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मुख्यमंत्री
श्री
शिवराज
सिंह
चौहान
की
अध्यक्षता
में आज
संपन्न
मंत्रि
परिषद
की बैठक
में
समस्त
कार्य
विभागों
में
ठेकेदारों
के
पंजीयन
की
केन्द्रीकृत
व्यवस्था
लागू
करने का
निर्णय
लिया
गया। इस
व्यवस्था
के
अंतर्गत
वर्तमान
में
ठेकेदारों
के 13
वर्गों
को
समाप्त
कर तीन
वर्गों
क्रमश: अ,
ब और स
में
पंजीयन
की
व्यवस्था
लागू की
जाएगी।
आवास
एवं लोक
स्वास्थ्य
मंत्री
एवं
मध्यप्रदेश
शासन के
प्रवक्ता
डा.
नरोत्तम
मिश्रा
ने
मंत्रि
परिषद
के
निर्णयों
की
जानकारी
देते
हुये
बताया
कि यह
निर्णय
मंथन 2009
की
अनुशंसाओं
के आधार
पर लिया
गया है ।
केन्द्रीकृत
पंजीयन
व्यवस्था
के लिये
राज्य
स्तर पर
प्रमुख
अभियंता
लोक
निर्माण
विभाग
भोपाल
के
कार्यालय
में
विभाग
के
मुख्य
अभियंता
स्तर के
अधिकारी
को
प्राधिकृत
किया
जायेगा।
लोक
निर्माण
विभाग
के
प्रत्येक
संभाग
में
कार्यपालन
यंत्री
इसके
लिये
संपर्क
अधिकारी
होंगे।
वे
पंजीयन
के लिये
इच्छुक
ठेकेदार
से
निर्धारित
प्रारुप
में
आवेदन
और
दस्तावेज
प्राप्त
कर उनके
परीक्षण
के बाद
केन्द्रीकृत
व्यवस्था
के
प्राधिकृत
अधिकारी
को
प्रेषित
करेंगे।
अ
श्रेणी
के
ठेकेदार
दस
करोड़
रुपये
से अधिक
के
कार्य, ब
श्रेणी
के
ठेकेदार
दो से दस
करोड़
रुपये
के
कार्य
तथा स
श्रेणी
के
पंजीकृत
ठेकेदार
दो
करोड़
रुपये
तक के
कार्य
विभिन्न
विभागों
में कर
सकेंगे।
ठेकेदारों
को
निचली
श्रेणी
में
अवनत
करने,
पंजीयन
का
निलम्बन,
पंजीयन
को रद्द
करने
तथा
ठेकेदारों
को काली
सूची
में
शामिल
करने का
अधिकार
संबंधित
विभाग
के
मुख्य
अभियंता
को
होगा।
इस
व्यवस्था
के
विरुद्ध
एक ही
अपील
संबंधित
प्रमुख
अभियंता/प्रबंध
संचालक
को की जा
सकेगी।
वर्तमान
में
पंजीकृत
ठेकेदारों
को तीन
माह के
भीतर नई
व्यवस्था
के
अंतर्गत
पंजीयन
कराना
अनिवार्य
होगा।
मुख्य
अभियंता
द्वारा
ठेकेदारों
के
विरुद्ध
की गई
कार्रवाई
की
जानकारी
तीन दिन
के अंदर
लोक
निर्माण
विभाग
के
प्राधिकृत
अधिकारी
को देना
अनिवार्य
होगा।
सूचना
प्राप्ति
पर की गई
कार्रवाई
की
जानकारी
पंजीकृत
ठेकेदार
के
रिकार्ड
में
दर्ज की
जायेगी।
ठेकेदारों
के
केन्द्रीकृत
पंजीयन
की
व्यवस्था
ई-रजिस्ट्रेशन
के
माध्यम
से तीन
माह के
भीतर
पूरे
प्रदेश
में
लागू की
जाएगी।
इस
व्यवस्था
के
अंतर्गत
सभी
ठेकेदारों
को
पंजीयन
की
जानकारी
के
अतिरिक्त
उनके
द्वारा
किये जा
रहे
कार्यों
की
जानकारी
तथा
उनके
खिलाफ
की गयी
किसी
प्रकार
की
दण्डात्मक
कार्रवाई
की
जानकारी
बेवसाइट
के
माध्यम
से
समस्त
विभागों
को
उपलब्ध
रहेगी।
बीओटी
के तहत
दो
मार्ग
स्वीकृत
मंत्रि
परिषद
ने
शुजालपुर-अकोदिया-सारंगपुर(राज
मार्ग) 14
के 38.46
किलोमीटर
निर्माण
कार्य
की
स्वीकृति
प्रदान
की । इस
कार्य
पर 68.38
करोड़
रुपए की
राशि
खर्च
होगी।
बीओटी
के
अंतर्गत
सड़क का
निर्माण
होगा।
राज्य
मंत्रि
परिषद
ने
खंडवा-देहतलाई-बुरहानुपर(राजमार्ग
50) के 127.09
किलोमीटर
मार्ग
निर्माण
की
मंजूरी
भी दी ।
इस सड़क
निर्माण
कार्य
पर 234.25
करोड़
रुपए की
राशि
व्यय की
जाएगी।
यह सड़क
भी
बीओटी
के
अंतर्गत
निर्मित
की
जाएगी।
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