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मुख्यमंत्री
श्री
शिवराज
सिंह
चौहान
की
अध्यक्षता
में आज
सम्पन्न
मंत्रिपरिषद
की बैठक
में
अनेक
महत्वपूर्ण
निर्णय
लिये
गये।
निर्णयों
की
जानकारी
देते
हुये
स्वास्थ्य
एवं
आवास
मंत्री
तथा
मध्यप्रदेश
शासन के
प्रवक्ता
डॉ.
नरोत्तम
मिश्रा
ने
बताया
कि
मंत्रिपरिषद
ने बीना
पावर
सप्लाय
कंपनी
लिमिटेड
द्वारा
जिला
सागर
में
स्थापित
की जा
रही ताप
विद्युत
परियोजना
के
प्रथम
चरण के 500
मेगावाट
की
बिजली
में से 70
प्रतिशत
विद्युत
क्रय के
संबंध
में
किये
गये
अनुबंध
को
कार्योत्तर
अनुमोदन
प्रदान
किया। 30
जनवरी 2009
को
निष्पादित
क्रयान्वयन
अनुबंध
के
प्रावधान
को
पुनरीक्षित
करते
हुये इस
परियोजना
के
प्रथम
चरण से 42
प्रतिशत
विद्युत
के
स्थान
पर 70
प्रतिशत
विद्युत
क्रय
करने का
नया
अनुबंध
किया
गया है।
उल्लेखनीय
है कि
राज्य
शासन
एवं
मेसर्स
बीना
पावर
सप्लाय
कंपनी
लिमिटेड
के मध्य
30 जनवरी 2009
को 5x250
मेगावॉट
क्षमता
की ताप
विद्युत
परियोजना
बीना,
जिला
सागर
में
स्थापित
करने
हेतु
क्रियान्वयन
अनुबंध
निष्पादित
किया
गया था।
परियोजना
के
प्रथम
चरण में
कंपनी
द्वारा
2x250
मेगावॉट
क्षमता
की
इकाईयों
की
स्थापना
का
कार्य
किया जा
रहा है।
प्रथम
चरण की
इकाईयों
को
कंपनी
द्वारा
क्रमश:
मार्च 2012
तथा
सितम्बर
2012 में
क्रियाशील
किया
जाना
प्रस्तावित
है।
मेसर्स
बीना
पावर
सप्लाय
कंपनी
लिमिटेड
द्वारा
प्रथम
चरण की
परियोजना
की कुल
क्षमता
2x250
मेगावॉट
से 70
प्रतिशत
(5
प्रतिशत
विद्युत
को
समाहित
कर)
विद्युत
प्रदाय
राज्य
शासन को
किया
जाना
है।
कंपनी
द्वारा
स्थापित
की जा
रही
परियोजना
को
क्रियाशील
किये
जाने के
कार्यक्रम
एवं इन
इकाईयों
से
विद्युत
की
उपलब्धता
में
होने
वाले
सुधार
को
दृष्टिगत
रखते
हुए 13
अप्रैल
2011 को
मंत्रिपरिषद
की बैठक
में
मेसर्स
बीना
पावर
सप्लाय
कंपनी
के
उपरोक्त
प्रस्ताव
का
अनुमोदन
किया
गया। इस
विद्युत
के क्रय
हेतु
निष्पादित
विद्युत
क्रय
अनुबंध
भी
स्वीकृत
किया
गया है।
कंपनी
से 5
प्रतिशत
विद्युत
वेरीयेबल
दर पर
क्रय
करने के
लिए
निष्पादित
किये
जाने
वाले
विद्युत
क्रय
अनुबंध
की
शर्तों
को
अंतिम
रूप
देने
हेतु
ऊर्जा
विभाग
को
प्राधिकृत
किया
गया।
मंत्रिपरिषद
द्वारा
मध्यप्रदेश
ग्रामीण
सड़क व
आवास
प्राधिकरण
को
मुख्यमंत्री
ग्रामीण
आवास
मिशन के
द्वारा
ऋण
आधारित
योजनाओं
पर
राष्ट्रीयकृत
बैंकों
से
करारनामा
करने की
अनुमति
प्रदान
की गई।
साथ ही,
इसी
वर्ष
जनवरी
में
सेन्ट्रल
बैंक ऑफ
इंडिया
से किये
गये
करारनामे
को
कार्योत्तर
स्वीकृति
प्रदान
की गई।
डॉ.
