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मुख्यमंत्री
श्री
शिवराजसिंह
चौहान
की
अध्यक्षता
में आज
सम्पन्न
मंत्रि-परिषद
की बैठक
में
शैक्षणिक
रूप से
पिछड़े
201
विकासखण्डों
में
मॉडल
स्कूल
स्थापित
करने का
निर्णय
लिया
गया।
मॉडल
स्कूलों
में
मध्यप्रदेश
माध्यमिक
शिक्षा
मंडल का
पाठ्यक्रम
लागू
किया
जाएगा।
ये मॉडल
स्कूल
कक्षा 6
वीं से 12
वीं तक
के लिए
होंगे।
प्रत्येक
कक्षा
में एक-एक
वर्ग
क्रमश:
हिन्दी
एवं
अंग्रेजी
माध्यम
से
संचालित
किया
जायेगा।
इन मॉडल
स्कूलों
में पद
संरचना,
सेवा
शर्तें
आदि का
निर्धारण
भारत
सरकार
द्वारा
स्वीकृत
मापदण्डों
के
अनुसार
राज्य
सरकार
द्वारा
किया
जायेगा।
इनमें
से 33
स्कूल
भारत
सरकार
द्वारा
वर्ष 2009-10
में और 168
स्कूल
वर्ष 2010-11
में
स्वीकृत
किये
गये थे।
वर्ष 2010-11
में
स्वीकृत
168 मॉडल
स्कूलों
के
निर्माण
कार्य
के लिये
प्रत्येक
मॉडल
स्कूल
पर 3.02
करोड़
रुपये
अनावर्ती
व्यय
तथा 75
लाख
रुपये
के
आवर्ती
व्यय का
प्रावधान
है। इस
प्रकार
201 मॉडल
स्कूलों
के लिये
607.02 करोड़
रुपये
अनावर्ती
तथा 150.75
करोड़
रुपये
आवर्ती
व्यय के
रूप में
प्रतिवर्ष
खर्च
होगा।
इसमें
राज्य
सरकार
की
भागीदारी
25
प्रतिशत
की
होगी।
इसके
अनुसार
राज्य
सरकार
अनावर्ती
व्यय के
रूप में
151 करोड़ 75
लाख
रुपये
और
आवर्ती
व्यय के
रूप में
37.68 करोड़
रुपये
प्रतिवर्ष
उपलब्ध
करायेगी।
नये
पॉलीटेक्निक
मंत्रि-परिषद
ने 7
जिलों
में नये
पॉलीटेक्निक
कॉलेज
खोले
जाने का
निर्णय
लिया।
यह
कॉलेज
जतारा,
जिला
टीकमगढ़,
पवई
जिला
पन्ना,
सेंधवा
जिला
बड़वानी,
नसरुल्लागंज
जिला
सीहोर,
इटारसी
जिला
होशंगाबाद,
राजगढ़
जिला
मुख्यालय
और
सिरोंज
जिला
विदिशा
में
खोले
जायेंगे।
इन
कॉलेजों
में
शैक्षणिक
सत्र 2011-12
से
प्रवेश
की
कार्रवाई
के आदेश
जारी कर
दिये
गये
हैं।
राज्य
सरकार
द्वारा
नवीन
पॉलीटेक्निक
कॉलेजों
की
स्थापना
के लिये
नि:शुल्क
भूमि
प्रदाय
की गई
है।
भूमि के
विकास
का
शुल्क
तथा सभी
आवर्ती
व्यय
राज्य
सरकार
द्वारा
वहन
किया
जायेगा।
इन
कॉलेजों
में
न्यूनतम
4
डिप्लोमा
पाठ्यक्रम
संचालित
होंगे।
इनमें
प्रवेश
राज्य
सरकार
के
नियमों
के
अनुसार
होंगे।
नये
पॉलीटेक्निक
कॉलेज
राज्य
सरकार
के अधीन
तथा
स्वशासी
स्वरूप
के
होंगे।
यह
कॉलेज
शैक्षणिक
कार्यों
के लिये
राजीव
गाँधी
प्रौद्योगिकी
विश्वविद्यालय
से
संबद्ध
रहेंगे।
इन
कॉलेजों
से
प्रतिवर्ष
1680
विद्यार्थियों
को लाभ
होगा।
रिचार्ज
वाउचर
पर वेट
नहीं
मंत्रि-परिषद
ने
रिचार्जेबल
कूपन को
मध्यप्रदेश
वेट
अधिनियम
2002 में
अध्यादेश
के
माध्यम
से
संशोधन
करते
हुए
टेलीफोन
के
रिचार्जेबल
