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मुख्यमंत्री
श्री
शिवराज
सिंह
चौहान
की
अध्यक्षता
में आज
सम्पन्न
मंत्रि
परिषद
की बैठक
में
प्रदेश
के चार
शासकीय
चिकित्सा
महाविद्यालयों
के
सुदृढ़ीकरण
के मकसद
81 करोड़ 2
लाख 80
हजार
रूपये
लागत की
परियोजना
का
अनुमोदन
किया
है। इस
राशि से
इन
चिकित्सा
महाविद्यालयों
में
आवश्यक
निर्माण
और नए
उपकरणों
की
खरीदी
के साथ
ही नए पद
उपलब्ध
कराए जा
सकेंगे।
मंत्रि
परिषद
ने इस
उद्देश्य
से
प्राध्यापक,
सह-प्राध्यापक,
प्रदर्शक,
सीनियर
रेसीडेंट,
जूनियर
रेसीडेंट
तथा
अन्य
अमले
सहित 92
नए पदों
के सृजन
को
मंजूरी
दी।
इसके
साथ ही
इन
चिकित्सा
महाविद्यालयों
में 203
अतिरिक्त
स्नातकोत्तर
(पी.जी.)
सीटें
निर्मित
करने का
फैसला
भी किया
गया है।
इनमें
से
गांधी
चिकित्सा
महाविद्यालय,
भोपाल
में 46,
नेताजी
सुभाषचन्द्र
बोस
चिकित्सा
महाविद्यालया,
जबलपुर
में 57,
महात्मा
गांधी
स्मृति
चिकित्सा
महाविद्यालय,
इंदौर
में 43 और
गजराराजा
चिकित्सा
महाविद्यालया,
ग्वालियर
में 57
अतिरिक्त
स्नातकोत्तर
सीटें
निर्मित
की
जाएगी।
12
नए ए.एन.एम.
स्कूल
खुलेंगे
प्रदेश
में
स्वास्थ्य
सेवाओं
के
सुदृढ़ीकरण
और
प्रशिक्षित
मानव
संसाधन
की
व्यवस्था
के मकसद
से 12 नए ए.एन.एम.
स्कूल
प्रारम्भ
करने का
निर्णय
भी आज
लिया
गया है।
प्रत्येक
ए.एन.एम.
स्कूल
में 40
सीटें
होगी।
ये ए.एन.एम.
स्कूल
प्रदेश
में
उमरिया,
अशोकनगर,
अलीराजपुर,
बुरहानपुर,
हरदा,
नीमच,
रीवा,
शाजापुर,
श्यौपुर,
सिंगरौली,
अनूपपुर
और
डिंडौरी
में इस
वर्ष
खोले
जाएंगे।
नए ए.एन.एम.
स्कूलों
पर
अनावर्ती
व्यय के
रूप में
126 करोड़ 78
लाख
रूपये
का व्यय
होगा।
इसका 15
प्रतिशत
करीब 19
करोड़
रूपये
राज्यांश
के रूप
में
राज्य
शासन
द्वारा
वहन
किया
जायेगा।
नए ए.एन.एम.