मिश्रा
ने
बताया
कि
मुख्यमंत्री
आवास
मिशन के
तहत 2500
मकान
गरीबों
के लिये
बनाये
जाने
हैं।
इनमें
से 1700 पर
कार्य
भी शुरू
हो चुका
है।
मंत्रिपरिषद
ने
आदिवासी
विकास
विभाग
की 11वीं
पंचवर्षीय
योजना (वर्ष
2007-2012) के
अंतर्गत
पिछले
वर्ष
खोले
गये 50
सीट
वाले 20
नवीन
आदिवासी
प्री-मेट्रिक
छात्रावासों
के लिये
पदों के
निर्माण
की
स्वीकृति
प्रदान
की।
इनमें 20
पद
अधीक्षक
के, 60
चतुर्थ
श्रेणी
कर्मचारी
तथा 20 पद
सफाई
अंशकालीन
कर्मचारियों
के
शामिल
हैं।
मंत्रिपरिषद
ने
अनुसूचित
जाति
वर्ग की
छात्राओं
के लिये
राजगढ़
जिले के
ग्राम
खुजनेर
में 100
सीटर
नया
छात्रावास
खोलने
के लिये
एक
छात्रावास
अधीक्षक,
6 चतुर्थ
श्रेणी
कर्मचारी
तथा 2
अंशकालीन
सफाई
कर्मियों
के पद
सृजन की
स्वीकृति
दी।
इसके
अलावा
वर्ष 2011-12
में 20
हाई
स्कूलों
के
उच्चतर
माध्यमिक
विद्यालय
में
उन्नयन
के लिये
प्राचार्य
के 20,
संविदा
शाला
वर्ग एक
के 160,
संविदा
शाला
शिक्षक
वर्ग
तीन के 40,
लेखापाल
के 20 तथा
भृत्य
के 20 पद
स्वीकृत
किये
गये।
साथ ही
उच्चतर
माध्यमिक
विद्यालयों
में 20
अतिरिक्त
संकाय
प्रारंभ
करने के
लिये
संविदा
शाला
शिक्षक
वर्ग एक
के 20 पद
सृजित
करने की
अनुमति
प्रदान
की गई।
मंत्रिपरिषद
ने कोल
अनुसूचित
जनजाति
के
समग्र
विकास
के लिये
राज्य
स्तर पर
कोल
अनुसूचित
जनजाति
विकास
अभिकरण
के गठन
का
निर्णय
लिया।
इसमें
एक
अध्यक्ष,
3
अशासकीय
सदस्य (कोल
जनजाति),
2 सदस्य (विषय
विशेषज्ञ)
एवं
अन्य
शासकीय
सदस्य
होंगे।
इसके
सचिव
अभिकरण
के
मुख्य
कार्यपालन
अधिकारी
होंगे।
अभिकरण
के
संचालन
के लिये
मुख्य
कार्यपालन
अधिकारी
का एक पद,
सहायक
ग्रेड-2
के दो पर,
सहायक
ग्रेड-3
के दो पद
तथा
भृत्य
का एक पद
निर्माण
करने की
स्वीकृति
प्रदान
की गई।
इसके
अलावा
अभिकरण
के
अध्यक्ष
के निजी
अमले के
लिये एक
निज
सहायक
तथा दो
भृत्य
के पदों
की भी
स्वीकृति
दी गई।
मंत्रिपरिषद
ने
राज्य
आयोजना
के अधीन
विशेष
क्षेत्र
प्रकोष्ठ
के लिये
12 नवीन
पदों के
सृजन
तथा
वेतन
एवं
भत्तों,
कार्यालय
एवं
आकस्मिक
व्यय
मदों के
लिये 44
लाख 89
हजार
रूपये
की
स्वीकृति
प्रदान
की।
मंत्रिपरिषद
ने
मध्यप्रदेश
कार्य
आवंटन
नियम के
तहत
महिला
एवं बाल
विकास
विभाग
के
कार्य
आवंटन
नियम
में
संशोधन
को भी
स्वीकृति
प्रदान
की।
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