वाउचर
को कर-मुक्त
किये
जाने का
निर्णय
लिया।
उल्लेखनीय
है कि
रिचार्जेबल
कूपन को
'वस्तु'
मानते
हुए 13
प्रतिशत
की दर से
कर-देयता
के
संबंध
में
आयुक्त
वाणिज्यिक
कर
द्वारा
30 अगस्त, 2010
को आदेश
पारित
किया
गया था।
इसके
परिणाम
स्वरूप
छोटे
व्यापारियों
की कर-देयता
का
विनिश्चय
करके
माँग
कायम की
गई थी।
इस
व्यवसाय
से
जुड़े
व्यवसाइयों
ने कर-देयता
के
संबंध
में छूट
चाही
थी।
व्यवसाइयों
की इस
माँग पर
विचार
करने के
बाद यह
निर्णय
लिया
गया।
हिन्दी
विश्वविद्यालय
मंत्रि-परिषद
ने
भोपाल
में
स्थापित
होने
वाले
हिन्दी
विश्वविद्यालय
का नाम
पूर्व
प्रधानमंत्री
श्री
अटल
बिहारी
वाजपेयी
के नाम
पर रखने
का
निर्णय
लिया।
विश्वविद्यालय
के भवन
निर्माण
के लिये
2.34 करोड़
रुपये
स्वीकृत
किये
गये। यह
विश्वविद्यालय
श्री
वाजपेयी
के जन्म-दिवस
25
दिसम्बर
से
कार्यशील
किया
जाना
प्रस्तावित
है।
विश्वविद्यालय
3
संकायों
एवं 9
शैक्षणिक
विभागों
से
प्रारंभ
किया
जायेगा।
विश्वविद्यालय
की
स्थापना
के लिये
27
शैक्षणिक
तथा 35
अशैक्षणिक
पदों की
मँजूरी
दी गई।
शैक्षणिक
पदों
में 8
प्रोफेसर,
एक
निदेशक,
9
एसोसिएट
प्रोफेसर
और 9
असिस्टेंट
प्रोफेसर
शामिल
है। इसी
प्रकार
35
अशैक्षणिक
पदों
में
कुलपति,
कुल-सचिव
सहित
अन्य पद
शामिल
हैं।
विश्वविद्यालय
की
स्थापना
का
समस्त
अनावर्ती
तथा
वेतन-भत्तों
का
समस्त
आवर्ती
वित्तीय
भार
राज्य
शासन
द्वारा
वहन
किया
जायेगा।
भूमि
की अदला-बदली
के लिये
कलेक्टर
अधिकृत
मंत्रि-परिषद
ने
मुख्यमंत्री
ग्राम
सड़क
योजना
एवं
अन्य
शासकीय
प्रयोजनों
के लिये
निर्माण
कार्यों
में
निजी
भूमि
आने पर
उसकी
शासकीय
भूमि से
अदला-बदली
के
अधिकार
कलेक्टरों
को देने
का
निर्णय
लिया।
इस
संबंध
में
गठित की
गई
मंत्रि-परिषद
समिति
की
अनुशंसा
को
अनुमोदित
करते
हुए
मंत्रि-परिषद
ने
निर्णय
लिया कि
भविष्य
में
शासकीय
भूमि
एवं
निजी
भूमि की
अदला-बदली
केवल
उन्हीं
मामलों
में की
जा
सकेगी
जहाँ
किसी
शासकीय
योजना
के
निर्माण
के लिये
निजी
भूमि का
उपयोग
अपरिहार्य
है।
अन्य
मामलों
में
अदला-बदली
नहीं की
जा
सकेगी।
शहरी
एवं
विकास
योजना
क्षेत्र
में
शासकीय
प्रयोजनों
के लिये
यदि
निजी
भूमि
लेने की
अनिवार्यता
है तो
ऐसे
मामलों
में
कलेक्टर
द्वारा
अदला-बदली
का
प्रकरण
आयुक्त
के
माध्यम
से
राज्य
शासन को
प्रेषित
किया
जायेगा।
शासन के
अनुमोदन
के बाद
कलेक्टर
द्वारा
निर्णय
लिया
जायेगा।
शासकीय
प्रयोजनों
के लिये
आवश्यक
न्यूनतम
शासकीय
भूमि की
ही अदला-बदली
की
जायेगी।
न्यूनतम
आवश्यकता
का
निर्धारण
संबंधित
विभाग
करेगा।
शासकीय
भूमि
तथा
निजी
भूमि का
मूल्य
उस समय
प्रचलित
बाजार
मूल्य