स्कूलों
के लिये
कुल
आवर्ती
व्यय 33
करोड़ 10
लाख
रूपये
की राशि
वर्ष 2011-12
तक
केन्द्र
सरकार
से
प्राप्त
होगी और
वर्ष 2012-13
से यह
व्यय
राज्य
शासन
द्वारा
व्यय
किया
जायेगा।
पवारखेड़ा
में जन-भागीदारी
(पीपीपी)
के तहत
कम्पोजिट
लॉजिस्टिक
हब की
स्थापना
मंत्रि
परिषद
ने
होशंगाबाद
जिले के
पवारखेड़ा
में जन-भागीदारी(पीपीपी)
के तहत
कम्पोजिट
लॉजिस्टिक
हब की
स्थापना
का
निर्णय
लिया
है।
योजना
के
लायसेंस
अवधि
तथा
निर्माण
कार्य
के लिए
तीन
वर्ष को
जोड़कर
कुल 33
वर्ष की
अवधि के
लिए
योजना
को
मंजूरी
दी गई
है।
लायसेंस
अवधि
समाप्त
होने पर
शासन
तथा
निवेशक
की
सहमति
पर इसकी
अवधि
आगामी 15
वर्ष और
बढ़ाई
जा
सकेगी।
उल्लेखनीय
है कि
प्रदेश
के कृषि
मंडी
क्षेत्रों
में
जहाँ
कृषि
विपणन
उपज के
साथ ही
उद्यानिकी,
खाद्य
संस्करण,
औद्योगिक
उत्पादन
की
व्यापक
संभावनाएँ
है वहाँ
इन
व्यवस्थाओं
के
उन्नयन
के लिये
आधारभूत
संरचनाएँ
विकसित
करने का
कार्य
मंडी
बोर्ड
द्वारा
किया
जाना
है। इस
बारे
में
संस्थागत
वित्त
के साथ
राज्य
स्तरीय
सशक्त
समिति
की
छठवीं
बैठक
में जन-भागीदारी
(पीपीपी)
योजनान्तर्गत
कार्य
करने पर
सहमति
हुई।
अन्य
महत्वपूर्ण
निर्णय
मंत्रि
परिषद
ने
सैनिक
कल्याण
संचालनालय,
भोपाल
और जिला
सैनिक
कल्याण
कार्यालयों
के लिये
स्वीकृत
122
अस्थाई
पदों को
वर्ष 2011-12
में भी
निरंतर
रखे
जाने को
भी
मंजूरी
दी है।
इसके
साथ ही
श्रम
विभाग
के
अंतर्गत
बीना (जिला
सागर)
तथा
सिंगरौली
(जिला
सिंगरौली)
में उप
संचालक,
औद्योगिक
स्वास्थ्य
एवं
सुरक्षा
के दो
नये
कार्यालय
की
स्थापना
को भी
मंजूरी
दी है।
इस
प्रकार
प्रदेश
में
मुख्यालय
सहित 12
के बदले
अब कुल 14
कार्यालय
स्थापित
हो
जाएंगे।
मंत्रि
परिषद
ने
महावीर
इन्स्टीट्यूट
ऑफ
मेडीकल
साइसेंज
एंड
रिसर्च
सेंटर
भोपाल
के भवन
निर्माण
कार्य
के
संबंध
में
विधायकगण
की
स्वैच्छा
निधि से
इस वर्ष
भी
सहयोग
राशि
देने के
प्रस्ताव
को
मंजूरी
दी है।
इस
उद्देश्य
से
विधानसभा
निर्वाचन
क्षेत्र
विकास
योजना
की
मार्गदर्शिका
की
कंडिका
1.1 को शिथिल
करने का
निर्णय
लिया
गया है।
विधायकगण
अपने
विधानसभा
निर्वाचन
क्षेत्र
के बाहर
पाँच
लाख
रूपये
की
अनुशंसा
कर राशि
प्रदान
कर
सकेंगे।
मंत्रि
परिषद
ने
राज्य
के
विभिन्न
सार्वजनिक
उपक्रमों,
निगमों,
मंडलों,
स्वायत
संस्थाओं
एवं
विधि
द्वारा
स्थापित
आयोग के
ऐसे
अध्यक्षों/उपाध्यक्षों/सदस्यों
को जो
स्वंय
के आवास
में
निवास
करते
हैं
उन्हें
अखिल
भारतीय
प्रशासनिक
सेवा के
सचिव
स्तर के
अधिकारीके
समकक्ष
गृह
भाड़ा
भत्ता
की
सुविधा
उपलब्ध
कराने
का
निर्णय
लिया
है।
वर्तमान
में
इन्हें
आवास
सुविधा
के
परिप्रेक्ष्य
में
किराए
पर मकान
लेने की
स्थिति
में
मासिक
किराया
भुगतान
की सीमा
निर्धारित
है
लेकिन
स्वंय
के मकान
में
रहने पर
मकान
किराया-भत्ता
अथवा
किराया
भुगतान
करने
संबंधी
कोई
प्रावधान
नहीं
थे।
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