुमोदन
मंत्रि
परिषद
ने निजी
क्षेत्र
की
कम्पनियों
के साथ
हस्ताक्षरित
समझौता
ज्ञापन
के तहत
स्थापित
किये जा
रहे ताप
विद्युत
गृहों
से
राज्य
विद्युत
नियामक
आयोग
द्वारा
निर्धारित
दर पर
बिजली
खरीदने
के लिये
मानक
विद्युत
क्रय
अनुबंध
का
अनुमोदन
किया।
दादा
धूनीवाले
ताप
विद्युत
परियोजना
की
स्थापना
संयुक्त
उपक्रम
द्वारा
मंत्रि
परिषद
ने
निर्णय
लिया कि
2 न् 800
मेगावाट
क्षमता
की सुपर
क्रिटिकल
तकनीक
आधारित
दादा
धूनीवाले
ताप
विद्युत
परियोजना,
जिला
खण्डवा
की
स्थापना
मध्यप्रदेश
पावर
जनरेटिंग
कम्पनी
एवं
मेसर्स
बी.एच.ई.एल.
के
संयुक्त
उपक्रम 'दादा
धूनीवाले
खण्डवा
पावर
लिमिटेड'
द्वारा
की
जायेगी।
परियोजना
की
अनुमानत
लागत 10
हजार 100
करोड़
रूपये
के पोषण
के लिये
20
प्रतिशत
अंशपूंजी
की 10
प्रतिशत
राशि (202
करोड़
रूपये)
राशि का
निवेश
राज्य
शासन
द्वारा
अंशपूंजी
के रूप
में
किया
जायेगा।
परियोजना
से
उत्पादित
65
प्रतिशत
विद्युत
यथोचित
नियामक
आयोग
द्वारा
निर्धारित
दर पर
राज्य
द्वारा
प्राप्त
की
जायेगी।
खाद्य
एवं
औषधि
प्रशासन
के
अंतर्गत
पद सृजन
मंत्रि
परिषद
ने
मध्यप्रदेश
में
खाद्य
एवं
औषधि
प्रशासन
के
अंतर्गत
16 औषधि
निरीक्षकों
के पदों
के सृजन
को
मंजूरी
दी। ये
पद
अशोकनगर,
अनूपपुर,
अलिराजपुर,
बुरहानपुर,
डिंडौरी,
हरदा,
नीमच,
श्योपुरकलां,
सिंगरोली,
उमरिया,
दतिया,
पन्ना,
राजगढ़
जिलों
तथा
इंदौर,
भोपाल
और
जबलपुर
महानगरों
के लिये
स्वीकृत
किये
गये
हैं।
नर्सिंग
संवर्ग
कर्मियों
को उच्च
वेतनमान
मंत्रि
परिषद
ने
चिकित्सा
शिक्षा
विभाग
के
अंतर्गत
नर्सिगं
संवर्ग
के
कर्मियों
को
ब्रम्हस्वरुप
समिति
की
अनुशंसा
अनुसार
एक
अप्रैल
2006 से
उच्च
वेतनमान
स्वीकृत
करने का
निर्णय
लिया।
इनमें
लेडी
हैल्थ
विजीटर,
स्टाफ
नर्स और
मेट्रन
शामिल
हैं।
इससे
राज्य
शासन पर
प्रतिवर्ष
लगभग एक
करोड़ 20
लाख
रूपए का
व्यय
भार
आएगा। 31
दिसम्बर
2010 तक
एरियर्स
भुगतान
पर 3
करोड़ 13
लाख
रूपए से
अधिक का
व्यय
होगा।