के
बराबर
होना
चाहिये।
किसी भी
स्थिति
में
निजी
भूमि से
अधिक
मूल्य
की
शासकीय
भूमि
नहीं दी
जायेगी।
अमेलिया
कोल-ब्लॉक
से
कोयला
मध्यप्रदेश
राज्य
खनिज
निगम को
आवंटित
अमेलिया
कोल-ब्लॉक,
जिला
सिंगरौली
के 288
मिलियन
टन खनन
योग्य
भण्डारों
से 60
प्रतिशत
कोयला
नार्दन
कोलफील्ड
की
नोटीफाइड
दरों से
20
प्रतिशत
कम दर पर
मध्यप्रदेश
पॉवर
जनरेटिंग
कम्पनी
को उनके
पॉवर
प्लांट्स
में
विद्युत
उत्पादन
के लिये
प्रदाय
करने का
निर्णय
लिया
गया।
भारत
सरकार
के वन
एवं
पर्यावरण
मंत्रालय
से इसके
लिये
आवश्यक
अनुमतियाँ
प्राप्त
हो जाने
पर
कम्पनी
को
आवश्यक
कोयले
की
पूर्ति
की
जायेगी,
जिससे
उनके
सभी
थर्मल
पॉवर
प्लांट
अपनी
पूरी
क्षमता
का
उपयोग
कर
सकेंगे
और
क्षमता
का
विस्तार
भी हो
सकेगा।
शेष 40
प्रतिशत
कोयला,
जिसकी
मात्रा
लगभग 115
मिलियन
टन होती
है,
प्रदेश
में
निजी
क्षेत्र
के ऐसे
विद्युत
संयंत्रों
को दिये
जाने का
निर्णय
लिया
गया
जिनकी
स्थापना
का
कार्य
तेज गति
से चल
रहा है
और जो
शीघ्र
विद्युत
उत्पादन
करने
वाले
हैं।
राज्य
शासन
द्वारा
इस
संबंध
में
गठित
अंतरविभागीय
समिति
द्वारा
निर्धारित
मापदण्डों
के
अनुसार
निजी
क्षेत्र
के दो
पॉवर
संयंत्रों
को
कोयला
प्रदाय
किया
जायेगा।
ये
दोनों
कम्पनियाँ
इस
कोयले
का
उत्पादन
कर 1260
मेगावॉट
बिजली
का
उत्पादन
कर
सकेंगी।
इन निजी
क्षेत्रों
के पॉवर
संयंत्रों
से
प्रदेश
को 30
प्रतिशत
अर्थात
लगभग 400
मेगावॉट
बिजली
मिलेगी।
दो
बीओटी
मार्ग
स्वीकृत
मंत्रि-परिषद
ने
बीओटी
के
अंतर्गत
दो
मार्गों
के
निर्माण
को
स्वीकृति
प्रदान
की। एक
मार्ग
पन्ना-अमानगंज-सिमरिया
(राजमार्ग
क्रमांक
47) है,
जिसकी
लम्बाई
लगभग 58.20
किलोमीटर
है।
इसके
बीओटी
पद्धति
पर
निर्माण
के लिये
97.13 करोड़
रुपये
की
स्वीकृति
दी गई
है।
दूसरा
मार्ग
उचेहरा-नागोद-कालिंजर
(राजमार्ग
क्रमांक
56) है,
जिसकी
लम्बाई
लगभग 55.6
किलोमीटर
है।
बीओटी
पद्धति
पर इसके
निर्माण
के लिये
115.20 करोड़
रुपये
की
स्वीकृति
प्रदान
की गई।
इस
दोनों
मार्ग
की
कंसेशन
अवधि 15
वर्ष
होगी
जिसमें
राज्य
शासन की
टोल-नीति
के
अनुसार
टोल
वसूली
की
जायेगी।
अन्य
निर्णय
मंत्रि-परिषद
ने
नवीनतम
टेक्नालॉजी
का
उपयोग
कर
ऊर्जा
उत्पादन
तथा
ऊर्जा
दक्षता
में
वृद्धि
करने के
उद्देश्य
से
कार्यालय
आयुक्त,
नवीन
एवं
नवकरणीय
ऊर्जा
के लिये
तकनीकी
अधिकारियों
एवं
तकनीशियनों
के
आवश्यकता
अनुरूप 5
नवीन पद
सृजन की
अनुमति
प्रदान
की।
मंत्रि-परिषद
ने
मध्यप्रदेश
कार्य-आवंटन
नियम
में
संशोधन
कर गृह
विभाग
द्वारा
संचालित
विभागीय
परीक्षा
से
संबंधित
विषय
सामान्य
प्रशासन
विभाग
के
अंतर्गत
आर.सी.व्ही.पी.
