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मुख्यमंत्री
श्री
शिवराज
सिंह
चौहान
की
अध्यक्षता
में आज
यहां
सम्पन्न
मंत्रि
परिषद
की बैठक
में
प्रदेश
के
चयनित 15
जिलों
श्योपुर,
राजगढ़,
सीधी,
नीमच,
झाबुआ,
टीकमगढ़,
रीवा,
भिंड,
दमोह,
इंदौर,
सागर,
जबलपुर,
भोपाल,
बैतूल
एवं
बालाघाट
में
सबला
योजना
लागू
किये
जाने के
लिये
राज्य
मंत्री
परिषद
द्वारा
स्वीकृति
दी गई
है।
इस
योजना
में 11 से 14
वर्ष की
शाला
त्यागी
किशोरी
बालिकाओं
एवं 15 से 18
वर्ष की
समस्त
किशोरी
बालिकाओं
को
लाभान्वित
किये
जाने का
प्रावधान
है।
योजना
का
उद्देश्य
किशोरी
बालिकाओं
को
सशक्त
बनाकर
उनके
पोषण
एवं
स्वास्थ्य
में
वृद्धि,
उन्हें
परिवार
आधारित
जीवन
उपयोगी
कौशल
उन्नयन
एवं
परिवार
तथा
शिशु
रक्षा
के
संबंध
में
जागरुकता
प्रदान
करता
है। इस
योजना
में
ऑगनवाड़ी
केन्द्रों
पर शाला
त्यागी
किशोरी
बालिकाओं
का समूह
गठित
किया
जाएगा।
प्रत्येक
समूह
में 7 या
उससे
अधिक
किशोरी
बालिकाएं
होगी।
प्रत्येक
समूह
में से
एक सखी
तथा दो
सहेली
का चयन
किशोरी
बालिकाओं
द्वारा
स्वयं
किया
जाएगा।
इन सखी
तथा
सहेली
को
प्रशिक्षित
किया
जाकर
इनके
माध्यम
से समूह
की शेष
किशोरी
बालिकाओं
को
जीवनोपयोगी
जानकारी
दी
जाएगी।
योजना
अन्तर्गत
प्रत्येक
तीन माह
में
समूह की
सभी
किशोरी
बालिकाओं
का गॉव
में
स्वास्थ्य
परीक्षण
कराया
जाएगा
एवं
स्वास्थ्य
संबंधी
जानकारी
ऑगनवाड़ी
कार्यकर्ताओं
द्वारा
किशोरी
बालिका
के लिये
बनाए
गये '
किशोरी
कार्ड '
में
संधारित
की
जाएगी।
किशोरी
बालिकाओं
को आयरन
फोलिक
ऐसिड की
गोलियॉ
एवं
आवश्यकतानुसार
अन्य
दवाईयां
भी
उपलब्ध
कराई
जाएगी।
सबला
योजना
में
इसके
अतिरिक्त
किशोरी
बालिकाओं
को टेक
होम
राशन के
रुप में
पोषण
आहार भी
साप्ताहिक
रुप से
प्रदाय
किया
जाएगा।
उक्त
टेक होम
राशन के
माध्यम
से
किशोरी
बालिकाओं
को 600
कैलोरीज़
ऊर्जा
एवं 18 से 20
ग्राम
प्रोटीन
की
अतिरिक्त
मात्रा
प्राप्त
होगी।
उपरोक्त
पोषण
आहार
व्यवस्था
में आने
वाले
व्यय
भार
रुपये 151.00
करोड़
की राशि
में से 50
प्रतिशत
राशि
केन्द्र
एवं 50
प्रतिशत
राशि
राज्य
सरकार
द्वारा
वहन की
जाएगी।
राज्य
स्तर पर
इस
योजना
के
कारगर
क्रियान्वयन,
पर्यवेक्षण
एवं
समन्वय
की
दृष्टि
से
मुख्य
सचिव की
अध्यक्षता
में
अंतरविभागीय
समिति
के गठन
का
निर्णय
लिया
गया है।
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