नरोन्हा
प्रशासन
एवं
प्रबंधकीय
अकादमी
को
आवंटित
करने का
निर्णय
लिया।
पहले यह
कार्य
मसूरी
अकादमी
द्वारा
किया
जाता
था।
मंत्रि-परिषद
ने आग की
रोकथाम
का
कार्य
गृह
विभाग
के
स्थान
पर
नगरीय
प्रशासन
एवं
विकास
विभाग
को
सौंपने
तथा इसी
विभाग
के
प्रशासनिक
नियंत्रण
के अधीन
अग्नि-शमन
संचालनालय
गठित
करने का
निर्णय
लिया।
मंत्रि-परिषद
ने
भोपाल
स्थित
आवास
आवंटन
नियम
में
भोपाल
नगर
निगम
क्षेत्र
के साथ-साथ
कोलार
नगर
पालिका
परिषद
क्षेत्र
को
जोड़कर
क्षेत्र
वृद्धि
करने का
निर्णय
लिया।
इससे
जिन
अधिकारियों
एवं
कर्मचारियों
के
पदस्थापना
वाली
जगह में
स्वयं
या उनके
परिवार
के किसी
सदस्य
के नाम
निजी
मकान
भोपाल
नगर
निगम
एवं
कोलार
नगर
पालिका
परिषद
क्षेत्र
में
स्थित
है तो
उनसे 45 (बी)
के अधीन
लायसेंस
शुल्क
लिया
जायेगा।
मंत्रि-परिषद
ने
वित्त
विभाग
द्वारा
तैयार
किये
गये
नवीन
आंतरिक
लेखा
परीक्षण
मेन्युअल
का
अनुमोदन
किया।
अभी तक
वित्तीय
वर्ष 88-89
में
जारी
किया
गया
ऑडिट
मेन्युअल
लागू
था।
नवीन
ऑडिट
मेन्युअल
में
विभागों/योजनाओं
के
परफार्मेंस
ऑडिट के
साथ-साथ
प्रक्रियागत
ऑडिट भी
किया
जायेगा।
इसके
अतिरिक्त
आई.टी.
ऑडिट का
भी
प्रावधान
रखा गया
है।
मंत्रि-परिषद
ने
रामपुर
नैकिन,
जिला
सीधी
में
सिविल
न्यायालय
वर्ग-2
का
न्यायालय
स्थापित
करने के
लिये
न्यायाधीश
तथा
अमले के
लिये
कुल 16
पदों के
निर्माण
को
स्वीकृति
दी।
मंत्रि-परिषद
ने
स्वामी
विवेकानंद
निजी
विश्वविद्यालय,
सागर
तथा
एकेएस
निजी
विश्वविद्यालय,
सतना के
संबंध
में
प्रस्तुत
(संशोधन)
अध्यादेश/विधेयक
2011 को
प्राख्यापित
करने की
अनुमति
प्रदान
की।
मंत्रि-परिषद
ने
निर्माण
कार्यों
के
प्रथम
निविदा
आमंत्रण
में एकल
निविदा
प्राप्त
होने के
कारण
यदि उस
निविदा
को बिना
खोले
उसी
कार्य
की
द्वितीय
निविदा
आमंत्रित
की जाती
है तब
प्रथम
निविदा
आमंत्रण
के एकल
निविदाकार
को
निविदा-प्रपत्र
क्रय
करने के
शुल्क
के
भुगतान
से छूट
देने का
निर्णय
लिया।
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